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इंस्टाग्राम विवाद से हत्या तक: पूर्णिया में ब्लॉगर सूरज बिहारी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या, सीसीटीवी ने खोली साजिश की परतें

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पूर्णिया: सोशल मीडिया पर शुरू हुआ एक मामूली विवाद पूर्णिया में खूनी वारदात में तब्दील हो गया। चर्चित ब्लॉगर और कारोबारी सूरज बिहारी की 27 जनवरी को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। मरंगा थाना क्षेत्र के नेवालाल चौक पर हुई इस वारदात का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पूरे घटनाक्रम की भयावह तस्वीर साफ हो गई है। वीडियो में अपराधियों की बेखौफ हरकतें और महज कुछ सेकेंड में अंजाम दी गई हत्या पुलिस व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्याकांड की जड़ इंस्टाग्राम पर एक युवती की पोस्ट को लेकर हुआ विवाद था। घटना वाले दिन सूरज बिहारी के छोटे भाई उदय यादव और उनके साथी सूरज शर्मा का इंस्टाग्राम पोस्ट को लेकर युवती के बॉयफ्रेंड स्नेहिल झा से विवाद हुआ था। मामला बढ़ता देख सूरज बिहारी, जो इलाके में एक सुलझे हुए और प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में जाने जाते थे, अपने निजी गार्ड के साथ विवाद सुलझाने के लिए मौके पर पहुंचे थे।
सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, सूरज बिहारी सड़क पर टहलते हुए सामने वालों का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान कुछ दूरी पर कहासुनी शुरू होती है। कुछ ही पलों में सफेद रंग की दो बाइकों पर सवार चार युवक मौके पर पहुंचते हैं और धक्का-मुक्की शुरू हो जाती है। हालात संभलने से पहले तीसरी बाइक पर सवार एक अन्य अपराधी वहां पहुंचता है और पहले हवाई फायरिंग कर इलाके में दहशत फैला देता है।
इसके बाद अपराधी ने सीधे सूरज बिहारी को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। पहली गोली सीने में, दूसरी पेट में और तीसरी बाईं बांह में लगी। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद सूरज बिहारी ने हिम्मत दिखाते हुए कुछ दूर तक अपराधियों का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन अंततः वे सड़क पर गिर पड़े। भाई और गार्ड ने उन्हें तत्काल स्कॉर्पियो से लाइन बाजार स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
इस सनसनीखेज हत्याकांड में स्नेहिल झा के साथ ब्रजेश सिंह और नंदू सिंह के नाम सामने आए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार ब्रजेश सिंह पहले भी बच्चा जेल गोलीकांड का मुख्य आरोपी रह चुका है, जिससे उसके आपराधिक इतिहास की पुष्टि होती है। पुलिस ने इस मामले में अपराधियों को शरण देने और संलिप्तता के आरोप में केपी मार्केट निवासी श्रवण दास के पुत्र विशाल कुमार को एक पिस्टल के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
हालांकि, मुख्य आरोपी ब्रजेश सिंह और स्नेहिल झा अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। इस बीच पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही के कारण ही कन्हैया झा और ब्रजेश सिंह जैसे अपराधी कार से सिलीगुड़ी फरार होने में सफल रहे।
फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। यह हत्याकांड न केवल सोशल मीडिया विवादों की खतरनाक परिणति को उजागर करता है, बल्कि कानून-व्यवस्था और अपराधियों के बढ़ते हौसले पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

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