:
Breaking News

नीट छात्रा मौत मामला: कांग्रेस ने बिहार सरकार पर साधा निशाना, सीबीआई जांच की सिफारिश पर उठाए सवाल

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

पटना में नीट छात्रा की रहस्यमयी मौत को लेकर बिहार में सियासत लगातार गरमाई हुई है। शनिवार (31 जनवरी, 2026) को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने एक्स हैंडल पर जानकारी साझा की कि बिहार सरकार ने इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए केंद्र सरकार से सीबीआई जांच की सिफारिश की है। इसी बीच कांग्रेस ने भी मामले पर अपनी प्रतिक्रिया जारी करते हुए सरकार पर तीखा हमला किया है।
बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने कहा कि इस मामले में बिहार सरकार का रवैया पीड़िता के परिवार के प्रति निरंतर परेशान करने वाला रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट छात्रा के रेप और हत्या के मामले में बिहार पुलिस ने लगातार सस्पेंस बनाए रखा और जांच में जो शिथिलता दिखाई, वह कहीं से भी स्वीकार्य नहीं है। डॉ. वर्धन ने सवाल उठाया कि क्या हाई-प्रोफाइल लोगों को बचाने की कोशिशों के कारण ही मामला अब सीबीआई को सौंपा गया है।
डॉ. वर्धन ने कहा, "बिहार सरकार ने यह मान लिया है कि राज्य की पुलिस नाकाम है। अब देखना होगा कि सीबीआई कितनी कारगर साबित होती है। मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करना ही न्याय का रास्ता है।"
इस घटना की पृष्ठभूमि कुछ इस प्रकार है: 11 जनवरी, 2026 को पटना के चित्रगुप्त नगर में रहने वाली नीट छात्रा अपने हॉस्टल के कमरे में बेहोश पाई गई थी। कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद छात्रा की निजी अस्पताल में मौत हो गई। छात्रा के परिवार ने आरोप लगाया कि उसका यौन उत्पीड़न किया गया और मामले को दबाने की कोशिश की गई। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की आशंका को पूरी तरह खारिज नहीं किया गया। वहीं पुलिस ने शुरुआत में इसे सामान्य मौत की तरह प्रस्तुत किया था, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और मेडिकल रिपोर्ट ने शुरुआती दावों को चुनौती दी।
इस मामले में हॉस्टल के एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन सवाल यह उठ रहे हैं कि उच्च प्रोफाइल व्यक्तियों और अधिकारियों की भूमिका की जांच कब और कैसे होगी। कांग्रेस का कहना है कि यह केवल अपराध की जांच का मामला नहीं, बल्कि सरकार की प्रशासनिक जवाबदेही और कानून-व्यवस्था की परीक्षा भी है।
नीट छात्रा की मौत के बाद अब तक बिहार सरकार और पुलिस की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस का बयान इस मामले में राजनीतिक दबाव बढ़ाने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में सीबीआई जांच की दिशा, निष्पक्षता और मामलों में वास्तविक दोषियों की गिरफ्तारी पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *