नई दिल्ली/पटना: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार, 1 फरवरी 2026 को संसद में केंद्रीय बजट 2026 पेश किया। बजट भाषण में बुनियादी ढांचा, परिवहन, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन पर विशेष जोर देते हुए बिहार को कई अहम सौगातें दी गईं। राजनीतिक समीकरणों और आगामी चुनावों को देखते हुए इस बजट को बिहार के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। केंद्र सरकार ने संकेत दिए हैं कि आने वाले वर्षों में बिहार को लॉजिस्टिक्स, जल परिवहन और कनेक्टिविटी के बड़े केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
बजट 2026 में पर्यावरण के अनुकूल कार्गो परिवहन को बढ़ावा देने के लिए व्यापक बुनियादी ढांचा योजना का प्रस्ताव रखा गया है। इसके तहत वाराणसी और पटना में विशेष शिप रिपेयर इकोसिस्टम विकसित किए जाएंगे। पटना में इस सुविधा के विकसित होने से गंगा जलमार्ग पर चलने वाले जहाजों और बार्ज की मरम्मत स्थानीय स्तर पर संभव होगी, जिससे परिवहन लागत में कमी आएगी और तकनीकी क्षेत्र में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
केंद्रीय बजट में देशभर में 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा भी की गई है। इनमें वाराणसी से सिलीगुड़ी के बीच प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को बेहद अहम माना जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि यह कॉरिडोर बिहार से होकर गुजरेगा, जिससे राज्य के कई जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। इस परियोजना से उत्तर प्रदेश, बिहार और पूर्वोत्तर भारत के बीच यात्रा समय में कमी आएगी और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
बजट में डंकुनी से सूरत तक एक नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण का भी प्रस्ताव है, जो पूर्वी भारत को पश्चिमी औद्योगिक क्षेत्रों से जोड़ेगा। इसके साथ ही अगले पांच वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग शुरू करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसकी शुरुआत ओडिशा के नेशनल वॉटरवे-5 से होगी, जो तालचेर, अंगुल और कलिंगनगर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को पारादीप और धमरा बंदरगाह से जोड़ेगा। इसका अप्रत्यक्ष लाभ बिहार के व्यापार और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मिलने की उम्मीद है।
‘अमृतसर-दिल्ली-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर’ के तहत बिहार में 5 से 6 नए औद्योगिक शहरों के विकास की संभावना भी जताई गई है। इसके अलावा कोसी-मेची नदी जोड़ परियोजना और नए बैराजों के लिए बजटीय समर्थन से बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलने की उम्मीद है। रोजगार सृजन के मोर्चे पर राज्य सरकार के एक करोड़ नौकरियों के लक्ष्य को देखते हुए स्किल डेवलपमेंट और MSME सेक्टर के लिए विशेष प्रावधानों के संकेत भी बजट में मिले हैं।
बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को एक सक्षम और दूरदर्शी वित्त मंत्री मिली हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार लगातार जनहित में बड़े और साहसिक फैसले ले रही है। गौरतलब है कि पिछले बजट में भी बिहार को मखाना बोर्ड की स्थापना, गया-बोधगया धार्मिक कॉरिडोर, आईआईटी पटना के विस्तार, नए एयरपोर्ट और बाढ़ प्रबंधन के लिए हजारों करोड़ रुपये का प्रावधान मिला था।
कुल मिलाकर केंद्रीय बजट 2026 बिहार के लिए कनेक्टिविटी, औद्योगिक विकास और रोजगार के लिहाज से अहम माना जा रहा है। यदि घोषणाएं समयबद्ध तरीके से लागू होती हैं, तो बिहार आर्थिक विकास की नई पटरी पर तेजी से आगे बढ़ता नजर आएगा।