पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के बाद राज्य सरकार आज अपना पहला आम बजट पेश करने जा रही है। मंगलवार को अपराह्न 2 बजे वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत करेंगे। इस बजट को लेकर सरकार और विपक्ष दोनों की निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसे आने वाले पांच वर्षों की विकास दिशा तय करने वाला बजट माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार इस बजट में रोजगार सृजन, शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, किसानों की आमदनी बढ़ाने और बुनियादी ढांचे के विस्तार पर विशेष जोर दिया जा सकता है। सरकार पहले ही युवाओं को एक करोड़ नौकरी और रोजगार के अवसर देने का ऐलान कर चुकी है, ऐसे में बजट में इसके लिए ठोस प्रावधान किए जाने की उम्मीद है। युवाओं की आय बढ़ाने और स्किल डेवलपमेंट से जुड़े कार्यक्रमों को भी नई धार मिल सकती है।
शिक्षा क्षेत्र को इस बार बजट में विशेष तवज्जो मिलने के संकेत हैं। माना जा रहा है कि शिक्षा विभाग के बजट में तीन से पांच प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है। साथ ही 2025-26 की तुलना में 2026-27 में लगभग 10 हजार करोड़ रुपये अधिक खर्च किए जाने की संभावना जताई जा रही है, जिससे स्कूलों, कॉलेजों और उच्च शिक्षा संस्थानों के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिल सकती है।
कृषि क्षेत्र भी बजट के केंद्र में रहने की उम्मीद है। फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से किसानों की डिजिटल पहचान तैयार की जा रही है, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके। बजट में किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और कृषि से जुड़े नए प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा संभव मानी जा रही है।
औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए सरकार नए उद्योगों को आकर्षित करने पर भी फोकस कर सकती है। बिहार को इंडस्ट्रियल हब के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से बजट में नई औद्योगिक इकाइयों के लिए प्रोत्साहन योजनाएं और विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की जा सकती है।
महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर भी अहम एलान होने की संभावना है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत पहले चरण में महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की सहायता दी जा चुकी है। अब अगले चरणों में चार किस्तों में 2-2 लाख रुपये तक की सहायता राशि दिए जाने की तैयारी है, जिसके लिए बजट में राशि आवंटन किया जा सकता है।
इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर भी सरकार बड़े कदम उठा सकती है। राज्य में प्रस्तावित नौ एक्सप्रेसवे, शहरों और ग्रामीण इलाकों की सड़कों, नए रेलवे ट्रैक, बस स्टैंड और आरओबी परियोजनाओं के लिए बजट में पर्याप्त प्रावधान किए जाने की उम्मीद है। कुल मिलाकर आज पेश होने वाला बजट न केवल मौजूदा सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करेगा, बल्कि बिहार के विकास की आगामी तस्वीर भी पेश करेगा।