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बिहार में बड़ी कार्रवाई: डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने तीन अंचल अधिकारियों को किया निलंबित, विभाग में मचा हड़कंप

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पटना: बिहार सरकार ने प्रशासनिक सख्ती दिखाते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में बड़ी कार्रवाई की है। उपमुख्यमंत्री सह मंत्री विजय सिन्हा ने सरकारी कार्यों में लापरवाही, अनुशासनहीनता और कार्य में बाधा डालने के आरोप में तीन अंचल अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस फैसले के बाद विभागीय महकमे में हड़कंप मच गया है और अन्य अधिकारियों के बीच भी सख्त संदेश गया है कि कार्य में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई विभागीय कार्यों में लगातार मिल रही शिकायतों और कामकाज में बाधा उत्पन्न करने के आरोपों के आधार पर की गई है। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि जो भी अधिकारी सरकार की योजनाओं को प्रभावित करेगा या काम में अड़चन पैदा करेगा, उसके खिलाफ कठोर कदम उठाया जाएगा।
निलंबन की जद में आने वाले अधिकारियों में पटना और पूर्वी चंपारण जिले के अंचल अधिकारी शामिल हैं। इनमें जितेंद्र कुमार, जो पहले पटना सदर के अंचल अधिकारी रह चुके हैं और वर्तमान में अपर जिला भू अर्जन पदाधिकारी के पद पर कार्यरत थे, रजनीकांत जो पटना सदर में अंचल अधिकारी हैं, और आनंद कुमार जो पूर्वी चंपारण के घोड़ासहन में अंचल अधिकारी के रूप में तैनात थे, शामिल हैं। इन तीनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
सरकार की ओर से यह भी संकेत दिया गया है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है और आने वाले दिनों में अन्य मामलों की भी समीक्षा की जाएगी। विभागीय सूत्रों के अनुसार, कई स्थानों से यह शिकायत मिल रही थी कि कुछ अधिकारी जानबूझकर कार्यों को धीमा कर रहे हैं और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा डाल रहे हैं।
डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने प्रेस वार्ता के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष के अंतिम चरण में काम की गति तेज होनी चाहिए, लेकिन इसके विपरीत कुछ लोग अवकाश का बहाना बनाकर हड़ताल जैसे हालात बना रहे हैं। उन्होंने इसे पूरी तरह अनुशासनहीन और नियमों के खिलाफ बताया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ कर्मचारी न सिर्फ खुद काम से बच रहे हैं, बल्कि अन्य कर्मचारियों को भी काम करने से रोकने का प्रयास कर रहे हैं। इससे सरकारी कामकाज प्रभावित हो रहा है और आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विजय सिन्हा ने विशेष रूप से आगामी जनगणना कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में बाधा डालना गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावित करती हैं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर के कार्यों में भी व्यवधान उत्पन्न करती हैं।
सरकार की ओर से यह साफ कर दिया गया है कि किसी भी प्रकार की अराजकता या नकारात्मक माहौल को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो अधिकारी और कर्मचारी बार-बार समझाने के बावजूद अपने कर्तव्यों का पालन नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि विभाग के लगभग आधे कर्मचारी अपने कार्यों में सक्रिय हैं और पूरी जिम्मेदारी के साथ काम कर रहे हैं। ऐसे में जो लोग काम में बाधा डाल रहे हैं, वे न केवल विभाग के अनुशासन को प्रभावित कर रहे हैं, बल्कि विकास कार्यों को भी धीमा कर रहे हैं।
इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई है कि सरकार अब कार्य संस्कृति को सुधारने के लिए कड़े फैसले लेने के मूड में है। आने वाले समय में और भी अधिकारियों पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
सरकार के इस कदम को प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि अब विभागीय कार्यों में लापरवाही और अनुशासनहीनता को लेकर सरकार की नीति पूरी तरह जीरो टॉलरेंस की है।

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