पटना: फरवरी 2026 के बजट सत्र में नीतीश सरकार ने किसानों को लेकर बड़ा और सीधा संदेश दिया है। जब केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में फिलहाल किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं हुई है और किसानों को सालाना 6,000 रुपये ही मिल रहे हैं, उसी बीच बिहार सरकार ने राज्य के किसानों के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहारा देने का फैसला किया है। राज्य सरकार के इस कदम से बिहार के पात्र किसानों को अब केंद्र और राज्य की योजनाओं को मिलाकर सालाना कुल 9,000 रुपये मिलेंगे।
बजट 2026 में सरकार ने ‘जननायक कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि योजना’ की घोषणा की है। इस योजना के तहत बिहार सरकार किसानों को सालाना 3,000 रुपये की अतिरिक्त सहायता देगी। सरकार का कहना है कि बढ़ती लागत, महंगे बीज, खाद और खेती से जुड़ी जरूरतों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, ताकि किसानों की नकद आमदनी में सीधा इजाफा हो और वे खेती के खर्च आसानी से संभाल सकें।
यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब देशभर में किसान संगठन और विपक्षी दल लगातार पीएम-किसान योजना की राशि बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग है कि सालाना 6,000 रुपये की जगह 9,000 रुपये दिए जाएं, जिससे हर किस्त 2,000 के बजाय 3,000 रुपये हो सके। हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से अभी तक इस पर कोई अंतिम घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में बिहार सरकार का यह कदम केंद्र के फैसले से अलग हटकर किसानों को तत्काल राहत देने वाला माना जा रहा है।
पीएम-किसान की अगली यानी 22वीं किस्त को लेकर भी किसानों में उत्सुकता बनी हुई है। संभावना जताई जा रही है कि फरवरी 2026 में यह किस्त जारी की जा सकती है। सरकार की ओर से किसानों को यह सलाह दी जा रही है कि वे समय रहते ई-केवाईसी और आधार सीडिंग की प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि भुगतान में किसी तरह की रुकावट न आए। जिन किसानों की जानकारी अधूरी है, उनकी किस्त अटकने की आशंका बनी रहती है।
राज्य सरकार का मानना है कि अतिरिक्त 3,000 रुपये की यह सहायता छोटी लग सकती है, लेकिन लाखों किसानों के लिए यह रकम खेती से जुड़े जरूरी खर्चों में सहारा बनेगी। खासकर छोटे और सीमांत किसानों को इससे राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही यह कदम राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक संकेत भी माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, जहां केंद्र स्तर पर पीएम-किसान की राशि बढ़ाने को लेकर अभी इंतजार बना हुआ है, वहीं बिहार सरकार ने पहल करते हुए अपने किसानों को अतिरिक्त लाभ देने का फैसला कर लिया है। इस फैसले के बाद बिहार उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है, जहां किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए राज्य स्तर पर सीधा आर्थिक सहयोग दिया जा रहा है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि केंद्र सरकार इस मांग पर कब और क्या फैसला लेती है।