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बिहार में बिजली बिल में बड़ा बदलाव, टाइम ऑफ डे टैरिफ लागू

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बिहार में बिजली उपभोक्ताओं के लिए नया नियम लागू होने जा रहा है। राज्य विद्युत नियामक आयोग (BERC) ने टाइम ऑफ डे (TOD) टैरिफ को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत अब बिजली का बिल दिन के समय के अनुसार तय होगा। सुबह और दिन के समय बिजली सस्ती रहेगी, जबकि शाम के पीक समय में यह महंगी होगी।
यह नई व्यवस्था सबसे पहले स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले उपभोक्ताओं पर लागू होगी। इन मीटरों के जरिए बिजली खपत का रिकॉर्ड डिजिटल रूप में होगा और बिलिंग स्वतः समय के अनुसार तय होगी। स्मार्ट मीटर लगे लगभग 87 लाख घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को यह नियम प्रभावित करेगा।
नए टैरिफ के अनुसार, सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली का उपयोग करने पर उपभोक्ताओं को 80 प्रतिशत राशि चुकानी होगी। शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक का समय पीक आवर माना जाएगा। इस दौरान घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 110 प्रतिशत और व्यावसायिक या औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए 120 प्रतिशत दर लागू होगी। रात 11 बजे से सुबह 9 बजे तक खपत पर सामान्य दर लागू रहेगी।
बिजली कंपनियां स्मार्ट मीटर और डिजिटल रिकॉर्डिंग सिस्टम के जरिए उपभोक्ता के खपत डेटा को इकट्ठा करेंगी। बिलिंग सिस्टम में उपभोक्ता के खपत समय के अनुसार दरें स्वचालित रूप से लागू होंगी। उपभोक्ता अपने ऐप या डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपने मीटर की खपत और बिल का पूरा विवरण देख सकेंगे।
स्मार्ट मीटर खपत का वास्तविक समय रिकॉर्ड करेगा और बिजली कंपनियां इसे बिलिंग के लिए इस्तेमाल करेंगी। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपभोक्ता अपने मीटर की खपत की जानकारी तुरंत देख पाएंगे और बिल का विवरण समझ सकेंगे।
दिन और शाम के समय बिजली की दरें अलग होंगी। सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक की अवधि में बिजली सस्ती रहेगी। इस समय खपत पर उपभोक्ताओं को बिल का केवल 80 प्रतिशत राशि चुकानी होगी। शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक पीक आवर होगा, इस समय खपत पर घरेलू उपभोक्ताओं को 110 प्रतिशत और व्यावसायिक या औद्योगिक उपभोक्ताओं को 120 प्रतिशत दर पर बिल देना होगा। रात 11 बजे से सुबह 9 बजे तक सामान्य दर पर बिजली मिलेगी।
नई व्यवस्था मुख्य रूप से स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले उपभोक्ताओं पर लागू होगी। जिन उपभोक्ताओं का लोड 10 किलोवाट से अधिक है, उन पर भी TOD टैरिफ लागू किया जा सकता है। कृषि उपभोक्ताओं को फिलहाल इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है।
बिजली कंपनियां मीटर के डेटा के आधार पर बिलिंग करेंगी। उपभोक्ता को किसी अतिरिक्त फॉर्म या प्रक्रिया में शामिल होने की जरूरत नहीं होगी। बिलिंग पूरी तरह स्वचालित और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी।
इस व्यवस्था में उपभोक्ता अपने बिजली खपत का समय जान पाएंगे। दिन में खपत करने पर बिल कम आएगा, जबकि शाम के समय अधिक खपत करने पर बिल बढ़ सकता है। स्मार्ट मीटर और डिजिटल प्लेटफॉर्म की मदद से खपत का पूरा विवरण वास्तविक समय में देखा जा सकेगा।
बिजली कंपनियों के रिकॉर्ड के अनुसार, राज्य में लगभग 87 लाख उपभोक्ताओं के पास स्मार्ट मीटर स्थापित हैं। इनमें घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ता शामिल हैं। नए टैरिफ लागू होने के बाद इन उपभोक्ताओं का बिल खपत समय के अनुसार तय होगा।
स्मार्ट मीटर से खपत डेटा डिजिटल रूप में रिकॉर्ड होगा। उपभोक्ता इसे अपने मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए देख सकेंगे। इस जानकारी से उपभोक्ताओं को अपनी खपत का समय समझने में मदद मिलेगी और वे दिन और शाम के समय अपनी खपत को नियंत्रित कर सकेंगे।
शहरी क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर तेजी से लगाए जा रहे हैं। TOD टैरिफ लागू होने से लाखों उपभोक्ताओं का बिल खपत समय के अनुसार होगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म और स्मार्ट मीटर का उपयोग कर उपभोक्ता अपनी खपत का पूरा रिकॉर्ड वास्तविक समय में देख सकेंगे।
इस नई व्यवस्था के तहत बिजली का बिल समय के अनुसार तय होगा। सुबह और दिन के समय खपत सस्ती रहेगी, शाम के पीक समय में महंगी होगी। स्मार्ट मीटर और डिजिटल रिकॉर्डिंग सिस्टम से खपत का डेटा एकत्रित होगा। बिलिंग समय के अनुसार स्वतः तय होगी। उपभोक्ता डिजिटल प्लेटफॉर्म या मोबाइल ऐप पर अपने मीटर की खपत और बिल का विवरण देख सकेंगे।
नई व्यवस्था मुख्य रूप से स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं पर लागू होगी। जिनका लोड 10 किलोवाट से अधिक है, उन पर भी यह नियम लागू हो सकता है। कृषि उपभोक्ताओं को फिलहाल इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है।
स्मार्ट मीटर और डिजिटल प्लेटफॉर्म से उपभोक्ताओं को खपत का सटीक डेटा मिलेगा। दिन और शाम के समय खपत को समझकर उपभोक्ता अपनी खपत का समय बदल सकते हैं। इससे बिलिंग प्रक्रिया पारदर्शी और वास्तविक समय में होगी।

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