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बिहार में जमीन रजिस्ट्री के नए नियम 1 अप्रैल से लागू, अब 13 जानकारियां देना होगा अनिवार्य
- Reporter 12
- 17 Feb, 2026
पटना: बिहार में जमीन खरीद-फरोख्त की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और विवादमुक्त बनाने के लिए सरकार ने बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। 1 अप्रैल 2026 से जमीन रजिस्ट्री का नया नियम लागू होगा, जिसके तहत अब रजिस्ट्री कराने वाले हर आवेदक को 13 अनिवार्य जानकारियां देना जरूरी होगा। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं और इसे सात निश्चय-3 कार्यक्रम के तहत लागू किया जा रहा है ताकि फर्जीवाड़ा, गलत दस्तावेज और भूमि विवादों पर रोक लगाई जा सके। नई व्यवस्था के अनुसार रजिस्ट्री से पहले आवेदक को निबंधन कार्यालय का नाम, अंचल, मौजा, थाना, खाता संख्या, खेसरा, जमीन का रकबा, चौहद्दी, जमाबंदी विवरण, जमाबंदी धारक का नाम, क्रेता-विक्रेता का पूरा ब्योरा और भूमि का प्रकार जैसी सभी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करनी होगी। इसके लिए सबसे पहले ई-निबंधन पोर्टल पर अकाउंट बनाकर लॉग-इन करना अनिवार्य होगा, जिसके बाद दर्ज की गई जानकारी स्वतः संबंधित अंचल अधिकारी के पास सत्यापन के लिए चली जाएगी। अधिकारी रिकॉर्ड की जांच कर 10 दिनों के भीतर आवेदक को मैसेज के जरिए स्थिति की सूचना देंगे और यदि तय समय में सूचना नहीं मिलती है तो इसे जानकारी में त्रुटि माना जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इस नई प्रणाली से जमीन की असली स्थिति और स्वामित्व स्पष्ट रहेगा, दोहरी बिक्री और फर्जी रजिस्ट्री जैसे मामलों पर लगाम लगेगी तथा पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, डिजिटल और भरोसेमंद बनेगी, जिससे आम लोगों को रजिस्ट्री के दौरान होने वाली अनियमितताओं से राहत मिलने की उम्मीद है।
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