:
Breaking News

बिहार के दो सिविल कोर्ट को उड़ाने की धमकी से हड़कंप, पटना और भागलपुर कोर्ट खाली, सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

बिहार में न्यायिक संस्थानों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंता खड़ी हो गई है। पटना सिविल कोर्ट और भागलपुर सिविल कोर्ट को ई‑मेल के जरिए विस्फोट से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद दोनों कोर्ट परिसरों में हड़कंप मच गया। धमकी की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने बिना देरी किए कोर्ट परिसर को तत्काल खाली कराने का आदेश जारी किया। यह घटना एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार सामने आई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई हैं।
धमकी की सूचना मिलते ही कोर्ट में मौजूद न्यायाधीश, अधिवक्ता, कर्मचारी और फरियादियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। कुछ ही समय में पूरा कोर्ट परिसर खाली करा लिया गया। अचानक हुई इस कार्रवाई से न्यायिक परिसर में अफरा‑तफरी का माहौल बन गया और अदालतों का कामकाज अस्थायी रूप से बाधित हो गया। कोर्ट के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया।
बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की तैनाती
सूचना मिलते ही पुलिस के साथ बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड को मौके पर बुलाया गया। टीमों ने कोर्ट की इमारत, कमरों, गलियारों और आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान शुरू किया। हालांकि प्रारंभिक जांच में अब तक किसी तरह की विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई है, लेकिन एहतियातन तलाशी और निगरानी जारी रखी गई है।
प्रशासन ने कोर्ट के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर सख्त जांच शुरू कर दी है। आने‑जाने वाले हर व्यक्ति पर नजर रखी जा रही है। वरिष्ठ अधिवक्ता ऋषिकेश नारायण सिन्हा ने बताया कि ई‑मेल में कोर्ट को उड़ाने की सीधी धमकी दी गई थी, जिसे देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन ने कोई जोखिम नहीं लिया और सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल तत्काल लागू कर दिए।
धमकी का कंटेंट और जांच का दायरा
सूत्रों के अनुसार, धमकी भरे ई‑मेल में अत्यधिक खतरनाक भाषा का प्रयोग किया गया है और विस्फोटक लगाने का दावा किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि हर एंगल से जांच की जा रही है। यह शरारती तत्वों द्वारा फैलाया गया डर भी हो सकता है, लेकिन किसी भी संभावना को नकारा नहीं जा रहा। जब तक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक सुरक्षा में किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।
एक हफ्ते में दूसरी बार धमकी
गौरतलब है कि इससे पहले भी एक सप्ताह पहले बिहार के कई सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। उस समय मुजफ्फरपुर, भागलपुर, सिवान और बेगूसराय सिविल कोर्ट शामिल थे। तब भी कोर्ट परिसरों को आनन‑फानन में खाली कराया गया था और व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया गया था।
लगातार मिल रही धमकियों के कारण न्यायिक परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि न्यायिक कामकाज की निरंतरता बनाए रखते हुए सुरक्षा के स्तर को और मजबूत किया जाए, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से समय रहते निपटा जा सके।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *