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दिल्ली विधानसभा में बजट सत्र शुरू, सीएम रेखा गुप्ता आज पेश करेंगी 1 लाख करोड़ से ज्यादा का बजट

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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में मंगलवार को विधानसभा का बजट सत्र एक खास माहौल के बीच शुरू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने दूसरे बजट को राजधानी के नागरिकों के जीवन में ठोस बदलाव लाने वाला बताया है। उन्होंने इसे विकसित और हरित दिल्ली के संकल्प से जोड़ा और कहा कि यह बजट केवल संख्या या वित्तीय वितरण का मामला नहीं, बल्कि राजधानी के हर नागरिक के जीवन स्तर में सुधार का माध्यम होगा।
सोमवार को बजट सत्र का उद्घाटन विपक्ष की अनुपस्थिति में हुआ। पहले दिन ही सदन में पूर्व आम आदमी पार्टी सरकार से जुड़ी छह कैग और तीन पीएसी रिपोर्ट पेश की गईं। इन रिपोर्टों में पिछली सरकार की वित्तीय नीतियों और प्रशासनिक कमजोरियों का जिक्र किया गया। सदन में वित्तीय अनियमितताओं, मोहल्ला क्लीनिकों की स्थिति और विश्वविद्यालयों के कामकाज के मुद्दों पर सवाल उठाए गए। इन रिपोर्टों पर विस्तार से चर्चा 25 मार्च को होगी।
सत्र के पहले दिन आम आदमी पार्टी ने सदन का बहिष्कार किया। पार्टी ने चार विधायकों संजीव झा, कुलदीप कुमार, सोमदत्त और जरनैल सिंह के निलंबन का विरोध किया। ये चारों विधायकों पांच जनवरी 2026 को शीतकालीन सत्र के दौरान उपराज्यपाल वीके सक्सेना के अभिभाषण के दौरान हंगामे के आरोप में मार्शल आउट किए गए थे। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने उनका निलंबन जारी रखा। उन्होंने कहा कि सदन की कार्यवाही का बहिष्कार लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। उनका कहना था कि बजट जैसे महत्वपूर्ण सत्र में विपक्ष का अनुपस्थित रहना लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करता है और इससे सार्वजनिक चर्चा पर भी असर पड़ता है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को पारंपरिक खीर सेरेमनी के साथ बजट सत्र का शुभारंभ किया। उन्होंने इसे समृद्धि और शुभता का प्रतीक बताया। सीएम ने कहा, “पिछले साल दिल्ली की दिशा बदलने का प्रयास किया गया, अब इसकी दशा सुधारने और जनता के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।”
सीएम ने कहा कि मंगलवार को पेश होने वाला दिल्ली का बजट 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बजट केवल इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर केंद्रित नहीं होगा, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, प्रदूषण नियंत्रण और हरित वातावरण जैसे मुद्दों पर भी खास ध्यान देगा। उन्होंने कहा, “हमारा विकसित दिल्ली, हरित दिल्ली का विजन केवल नारा नहीं है, बल्कि सरकार का स्पष्ट एजेंडा है।”
बजट सत्र की शुरुआत में विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोगों की भागीदारी रही। कार्यक्रम में किसान, स्कूल के विद्यार्थी, शिक्षक, डॉक्टर, किन्नर समुदाय, महिला ड्राइवर और मीडियाकर्मी शामिल हुए। किसानों ने मुख्यमंत्री को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। सीएम ने कहा कि यह बजट दिल्ली के विकास की गति को नई ऊंचाई पर ले जाएगा। इसमें सार्वजनिक सेवाओं, बुनियादी ढांचे और लोगों की जीवन शैली में सुधार पर विशेष जोर रहेगा।
सत्र के दौरान सदन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया। यह उनके 8931 दिनों तक सरकार के प्रमुख रहने के रिकॉर्ड को सम्मानित करने के लिए पेश किया गया। कई मंत्रियों और विधायकों ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व और उनके कामकाज की सराहना की। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने राजनीति की कई परिभाषाओं को बदल दिया और ईमानदारी, पारदर्शिता व जवाबदेही को मजबूत किया।
सदन में नकली खाद्य पदार्थों के खिलाफ भी जोरदार चर्चा हुई। विधायक कुलवंत राणा ने नकली दूध, पनीर, घी और दवाइयों की बढ़ती समस्या पर चिंता जताई और फूड इंस्पेक्टर और लैब की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने पिछले दस सालों में लाखों नकली खाद्य पदार्थों के मामलों का हवाला देते हुए कड़ा कानून बनाने की मांग की।
विपक्ष के बहिष्कार और सदन से बाहर प्रदर्शन करने पर विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सदन ही वह मंच है जहां सभी मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। बजट जैसे महत्वपूर्ण सत्र में विपक्ष का अनुपस्थित रहना गलत परंपरा को बढ़ावा देता है और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका बजट न केवल आर्थिक वितरण को लेकर महत्व रखता है, बल्कि यह लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वच्छता पर विशेष ध्यान के साथ-साथ प्रदूषण नियंत्रण और हरित वातावरण को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली के नागरिकों की भलाई और राजधानी के संपूर्ण विकास को ध्यान में रखते हुए यह बजट तैयार किया गया है।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, आशीष सूद, मंजिंदर सिंह सिरसा, रविंद्र इंद्राज सिंह और कपिल मिश्रा समेत कई अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट सभी वर्गों के लिए लाभकारी होगा और इसे लागू करने में पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
बजट सत्र की शुरुआत में पेश की गई रिपोर्टों में पिछली सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए गए और वित्तीय अनियमितताओं को उजागर किया गया। मोहल्ला क्लीनिकों की स्थिति और विश्वविद्यालयों के प्रशासनिक कामकाज की समीक्षा की गई। इसके अलावा, फांसी घर मामले की दूसरी अंतरिम रिपोर्ट भी सदन में पेश की गई।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का यह स्पष्ट संदेश है कि उनके नेतृत्व में दिल्ली का बजट केवल वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि राजधानी के हर नागरिक के जीवन को सुधारने का उपकरण है। उनके अनुसार, विकसित और हरित दिल्ली का लक्ष्य सिर्फ नारा नहीं है, बल्कि यह ठोस योजना और क्रियान्वयन का परिणाम होगा।
इस बजट में न केवल बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सेवाओं पर ध्यान दिया जाएगा, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण, हरित क्षेत्र, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा की गुणवत्ता को भी प्राथमिकता दी जाएगी। यह बजट दिल्ली के नागरिकों की भलाई और राजधानी के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।

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