:
Breaking News

बिहार बजट पर टिकी निगाहें:बिजेंद्र यादव आज पेश करेंगे नई सरकार का पहला बजट,रोजगार और महिला योजनाओं पर बड़ा दांव

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बाद आज राज्य सरकार अपना पहला आम बजट पेश करने जा रही है। वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव दोपहर 2 बजे विधानसभा में बजट प्रस्तुत करेंगे। इस बजट को लेकर राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जनता तक खासा उत्साह है,क्योंकि इसमें एनडीए सरकार के बड़े चुनावी वादों पर ठोस फैसले होने की उम्मीद जताई जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक बजट में एक करोड़ नौकरी और रोजगार सृजन के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए बड़े प्रावधान किए जा सकते हैं। युवाओं के स्वरोजगार,स्किल डेवलपमेंट और आय बढ़ाने वाली योजनाओं को नई दिशा मिलने की संभावना है। इसके साथ ही महिला सशक्तिकरण को लेकर भी अहम ऐलान हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि महिलाओं को चरणबद्ध तरीके से 2-2 लाख रुपये की सहायता देने वाली योजना पर बजटीय मुहर लग सकती है।
किसानों की आमदनी बढ़ाने,कृषि से जुड़े ढांचे को मजबूत करने और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचाने पर भी सरकार का विशेष फोकस रह सकता है। इसके अलावा उद्योगों को बढ़ावा देने,निवेश आकर्षित करने,सड़कों और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था में सुधार से जुड़ी घोषणाएं बजट का अहम हिस्सा हो सकती हैं।
पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में नीतीश सरकार ने विकास और सामाजिक कल्याण को प्राथमिकता दी थी। उस बजट में कुल राजस्व व्यय 2.52 लाख करोड़ रुपये रखा गया था,जो कुल बजट का लगभग 79.52 प्रतिशत था। सरकार का जोर रोजमर्रा की सेवाओं,बुनियादी सुविधाओं और आम जनता से जुड़े क्षेत्रों पर रहा था।
शिक्षा विभाग को उस बजट में सबसे अधिक 60964 करोड़ रुपये मिले थे,जिससे स्कूलों,कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के विस्तार,शिक्षकों की नियुक्ति और छात्रवृत्ति योजनाओं को मजबूती मिली। स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 20000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था,जिससे सरकारी अस्पतालों,मेडिकल कॉलेजों और मुफ्त इलाज से जुड़ी योजनाओं को गति मिली।
सड़क और परिवहन के लिए 17000 करोड़ रुपये,गृह विभाग के लिए 17831 करोड़ रुपये और ग्रामीण विकास विभाग के लिए 16043 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया था। ऊर्जा विभाग को 13484 करोड़ रुपये मिले थे,जिससे बिजली आपूर्ति और नए पावर प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा मिला। वहीं समाज कल्याण विभाग के लिए 13000 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया था,जिससे एससी-एसटी,अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग से जुड़ी योजनाओं को मजबूती मिली।
अब देखना अहम होगा कि नया बजट चुनावी वादों को किस हद तक जमीन पर उतारने का रोडमैप पेश करता है और बिहार के विकास की दिशा को कैसे आगे बढ़ाता है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *