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समस्तीपुर में डीएम की मैराथन समीक्षा बैठक, विकास कार्यों से लेकर कानून-व्यवस्था तक पर सख्त निर्देश

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समस्तीपुर | 23 मार्च 2026: समस्तीपुर जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सोमवार को समाहरणालय स्थित सभागार में जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। सुबह 10 बजे से शुरू हुई इस बैठक में जिले के विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण, राजस्व मामलों और जन-शिकायतों के निष्पादन जैसे अहम मुद्दों पर गहन चर्चा की गई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित किया जाए।
बैठक की शुरुआत विकास योजनाओं की समीक्षा से हुई, जिसमें जिले में चल रही बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने मंदिरों की चाहरदीवारी और कब्रिस्तानों की घेराबंदी से जुड़ी लंबित योजनाओं को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने और उन्हें धरातल पर उतारने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इन कार्यों में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी योजनाओं को पूरा करना अनिवार्य होगा।
इसी क्रम में जिले के सभी थाना परिसरों में सीसीटीवी कैमरों की स्थापना और उनकी कार्यशीलता की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी कैमरों का सही ढंग से काम करना बेहद जरूरी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां भी कैमरे खराब हैं, उन्हें तुरंत ठीक कराया जाए और नए कैमरों की स्थापना में तेजी लाई जाए।
पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे पर भी बैठक में विशेष जोर दिया गया। जिला पर्यावरण एवं आर्द्रभूमि समिति के कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने जल स्रोतों के संरक्षण और आर्द्रभूमियों के सौंदर्यीकरण को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सभी की साझा जिम्मेदारी है। इस दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर प्लास्टिक के उपयोग को रोकने के लिए नियमित छापेमारी अभियान चलाया जाए। साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान भी चलाने को कहा गया। वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए संबंधित विभागों से विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा गया।
कानून-व्यवस्था की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर काम करने पर जोर दिया। अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए गठित टास्क फोर्स को सक्रिय रहने और नियमित गश्ती बढ़ाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सड़क सुरक्षा को लेकर भी बैठक में गंभीरता से चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने यातायात नियमों के सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने और लोगों को इसके प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही आगामी त्योहारों को देखते हुए जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन को सतर्क रहने को कहा गया।
राजस्व एवं भूमि सुधार से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने भू-समाधान पोर्टल पर दर्ज मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर दिया। उन्होंने अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि भूमि विवादों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए, ताकि इन मामलों के कारण कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि जनता को समय पर न्याय मिलना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
आपूर्ति विभाग की समीक्षा के दौरान राशन वितरण प्रणाली की पारदर्शिता और खाद्यान्न की उपलब्धता पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने सुनिश्चित करने को कहा कि सभी पात्र लाभुकों को समय पर और उचित मात्रा में राशन उपलब्ध हो। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
बैठक के दौरान दोपहर 12 बजे जनसंवाद कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें जिलाधिकारी ने आम नागरिकों की समस्याओं को सीधे सुना। लोगों ने भूमि विवाद, राशन, सड़क और अन्य स्थानीय समस्याओं को लेकर अपनी बातें रखीं। जिलाधिकारी ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए और समस्याओं के शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया। इस पहल से आम लोगों को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के सामने रखने का अवसर मिला।
इस महत्वपूर्ण बैठक में उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह, अपर समाहर्ता ब्रजेश कुमार सहित जिले के सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को यह स्पष्ट संदेश दिया कि वे अपने-अपने विभागों में जिम्मेदारी के साथ कार्य करें और जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करें।
समस्तीपुर में आयोजित इस समीक्षा बैठक ने यह संकेत दिया कि प्रशासन जिले के समग्र विकास, बेहतर कानून-व्यवस्था और पारदर्शी शासन व्यवस्था को लेकर गंभीर है। आने वाले दिनों में इन निर्देशों का असर जमीनी स्तर पर देखने को मिल सकता है, जिससे आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

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