थानाध्यक्षों को एसपी की सख्त चेतावनी: चोरी पर नहीं लगी लगाम तो होगी कार्रवाई
---------------------------------------
कलेक्ट्रेट सभागार में अपराध समीक्षा बैठक, बाइक चोरी पर विशेष फोकस
---------------------------------------
समस्तीपुर।जिले में बढ़ती चोरी और बाइक चोरी की घटनाओं को लेकर पुलिस प्रशासन अब सख्त रुख में नजर आ रहा है। रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित अपराध समीक्षा बैठक में एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने सभी एसडीपीओ, डीएसपी, इंस्पेक्टर और थानाध्यक्षों के साथ जिले की कानून-व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की। बैठक के दौरान एसपी ने स्पष्ट कहा कि अगर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हुआ तो जिम्मेदारी तय करते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एसपी ने हाल के दिनों में लगातार सामने आ रही चोरी की घटनाओं पर नाराजगी जताई और कमजोर प्रदर्शन वाले थानों को कड़ा संदेश दिया। विशेष रूप से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ी बाइक चोरी को गंभीर चुनौती बताते हुए प्रत्येक थाना क्षेत्र को ठोस लक्ष्य सौंपे गए। उन्होंने कहा कि बाइक चोरी की रोकथाम और इसमें शामिल अपराधियों की गिरफ्तारी थानों की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
रात की गश्ती और जनता दरबार अनिवार्य
एसपी ने सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया कि सुनसान और संवेदनशील इलाकों में देर रात नियमित गश्ती सुनिश्चित की जाए। साथ ही हर थाना क्षेत्र में सोमवार और शुक्रवार को अनिवार्य रूप से जनता दरबार आयोजित कर आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए। उन्होंने साफ कहा कि फरियादियों की शिकायतों के निष्पादन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई तय है।
लंबित मामलों के निष्पादन पर जोर
बैठक में थानों में लंबित कांडों की समीक्षा करते हुए एसपी ने समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन का निर्देश दिया। न्यायालय से प्राप्त परिवाद पत्रों पर शीघ्र प्राथमिकी दर्ज करने, फरियादियों से शालीन व्यवहार और त्वरित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
डायल-112 और ई-साक्ष्य पर सख्ती
डायल-112 की गश्ती और रिस्पांस को और मजबूत करने के निर्देश देते हुए एसपी ने महत्वपूर्ण मामलों से संबंधित वीडियो और साक्ष्य ई-साक्ष्य ऐप पर समय से अपलोड करने को कहा। शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वालों और तस्करों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में एसपी के सख्त तेवर साफ नजर आए। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों का निष्पादन और जनता के प्रति संवेदनशील पुलिसिंग उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। निर्देशों की नियमित समीक्षा होगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
निर्देशों से आगे, अब अमल की परीक्षा
जिले में चोरी और बाइक चोरी की बढ़ती घटनाओं ने आम लोगों के मन में असुरक्षा की भावना पैदा की है। ऐसे समय में अपराध समीक्षा बैठक के दौरान एसपी द्वारा थानाध्यक्षों को दी गई सख्त चेतावनी एक जरूरी और सकारात्मक संकेत है। यह संदेश साफ है कि अब अपराध नियंत्रण में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हालांकि सख्त निर्देश अपने आप में पर्याप्त नहीं होते। असली बदलाव तब दिखेगा जब ये आदेश थाना स्तर पर जमीन पर उतरेंगे। नियमित गश्ती, जनता दरबार और लंबित मामलों का समय पर निष्पादन ही पुलिस और जनता के बीच भरोसे को मजबूत कर सकता है।
डायल-112 और ई-साक्ष्य जैसे संसाधनों का प्रभावी उपयोग जांच को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है। जरूरत इस बात की है कि हर थाना इन व्यवस्थाओं को औपचारिकता नहीं, बल्कि जिम्मेदारी के रूप में अपनाए।
कुल मिलाकर, बैठक ने दिशा तो तय कर दी है। अब चुनौती अमल की है। यदि निर्देशों का ईमानदारी से पालन हुआ, तो जिले में अपराध पर नियंत्रण संभव है। अन्यथा सख्ती सिर्फ बैठकों तक सीमित रह जाएगी।