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बिहार के छपरा में जहरीली शराब कांड: पांच मौतें, मिथाइल अल्कोहल पाया गया, पुलिस जांच में जुटी

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बिहार के छपरा में जहरीली शराब के सेवन से पांच लोगों की मौत ने राज्य में एक बार फिर शराबबंदी कानून की प्रभावशीलता पर सवाल खड़ा कर दिया है। घटना के बाद राज्य पुलिस और प्रशासन ने तुरंत जांच शुरू की, और अब तक मामले में 10 लोगों को नामजद किया गया है। इनमें से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
एडीजी अमित कुमार जैन ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतक लोगों के द्वारा सेवन की गई शराब के सैंपल में मिथाइल अल्कोहल (स्प्रिट) पाया गया है। उन्होंने कहा कि यही जहरीला तत्व मौत का मुख्य कारण बना। इसके अलावा उन्होंने बताया कि इस घटना के सिलसिले में पुलिस ने अब तक चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है और शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।
एडीजी अमित कुमार जैन ने प्रेस वार्ता में बताया कि सितंबर 2025 में मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के गठन के बाद अवैध शराब की जब्ती में लगातार वृद्धि हुई है। 2024 की तुलना में 2025 में औसतन प्रति माह 9 प्रतिशत अधिक शराब जब्त की गई, जबकि 2026 में इस बढ़ोतरी की दर 18 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इस कड़ी में पानापुर में 1050 लीटर और मशरक में 650 लीटर स्प्रिट बरामद की जा चुकी है।
घटना विशेष रूप से होली के बाद हुई थी, जब सारण के मशरक और पानापुर इलाकों में पांच लोगों की मौत हुई। यह हादसा न केवल परिवारों के लिए त्रासदी साबित हुआ, बल्कि राज्य में लागू शराबबंदी कानून और उसके क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल भी उठाता है। पिछले दिनों सत्ता पक्ष और विपक्ष ने इस कानून की समीक्षा की मांग भी की है।
पुलिस और प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच को तेज कर दिया है और सभी आरोपी तक पहुंच बनाने के प्रयास जारी हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को कानून के तहत कड़ी सजा दिलाई जाएगी और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए निगरानी और नियंत्रण को और सख्त किया जाएगा।

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