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समस्तीपुर के अभिषेक चौहान ने UPSC 2025 में पाया सफलता का शिखर: मेहनत और धैर्य ने बदल दिया उनकी किस्मत

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समस्तीपुर: बिहार के समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर प्रखंड के नवोदय गाँव निवासी अभिषेक चौहान ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में सफलता प्राप्त कर जिले और अपने परिवार का गौरव बढ़ाया है। उनकी कहानी सीधे-सादे सफलता की नहीं, बल्कि लगातार प्रयास, असफलताओं का सामना और दृढ़ संकल्प से मंजिल तक पहुंचने की प्रेरक मिसाल है।
अभिषेक का परिवार शिक्षा और अनुशासन को हमेशा प्राथमिकता देता रहा है। खेल जगत से जुड़े उनके परिवार के सदस्य पहले ही चर्चा में रहते हैं, लेकिन अभिषेक ने पढ़ाई और सिविल सेवा के क्षेत्र में अपने दम पर अपनी अलग पहचान बनाई है। UPSC के परिणाम घोषित होते ही उनके नाम के साथ ही पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई और गाँव के लोग उत्साह से अभिषेक की उपलब्धि का जश्न मनाने लगे।
शैक्षिक यात्रा की बात करें तो अभिषेक ने आरके मिशन, पुरुलिया से प्रारंभिक शिक्षा पूरी की। इसके बाद गुरु वशिष्ठ स्कूल, हाजीपुर से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी कर IIT में दाखिला लिया। जियोलॉजी में इंटीग्रेटेड एमटेक की डिग्री हासिल करने के दौरान ही उनका रुझान सिविल सेवा की ओर बढ़ा।
अभिषेक ने बताया कि उनका पहला प्रयास सफल नहीं हुआ। प्रीलिम्स में असफलता ने उन्हें निराश किया, लेकिन हार मानने की बजाय उन्होंने पूरी तैयारी की रणनीति बदल दी। उन्होंने पढ़ाई के लिए अपने दिनचर्या को व्यवस्थित किया और सोने के समय को छोड़कर हर पल अध्ययन में लगा दिया। पहले मुख्य परीक्षा पर ध्यान केंद्रित किया और उसके बाद प्रीलिम्स की तैयारी को अंतिम रूप दिया। लगातार मेहनत और लगन का परिणाम उन्हें इस बार सफलता के रूप में मिला।
अभिषेक की सफलता में उनके परिवार का योगदान भी अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। उनके पिता डॉ. अभय सिंह नालंदा खुला विश्वविद्यालय के कुल सचिव हैं और माता भी शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी हैं। परिवार ने हमेशा पढ़ाई के लिए प्रेरित किया और एक ऐसा माहौल बनाया जहां अध्ययन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती रही। अभिषेक ने बताया कि परिवार के सहयोग और मार्गदर्शन ने उन्हें आत्मविश्वास दिया और कठिन समय में निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी।
अभिषेक की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे समस्तीपुर जिले के युवाओं को भी प्रेरणा दी है। उनके प्रयास यह दिखाते हैं कि असफलता के बाद भी धैर्य और मेहनत के जरिए कोई भी चुनौती पार की जा सकती है। स्थानीय लोग मानते हैं कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास निरंतर हों, तो किसी भी कठिन परीक्षा में सफलता संभव है।
अभिषेक चौहान ने यह साबित कर दिया कि सपने तब साकार होते हैं जब दृढ़ संकल्प, मेहनत और सही दिशा का मिलाजुला प्रयास किया जाए। आज उनकी कहानी समस्तीपुर के युवाओं के लिए प्रेरणा और उत्साह का प्रतीक बन गई है, जो यह सिखाती है कि हार मानना विकल्प नहीं, बल्कि सीखने और आगे बढ़ने का अवसर है।

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