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बिहार में मौसम का बड़ा बदलाव, आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट, किसानों की बढ़ी चिंता

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बिहार में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। कुछ दिन पहले तक जहां तेज धूप और गर्मी लोगों को परेशान कर रही थी, वहीं अब राज्यभर में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने 20 और 21 मार्च के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे यह साफ संकेत मिल रहा है कि आने वाले दो दिन मौसम के लिहाज से काफी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
मौसम विभाग यानी भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। खासकर सीमांचल और दक्षिण-पूर्वी बिहार के जिलों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ने की आशंका है।
राज्य के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ था। गर्मी धीरे-धीरे बढ़ने लगी थी और लोगों को उमस का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन अब अचानक मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में गिरावट दर्ज होने की संभावना है। अनुमान है कि दिन और रात दोनों के तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है।
पटना समेत राज्य के अधिकांश हिस्सों में गुरुवार से ही मौसम में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। आसमान में बादलों की आवाजाही बढ़ गई है और दोपहर बाद से मौसम पूरी तरह बदलने की संभावना जताई गई है। शाम के समय से बारिश का दौर शुरू हो सकता है, जो देर रात तक जारी रह सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, 20 मार्च को लगभग पूरे बिहार में खराब मौसम रहेगा। कई जगहों पर तेज हवाओं के साथ बारिश होगी, जबकि कुछ जिलों में ओलावृष्टि भी देखने को मिल सकती है। विशेष रूप से मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर और बांका जैसे जिलों में भारी बारिश और ओले गिरने की संभावना अधिक जताई गई है।
21 मार्च को भी मौसम का यही रुख जारी रहने की संभावना है। राजधानी पटना से लेकर उत्तर बिहार के जिलों और दक्षिण-पूर्वी इलाकों तक तेज हवा, गरज-चमक और बारिश का असर बना रहेगा। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है। हालांकि पश्चिमी बिहार के कुछ हिस्सों में इसका असर अपेक्षाकृत कम रहने की बात कही गई है।
22 मार्च तक आते-आते मौसम का प्रभाव सीमित होकर मुख्य रूप से सीमांचल के जिलों तक रह जाएगा। सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार में बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है, जबकि अन्य जिलों में धीरे-धीरे मौसम सामान्य होने लगेगा।
राजधानी पटना में मौसम का प्रभाव विशेष रूप से शाम के बाद देखने को मिल सकता है। दोपहर तक बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, लेकिन शाम 3 बजे के बाद बारिश शुरू होने की संभावना है। यह सिलसिला अगले दिन तक जारी रह सकता है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिलेगी, लेकिन रोजमर्रा के कामों में बाधा भी आ सकती है।
मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया और जमुई समेत कई जिलों में भी शाम से बारिश शुरू होने के संकेत हैं। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होगी, तो कुछ जगहों पर तेज बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है।
इस मौसम बदलाव का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ सकता है। जिन जिलों में ओले गिरने की आशंका है, वहां गेहूं, सब्जियों और फलों की फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। आम और लीची जैसे फलों पर भी इसका असर पड़ने की संभावना है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ओलावृष्टि के दौरान फसलें सीधे तौर पर प्रभावित होती हैं और उत्पादन पर असर पड़ता है। ऐसे में किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों को बचाने के लिए आवश्यक उपाय करें और मौसम साफ होने तक खेतों में अनावश्यक गतिविधियों से बचें।
तेज आंधी और बारिश के कारण आम लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। इस दौरान पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और सड़कों पर जलजमाव जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान घर से बाहर निकलने से बचें और सुरक्षित स्थान पर रहें।
मौसम में अचानक बदलाव का असर स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। दिन में गर्मी और शाम को ठंडक या बारिश के कारण सर्दी-खांसी और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को अपने खान-पान और दिनचर्या का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
डॉक्टरों का सुझाव है कि इस मौसम में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और ताजा भोजन का ही सेवन करें। बाहर के खुले खाने से बचना चाहिए, क्योंकि नमी के कारण बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं।
इसके अलावा कपड़ों के चयन पर भी ध्यान देना जरूरी है। दिन में हल्के कपड़े पहनें, लेकिन शाम के समय तापमान में गिरावट को देखते हुए हल्के गर्म कपड़े साथ रखें। छाता या रेनकोट भी साथ रखना फायदेमंद हो सकता है, ताकि अचानक होने वाली बारिश से बचा जा सके।
कुल मिलाकर बिहार में आने वाले दो-तीन दिन मौसम के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। जहां एक ओर लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर आंधी, बारिश और ओलावृष्टि कई तरह की चुनौतियां भी लेकर आएगी। अब सभी की नजर इस बात पर है कि मौसम का यह बदलता मिजाज किस हद तक असर डालता है और इससे जनजीवन व कृषि पर कितना प्रभाव पड़ता है।

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