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बिहार में जमीन दस्तावेजों का डिजिटल युग:1908 से अब तक की रजिस्ट्री एक क्लिक पर,दफ्तरों के चक्कर खत्म

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पटना। बिहार में जमीन से जुड़े कागजातों को लेकर लोगों की दशकों पुरानी परेशानी अब इतिहास बनने वाली है। नीतीश सरकार जून महीने से एक ऐसी डिजिटल व्यवस्था लागू करने जा रही है, जिसके तहत वर्ष 1908 से अब तक के सभी रजिस्ट्री दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध होंगे। अब लोगों को दादा-परदादा के जमाने के केवाला या रजिस्ट्री पेपर निकालने के लिए निबंधन कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बल्कि मोबाइल या लैपटॉप पर ही दस्तावेज मिल जाएंगे।
मद्य निषेध,उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य के सभी निबंधन कार्यालयों में सुरक्षित पुराने दस्तावेजों की स्कैनिंग लगभग अंतिम चरण में पहुंचा दी है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार अगले कुछ महीनों में यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और जून से विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर सभी उपलब्ध रजिस्ट्री पेपर अपलोड कर दिए जाएंगे।
विशेष बात यह है कि वर्ष 1990 से 2005 तक के रजिस्ट्री दस्तावेज पहले ही डिजिटल रूप में ऑनलाइन किए जा चुके हैं, जबकि 2006 के बाद की रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड है। अब 1908 से 1990 तक के करीब 82 वर्षों के दस्तावेज भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाए जा रहे हैं।
ऑनलाइन रजिस्ट्री दस्तावेज प्राप्त करने के लिए आवेदक को खाता नंबर,प्लॉट नंबर समेत आवश्यक विवरण दर्ज करना होगा। इसके बाद 600 रुपये का शुल्क ऑनलाइन जमा करते ही ई-रजिस्ट्री पेपर डाउनलोड किया जा सकेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन प्राप्त यह रजिस्ट्री दस्तावेज सरकारी और निजी दोनों तरह के कार्यों में पूरी तरह मान्य होंगे।
राज्य के 141 निबंधन कार्यालयों में संरक्षित करीब 6 करोड़ से अधिक रजिस्ट्री दस्तावेजों को चरणबद्ध तरीके से डिजिटल किया जा रहा है। इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए पांच चयनित एजेंसियां प्रमंडलवार स्कैनिंग का काम कर रही हैं। परियोजना पर होने वाले खर्च को राज्य और केंद्र सरकार संयुक्त रूप से वहन कर रही हैं।
अब तक पुराने दस्तावेज निकालने के लिए लोगों को मैनुअल आवेदन देना पड़ता था और महीनों तक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। नई डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद जमीन विवाद,बैंक लोन,कोर्ट केस या पारिवारिक बंटवारे जैसे मामलों में जरूरी दस्तावेज पाना आसान,तेज और पारदर्शी हो जाएगा। आवेदन के लिए वेबसाइट पर नाम,ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर से लॉगिन करना होगा,जिसके बाद शुल्क भुगतान पर दस्तावेज तुरंत डाउनलोड किया जा सकेगा।

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