मधुबनी।भारत–नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जाली नोटों की तस्करी के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। मधुबनी जिले के हरलाखी थाना क्षेत्र अंतर्गत पिपरौन बॉर्डर पर एसएसबी, एसटीएफ (सीतामढ़ी) और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 200 रुपये के 173 जाली भारतीय नोट बरामद किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत 34,600 रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई ने सीमा क्षेत्र में सक्रिय जाली नोट नेटवर्क की मौजूदगी की फिर पुष्टि कर दी है।
यह कार्रवाई 29 जनवरी 2026 को गुप्त सूचना के आधार पर की गई। मधुबनी के पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिला था कि नेपाल की ओर से जाली भारतीय नोटों की खेप बाइक के जरिए पिपरौन बॉर्डर होते हुए भारत लाई जाने वाली है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसएसबी और एसटीएफ ने हरलाखी थाना पुलिस के साथ मिलकर सीमा क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी।
सीमा के भीतर 200 मीटर पर दबोचे गए तस्कर
निगरानी के दौरान पिलर संख्या 284/20 से भारत की ओर करीब 200 मीटर अंदर एक नीली बाइक पर सवार दो व्यक्ति पिपरौन गांव की दिशा में आते दिखाई दिए। पुलिस टीम को देखते ही दोनों ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद जवानों ने पीछा कर उन्हें पकड़ लिया। तलाशी के दौरान एक आरोपी की जेब से बड़ी संख्या में 200 रुपये के जाली नोट बरामद हुए, जबकि दूसरे के पास से मोबाइल फोन मिला।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुकेश कुमार महतो, पिता भोगी महतो, निवासी गोपालपुर (हरलाखी थाना क्षेत्र) और सिकिल पंडित, पिता चौधरी पंडित के रूप में की गई है। इनके पास से एक नीली बाइक और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए कब्जे में ले लिया गया है।
बैंक जांच में नोट पूरी तरह जाली साबित
बरामद नोटों की प्रामाणिकता की पुष्टि के लिए पुलिस ने उन्हें पंजाब नेशनल बैंक में जांच के लिए भेजा। बैंक अधिकारियों ने सभी नोटों को पूरी तरह जाली करार दिया और इस संबंध में प्रमाण पत्र भी जारी किया गया है। पुलिस के अनुसार, यह प्रमाण पत्र आगे की कानूनी कार्रवाई और नेटवर्क के खुलासे में अहम सबूत साबित होगा।
नेपाल कनेक्शन आया सामने
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे नेपाल से जाली भारतीय नोट लाकर बिहार के विभिन्न इलाकों में खपाने की योजना बना रहे थे। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में मुकेश महतो ने खुलासा किया कि ये जाली नोट नेपाल के धनुषा जिले के फुलगामा थाना क्षेत्र के देव नारायण यादव से प्राप्त किए गए थे। माना जा रहा है कि यही व्यक्ति इस नेटवर्क का प्रमुख सप्लायर है। अब पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस अंतरराष्ट्रीय कड़ी की गहराई से जांच कर रही हैं, ताकि पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
इस मामले में हरलाखी थाना में कांड संख्या 32/2026 दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की गंभीर धाराओं 318(4), 338, 336(3), 340(2), 178, 179, 180 और 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। सीमा क्षेत्र में जाली नोट तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत–नेपाल सीमा पर निगरानी और सख्त की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।