Breaking News
फुलवारी शरीफ छात्रा मौत मामला: संदिग्ध परिस्थितियों में छात्रा की मौत, हत्या या आत्महत्या की बहस तेज
पटना: तेज प्रताप यादव का बड़ा बयान, बोले- राजनीति में साजिशें आम हैं, मेरी हत्या की साजिश भी होती रही
लोकसभा स्पीकर पर घिरा विवाद: हटाने के प्रस्ताव से गरमाया बजट सत्र, जानिए क्या है संवैधानिक प्रक्रिया
सिवान में पत्रकार पर हमला: शादी से लौटते वक्त बाइक सवार बदमाशों ने फायरिंग कर किया गंभीर रूप से घायल
“होली पर बिहार आने वालों के लिए रेलवे ने चलाई स्पेशल ट्रेनें, यात्रियों के लिए तत्काल टिकट भी उपलब्ध
मुजफ्फरपुर में स्नातक छात्र पर बाइक सवार बदमाशों ने किया हमला, पेट में लगी गोली, पुलिस जांच में जुटी
बिहार बजट में महिला सशक्तिकरण का रोडमैप: गांव की इकाई से शहर के बाजार तक, ट्रेनिंग से सीधे रोजगार तक
मोदी सरकार में बिहार को रेलवे की नई ताकत:रेल बजट नौ गुना बढ़ा,हाईस्पीड कॉरिडोर से बदलेगी कनेक्टिविटी
बिहार में जमीन दस्तावेजों का डिजिटल युग:1908 से अब तक की रजिस्ट्री एक क्लिक पर,दफ्तरों के चक्कर खत्म
बजट 2026-27: ‘शी मार्ट’ से जीविका दीदियों को मिलेगा नया बाजार, बिहार बन सकता है महिला उद्यमिता का हब
कैथी लिपि के दस्तावेज अब नहीं बनेंगे सिरदर्द, सरकार ने तय किया रेट और उपलब्ध कराए प्रशिक्षित अनुवादक
समस्तीपुर जिले के अपर जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने गणतंत्र दिवस पर जिलेवासियों को दी हार्दिक शुभकामनाएं
निष्ठा, सेवा और स्मृतियों से सजी विदाई: आचार्य विजयव्रत कंठ को भावभीनी सम्मान-समारोह में दी गई विदाई
समृद्धि यात्रा का सातवां पड़ाव: मुजफ्फरपुर को 850 करोड़ की विकास सौगात देंगे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
बिहार में ‘डैम टूरिज्म’ की बड़ी पहल: 8 जलाशयों को पर्यटन केंद्र के रूप में किया जाएगा विकसित
- Reporter 12
- 17 Feb, 2026
पर्यटन के पारंपरिक नक्शे से आगे बढ़ते हुए अब बिहार अपनी प्राकृतिक जल संपदा को नए आर्थिक अवसर में बदलने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है। राज्य सरकार ने जलाशयों और डैमों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम शुरू कर दिया है। इस पहल के तहत प्रदेश के आठ प्रमुख डैम और जलाशयों को ‘डैम टूरिज्म डेस्टिनेशन’ के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे न सिर्फ पर्यटन को नई पहचान मिलेगी बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत आधार मिल सकेगा।यह पहल केंद्र सरकार की उस राष्ट्रीय रणनीति के अनुरूप है, जिसमें देशभर के डैमों को टिकाऊ और जिम्मेदार पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित करने की बात कही गई है। इसी दिशा में राज्य स्तर पर उच्चस्तरीय संचालन समिति का गठन किया गया है, जिसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव करेंगे। जल संसाधन विभाग को इस पूरी योजना का नोडल विभाग बनाया गया है, जबकि पर्यटन, पर्यावरण, ऊर्जा, गृह, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, कला-संस्कृति, पथ निर्माण और ग्रामीण कार्य विभाग को सहयोगी भूमिका सौंपी गई है।पर्यटन के लिए चिन्हित किए गए स्थलों में प्राकृतिक सौंदर्य और जल संसाधनों की दृष्टि से महत्वपूर्ण जलाशय शामिल हैं। इनमें वाल्मीकिनगर बराज, दुर्गावती जलाशय, राजगृह क्षेत्र का गंगाजी जलाशय, खड़गपुर झील, कुण्डघाट जलाशय, गरही (अपर किउल) जलाशय, मोरवे जलाशय और ओढ़नी-फुलवरिया डैम प्रमुख हैं। इन स्थलों को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्थाओं और पर्यावरण संरक्षण उपायों के साथ विकसित करने की योजना है।सरकार की इस पहल से इन इलाकों में जल आधारित पर्यटन गतिविधियों जैसे बोटिंग, इको-टूरिज्म, एडवेंचर स्पोर्ट्स और प्राकृतिक भ्रमण को बढ़ावा मिलने की संभावना है। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन परियोजनाओं का क्रियान्वयन योजनाबद्ध तरीके से किया गया तो बिहार का पर्यटन नक्शा काफी हद तक बदल सकता है।संचालन समिति के मार्गदर्शन में सभी संबंधित विभाग अपने-अपने क्षेत्र के विकास, संचालन और रखरखाव की विस्तृत कार्य योजना तैयार करेंगे। सरकार का लक्ष्य केवल पर्यटन बढ़ाना ही नहीं बल्कि जलाशयों के आसपास के पर्यावरण और जैव विविधता को संरक्षित रखते हुए टिकाऊ विकास सुनिश्चित करना है। इस पहल को राज्य की पर्यटन क्षमता को नई ऊंचाई देने और बिहार को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *







