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पटना में तैयार हो रहा अंतरराष्ट्रीय स्तर का हॉकी टर्फ: राजेंद्र नगर NCC कैंपस में अंतिम चरण में निर्माण, जल्द मिलेंगी खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं

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पटना: बिहार की राजधानी पटना में खेल सुविधाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना तेजी से आकार ले रही है। राजेंद्र नगर स्थित एनसीसी कैंपस में बन रहा अंतरराष्ट्रीय मानकों वाला हॉकी टर्फ अब लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुका है। अधिकारियों के अनुसार निर्माण कार्य करीब 80 प्रतिशत पूरा हो गया है और शेष कार्यों को तेज गति से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जल्द ही यह मैदान खिलाड़ियों के लिए खोल दिया जाए।
इस परियोजना का निर्माण कार्य बिहार अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (बुडको) की देखरेख में किया जा रहा है। राज्य सरकार का उद्देश्य राजधानी में आधुनिक खेल सुविधाएं विकसित कर खिलाड़ियों को बेहतर अभ्यास और प्रतियोगिता का मंच उपलब्ध कराना है। उम्मीद जताई जा रही है कि मैदान तैयार होने के बाद यहां राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं का आयोजन संभव हो सकेगा।
हाल ही में हॉकी फेडरेशन से जुड़े अधिकारियों ने निर्माणाधीन मैदान का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अब तक किए गए कार्यों को संतोषजनक बताया और कहा कि मैदान का निर्माण निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप किया जा रहा है। फेडरेशन की मंजूरी मिलने के बाद यह संभावना और मजबूत हो गई है कि भविष्य में यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैचों का आयोजन किया जा सकेगा।
बुडको के प्रबंध निदेशक अनिमेष कुमार पराशर ने परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बचे हुए कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि यह हॉकी टर्फ बिहार के खेल ढांचे के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगा और इससे राज्य के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण वातावरण मिलेगा। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए और नियमित रूप से स्थल निरीक्षण कर कार्य की निगरानी की जाए।
परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार इस आधुनिक हॉकी टर्फ के निर्माण पर लगभग 8.44 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। मैदान में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप खेलने की सतह उपलब्ध कराने के लिए नीदरलैंड से आयातित पॉलीटेन ब्लू एस्ट्रोटर्फ बिछाई जा रही है। इस प्रकार की टर्फ सतह खिलाड़ियों को बेहतर पकड़ और तेज गति से खेलने की सुविधा देती है, जिससे खेल की गुणवत्ता भी बेहतर होती है।
अधिकारियों का कहना है कि अगले एक महीने के भीतर यह मैदान पूरी तरह तैयार हो सकता है। राजगीर में बने हॉकी मैदान के बाद यह बिहार का दूसरा अंतरराष्ट्रीय स्तर का हॉकी टर्फ होगा। इसके निर्माण से राज्य के खिलाड़ियों को बड़े टूर्नामेंटों की तैयारी करने के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और उन्हें बाहर जाने की जरूरत भी कम होगी।
मैदान को अत्याधुनिक रोशनी व्यवस्था से भी लैस किया जा रहा है ताकि शाम और रात के समय भी अभ्यास और प्रतियोगिताएं आयोजित की जा सकें। इसके लिए 20 उच्च क्षमता वाली 1000 वॉट की लाइटें और 40 एलईडी फ्लड लाइटें (500 वॉट) लगाई जा रही हैं। इससे पूरे मैदान में पर्याप्त रोशनी रहेगी और खिलाड़ियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।
मैदान के आकार की बात करें तो खेल क्षेत्र को लगभग 100 मीटर लंबा और 60 मीटर चौड़ा बनाया जा रहा है, जबकि फेंसिंग क्षेत्र 104 मीटर लंबा और 64 मीटर चौड़ा होगा। इसके अलावा मैदान के चारों ओर पाथवे, स्प्रिंकलर सिस्टम और अन्य जरूरी खेल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। दर्शकों के लिए भी सीमित संख्या में बैठने की व्यवस्था की जा रही है ताकि छोटे और मध्यम स्तर के मुकाबलों के दौरान लोग खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ा सकें।
इस परियोजना की एक खास बात यह भी है कि जिस जगह आज यह आधुनिक हॉकी मैदान तैयार हो रहा है, वह कभी दलदली और पानी से भरा क्षेत्र हुआ करता था। बताया जाता है कि यहां करीब दो मीटर तक पानी भरा रहता था, जिससे यह जमीन खेल के लिए पूरी तरह अनुपयुक्त थी। मैदान को तैयार करने के लिए सबसे पहले दलदली मिट्टी को हटाया गया और फिर जमीन को मजबूत बनाने के लिए विशेष मिट्टी भरी गई।
इस कार्य के लिए पटना मेट्रो परियोजना से निकली हजारों ट्रॉली मिट्टी का उपयोग किया गया। मेट्रो की अंडरग्राउंड टनल की खुदाई से निकली इस मिट्टी को यहां लाकर जमीन को समतल और मजबूत बनाया गया। इसके बाद बेस तैयार कर टर्फ बिछाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
फिलहाल बेस निर्माण, जल प्रबंधन प्रणाली और फ्लड लाइट से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य पूरे हो चुके हैं। अब पाथवे, स्प्रिंकलर सिस्टम और टर्फ इंस्टॉलेशन से जुड़े कुछ अंतिम काम बाकी हैं, जिन्हें तेजी से पूरा करने की तैयारी चल रही है।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आधुनिक मैदान बनने से बिहार में हॉकी को नई पहचान मिल सकती है। बेहतर सुविधाएं मिलने से खिलाड़ियों को उच्च स्तर की तैयारी का मौका मिलेगा और राज्य से राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिभाशाली खिलाड़ी निकलने की संभावना भी बढ़ेगी। बिहार सरकार की यह पहल राज्य में खेल संस्कृति को मजबूत करने और युवाओं को खेल की ओर प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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