:
Breaking News

गैस संकट का असर पटना के महावीर मंदिर तक पहुंचा, ‘दरिद्र नारायण भोज’ की व्यवस्था प्रभावित

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

पटना। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण ईंधन आपूर्ति पर पड़ रहे असर की झलक अब आम जनजीवन में भी दिखाई देने लगी है। बिहार की राजधानी पटना में व्यावसायिक एलपीजी गैस की आपूर्ति में कमी का असर होटल, ढाबों और सामुदायिक रसोईघरों के साथ-साथ धार्मिक स्थलों की भोजन व्यवस्था पर भी पड़ने लगा है। इसी कड़ी में पटना जंक्शन के पास स्थित प्रसिद्ध महावीर मंदिर परिसर में चलने वाली गरीबों और जरूरतमंदों के लिए भोजन सेवा भी प्रभावित हुई है।
मंदिर परिसर में वर्षों से जरूरतमंद लोगों के लिए ‘दरिद्र नारायण भोज’ की व्यवस्था संचालित की जाती है, जिसके तहत रोजाना बड़ी संख्या में गरीब और असहाय लोगों को निःशुल्क भोजन कराया जाता है। लेकिन व्यावसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति अचानक कम हो जाने के कारण इस सेवा को फिलहाल सीमित करना पड़ा है। मंदिर प्रबंधन के अनुसार अब रोजाना दो समय मिलने वाला भोजन अस्थायी रूप से एक समय ही कराया जा रहा है।
मंदिर प्रशासन से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि भोजन और प्रसाद निर्माण के लिए बड़े पैमाने पर व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की आवश्यकता होती है। लेकिन हाल के दिनों में गैस आपूर्ति में आई बाधा के कारण रसोई संचालन में कठिनाई उत्पन्न हो गई है। इसी वजह से दरिद्र नारायण भोज की व्यवस्था में बदलाव करना पड़ा है।
पहले मंदिर परिसर में रोजाना दो समय गरीबों को भोजन कराया जाता था, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में उपलब्ध गैस का संतुलित उपयोग करना जरूरी हो गया है। इसलिए फिलहाल एक समय भोजन की व्यवस्था जारी रखी गई है ताकि सीमित संसाधनों में भी सेवा कार्य बंद न हो। मंदिर प्रशासन का कहना है कि यह कदम अस्थायी है और जैसे ही गैस आपूर्ति सामान्य होगी, पहले की तरह दो समय भोजन की व्यवस्था फिर से शुरू कर दी जाएगी।
मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए तैयार होने वाले नैवेद्यम प्रसाद को फिलहाल प्राथमिकता दी जा रही है। महावीर मंदिर का नैवेद्यम प्रसाद दूर-दूर तक प्रसिद्ध है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसे प्राप्त करने के लिए मंदिर पहुंचते हैं। इसी कारण जो गैस सिलेंडर फिलहाल उपलब्ध हैं, उनका उपयोग प्रसाद निर्माण में किया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो।
इस बीच मंदिर प्रबंधन गैस संकट से निपटने के लिए वैकल्पिक उपायों पर भी काम कर रहा है। मंदिर समिति की ओर से बड़े आकार के इंडक्शन चूल्हों की व्यवस्था करने की दिशा में पहल की गई है। इसके लिए तकनीकी कंपनियों से संपर्क किया जा रहा है ताकि ऐसे उपकरण उपलब्ध हो सकें जिनसे बड़े पैमाने पर भोजन तैयार किया जा सके। सामान्य घरेलू इंडक्शन चूल्हे इतने बड़े स्तर पर भोजन बनाने के लिए पर्याप्त नहीं होते, इसलिए विशेष रूप से तैयार किए जाने वाले उपकरणों की जरूरत है।
मंदिर प्रशासन की योजना है कि बड़े इंडक्शन सेट की मदद से भविष्य में रसोई संचालन को गैस पर निर्भरता से कुछ हद तक मुक्त किया जा सके। इसके लिए दो बड़े इंडक्शन सेट मंगाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इनमें से एक सेट अयोध्या में संचालित राम रसोई के लिए और दूसरा पटना के महावीर मंदिर परिसर के लिए लाया जाएगा। आवश्यकता के अनुसार इन उपकरणों में तकनीकी बदलाव भी किए जाएंगे ताकि हजारों लोगों के लिए भोजन तैयार किया जा सके।
उधर अयोध्या में संचालित राम रसोई में फिलहाल लकड़ी और कोयले के चूल्हों का सहारा लिया जा रहा है। पारंपरिक चूल्हों पर भोजन तैयार करने में अधिक समय लगता है, इसलिए वहां भोजन व्यवस्था को अस्थायी रूप से सीमित करना पड़ा है। हालांकि कोशिश की जा रही है कि जल्द ही वैकल्पिक ईंधन की व्यवस्था कर रसोई को पहले की तरह सुचारू रूप से चलाया जा सके।
मंदिर प्रशासन भविष्य में स्थायी समाधान के तौर पर बायो-ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने की योजना पर भी विचार कर रहा है। इस परियोजना के तहत रसोई से निकलने वाले जैविक अवशेषों का उपयोग कर ऊर्जा उत्पन्न करने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। यदि यह योजना सफल होती है तो रसोई संचालन के लिए एक वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत उपलब्ध हो सकेगा और गैस पर निर्भरता कम हो जाएगी।
इसी बीच मंदिर प्रशासन को आने वाले धार्मिक आयोजनों की भी चिंता है। जल्द ही रामनवमी का पर्व आने वाला है, जिसके दौरान महावीर मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना रहती है। इस अवसर पर बड़ी मात्रा में नैवेद्यम प्रसाद तैयार किया जाता है और भक्तों में वितरित किया जाता है।
मंदिर प्रबंधन ने इस स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि त्योहार के समय व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि प्रसाद निर्माण और अन्य धार्मिक व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की बाधा न आए।
प्रशासन की ओर से भी मंदिर प्रबंधन को भरोसा दिलाया गया है कि रामनवमी के दौरान गैस आपूर्ति को लेकर विशेष ध्यान रखा जाएगा। मंदिर समिति को उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में स्थिति सामान्य हो जाएगी और दरिद्र नारायण भोज की पुरानी व्यवस्था फिर से शुरू की जा सकेगी।
फिलहाल मंदिर प्रशासन सीमित संसाधनों के बीच भी गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा जारी रखने का प्रयास कर रहा है। उनका कहना है कि किसी भी परिस्थिति में सेवा का यह सिलसिला बंद नहीं होने दिया जाएगा।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *