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बिहार में अगला मुख्यमंत्री कौन? मांझी ने खुद को रेस से किया अलग, कहा– फैसला एनडीए नेतृत्व करेगा

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पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद बिहार की राजनीति में नए समीकरणों और संभावित नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों से लेकर आम लोगों के बीच यह सवाल उठने लगा है कि अब राज्य की कमान किसके हाथ में जाएगी। इस बीच केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने खुद को मुख्यमंत्री पद की संभावित दौड़ से अलग बताते हुए साफ कर दिया है कि वे इस रेस में शामिल नहीं हैं।
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनके मुख्यमंत्री बनने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि जब वे खुद इस दौड़ में नहीं हैं तो उनसे इस बारे में सवाल पूछने का भी कोई औचित्य नहीं है। मांझी के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चल रही अटकलों पर कुछ हद तक विराम लग गया है।
मांझी ने यह भी कहा कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री किस दल से होगा और कौन इस पद पर बैठेगा, इस पर अंतिम निर्णय राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के शीर्ष नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा। उनके अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन जैसे शीर्ष नेता ही इस संबंध में अंतिम फैसला करेंगे।
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के निर्णय को लेकर मांझी ने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत और सोच-समझकर लिया गया फैसला है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार स्वयं भी यह कह चुके हैं कि वे चारों सदनों के सदस्य बनना चाहते थे। वे पहले विधानसभा, विधान परिषद और लोकसभा के सदस्य रह चुके हैं, लेकिन राज्यसभा का अनुभव उन्हें नहीं मिला था। ऐसे में अब उन्होंने राज्यसभा में जाने का निर्णय लिया है और इस निर्णय को भाजपा सहित एनडीए के सहयोगी दलों का समर्थन प्राप्त है।
मांझी ने यह भी विश्वास जताया कि आगामी राज्यसभा चुनाव में बिहार की सभी पांच सीटों पर एनडीए उम्मीदवारों की जीत तय है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए यह लगभग स्पष्ट है कि इन सीटों पर एनडीए निर्विरोध जीत हासिल करेगा।
इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार के सक्रिय राजनीति में आने पर भी प्रतिक्रिया दी। मांझी ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि युवा नेतृत्व का राजनीति में आना लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि निशांत कुमार राजनीति में बेहतर कार्य करेंगे और जनता की सेवा के लिए आगे आएंगे।
गौरतलब है कि निशांत कुमार ने रविवार को पटना स्थित जदयू कार्यालय में पार्टी की औपचारिक सदस्यता ग्रहण की। सदस्यता लेने के बाद उन्होंने अपने पिता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद वे पटना के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना कर अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत का संकेत दिया।
केंद्रीय मंत्री मांझी ने अपने संबोधन में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का भी जिक्र किया और नारी शक्ति को समाज की असली ताकत बताया। उन्होंने कहा कि महिला केवल ममता और संवेदना की प्रतीक नहीं होती, बल्कि संघर्ष, सृजन और त्याग की मिसाल भी होती है। उन्होंने महिलाओं के सम्मान, अधिकार और गरिमा को समर्पित इस दिन पर देश और प्रदेश की सभी महिलाओं को शुभकामनाएं दीं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले और उसके बाद नए मुख्यमंत्री को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच मांझी का यह बयान बिहार की राजनीति में चल रही संभावनाओं और समीकरणों को एक नया संकेत देता है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो पाएगा कि राज्य की सत्ता की कमान आखिर किस नेता के हाथों में सौंपी जाएगी।

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