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भुवनेश्वर: आरडीई कार्यालय के ऑडिटर अंबिका प्रसाद रथ को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, सतर्कता विभाग ने बड़ी रकम जब्त की

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भुवनेश्वर। ओडिशा सतर्कता विभाग ने भुवनेश्वर के क्षेत्रीय शिक्षा निदेशक (आरडीई) कार्यालय में तैनात ऑडिटर अंबिका प्रसाद रथ को 4,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने एमएसीपी योजना के तहत वेतन आहरण सक्षम करने और सेवा सत्यापन के नाम पर रिश्वत की मांग की थी।
सतर्कता विभाग को यह जानकारी खुर्दा जिले के एक डिग्री कॉलेज के कर्मचारी से मिली थी। शिकायत में बताया गया कि अंबिका प्रसाद रथ ने सेवा पुस्तिका के सत्यापन और संशोधित सुनिश्चित करियर प्रगति (एमएसीपी) योजना के तहत वेतन निर्धारण में सुधार करने के लिए 4,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत के आधार पर सतर्कता टीम ने 24 मार्च 2026 को जाल बिछाया और आरोपी को उसके कार्यालय कक्ष में रंगे हाथ पकड़ लिया।
इस दौरान गवाहों की मौजूदगी में आरोपी के पास से रिश्वत की पूरी राशि बरामद की गई। जांच के लिए बरामद नोटों की हाथ धुलाई के रासायनिक परीक्षण में भी पुष्टि हुई कि आरोपी ने रिश्वत ली थी।
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद सतर्कता विभाग ने आरोपी के मधुसूदन नगर स्थित घर और कार्यालय में तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान घर से 27,42,900 रुपये नकद बरामद किए गए, जबकि कार्यालय की मेज की दराज से 1,28,000 रुपये जब्त किए गए। इस प्रकार कुल 28,70,900 रुपये की रकम जब्त की गई।
भुवनेश्वर सतर्कता थाना में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
जांच में सामने आया कि अंबिका प्रसाद रथ ने रिश्वत लेने की प्रक्रिया के दौरान एमएसीपी योजना के तहत वेतन आहरण सक्षम करने के नाम पर कई कर्मचारियों से कथित रूप से आर्थिक लाभ लेने की कोशिश की थी। शिकायत के अनुसार, आरोपी की मांग केवल इस एक कर्मचारी तक सीमित नहीं थी। सतर्कता विभाग के अनुसार, आरोपी द्वारा की गई गतिविधियों का विस्तृत लेखा-जोखा और दस्तावेज़ जांच का हिस्सा हैं।
तलाशी अभियान के दौरान जब्त रकम में नोटों के अलावा कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज और लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड भी शामिल हैं। सतर्कता विभाग ने इन दस्तावेजों को संकलित कर मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी और जब्ती की गई रकम से यह साफ हो गया है कि रिश्वत की प्रक्रिया किस प्रकार से संपन्न हो रही थी।
जांच टीम ने बताया कि आरोपी द्वारा लिए गए नोटों की सीरियल संख्या और लेन-देन के अन्य प्रमाणों को रिकॉर्ड किया गया है। मामले में शामिल सभी सबूत अदालत में पेश किए जाएंगे। आरोपियों से पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद ही यह तय होगा कि और कौन-कौन से कर्मचारी या अधिकारियों से आरोपी ने कथित रूप से आर्थिक लाभ लिया।
आरडीई कार्यालय में कार्यरत अन्य कर्मचारियों और शिकायतकर्ता के बयान दर्ज किए गए हैं। जांच के दौरान यह भी पता चला कि आरोपी ने विभिन्न योजनाओं और वेतन निर्धारण प्रक्रियाओं में हस्तक्षेप कर कई मामलों में अनुचित लाभ प्राप्त करने की कोशिश की। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हुआ कि रिश्वत लेने की प्रक्रिया में आरोपी का पैटर्न नियमित था और यह एक व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो रहा था।
सतर्कता विभाग ने आरोपी के घर और कार्यालय से जब्त की गई राशि को सुरक्षित रख लिया है। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह राशि अदालत में पेश की जाएगी और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। आरोपी से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं, जिनके आधार पर मामले की व्यापक जांच की जा रही है।
इस मामले में आरोपी के खिलाफ दर्ज मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गंभीर अपराध माना गया है। जांच में जुटी टीम विभिन्न दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और लेन-देन से जुड़ी सूचनाओं की पड़ताल कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि आरोपी ने किस प्रकार से कर्मचारियों से रिश्वत लेने के लिए संपर्क किया और किन माध्यमों का इस्तेमाल किया।
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद सतर्कता विभाग ने आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत जुटाने के लिए विस्तृत तलाशी अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान आरोपी के घर से बड़ी मात्रा में नकद रकम बरामद हुई, जबकि कार्यालय में भी रकम और महत्वपूर्ण दस्तावेज पाए गए। इन सबूतों को जांच प्रक्रिया का हिस्सा बनाया गया है।
जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी ने केवल व्यक्तिगत लाभ के लिए रिश्वत की मांग की। मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है और अभी तक किसी अन्य व्यक्ति के शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई है। सतर्कता विभाग ने कहा है कि मामले की आगे की जांच में सभी आवश्यक क़दम उठाए जाएंगे और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भुवनेश्वर में यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के मामलों में सतर्कता विभाग की तत्परता को दर्शाती है। आरोपी के खिलाफ दर्ज मामले की गहन जांच के साथ ही सभी संबंधित दस्तावेज़ और आर्थिक लेन-देन की जांच भी की जा रही है।
इस पूरे मामले में आरोपी की गिरफ्तारी, जब्ती की गई रकम और दस्तावेजों की पुष्टि के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि आरोपी ने अपनी जिम्मेदारी का दुरुपयोग किया और रिश्वत लेने की कोशिश की। जांच जारी है और आने वाले समय में मामले के अन्य पहलुओं पर भी प्रकाश डाला जाएगा।

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