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पटना में म्यूजिक प्रोडक्शन ठगी का खुलासा: मुंबई से जावेद शराफत अली खान गिरफ्तार

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पटना ठगी मामले में मुंबई से आरोपी गिरफ्तार, 70 लाख रुपये से अधिक की ठगी का पर्दाफाश

पटना: राजधानी पटना के गांधी मैदान थाना क्षेत्र में एक बड़े म्यूजिक प्रोडक्शन ठगी मामले में पुलिस को सफलता मिली है। पुलिस ने मुंबई से मुख्य आरोपी जावेद शराफत अली खान को गिरफ्तार किया है। आरोपी को महाराष्ट्र के मलाड़ और मालवानी इलाके से पकड़ कर ट्रांजिट रिमांड पर पटना लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गांधी मैदान थाने के प्रभारी अखिलेश कुमार ने बताया कि इस मामले में दो अन्य आरोपियों प्रकाश भारद्वाज और राकेश वर्मा के खिलाफ भी कार्रवाई जारी है।

ठगी का तरीका

पाटलिपुत्र निवासी पीड़ित पेशे से डॉक्टर हैं और प्रोडक्शन से जुड़े कार्य भी करते हैं। 1 मार्च 2024 को उन्होंने गांधी मैदान थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनकी मुलाकात मुंबई निवासी जावेद शराफत अली खान से हुई, जिसने खुद को म्यूजिक डायरेक्टर बताया।

इसके सहयोगी प्रकाश भारद्वाज और राकेश वर्मा को रिकार्डिंग स्टूडियो का मालिक बताया गया। तीनों आरोपियों ने पीड़ित को म्यूजिक प्रोडक्शन और रिकॉर्डिंग व्यवसाय में निवेश का झांसा दिया। उन्हें भरोसा दिलाया गया कि निवेश के बाद गानों की रिकॉर्डिंग और प्रमोशन का काम शुरू हो जाएगा और अच्छा मुनाफा मिलेगा।

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बैंक खातों में ट्रांसफर

अधिकारियों के अनुसार, पीड़ित ने अपने तीन अलग-अलग बैंक खातों से कुल 70.68 लाख रुपये आरोपियों के खातों में ट्रांसफर कर दिए। पैसे ट्रांसफर होने के बाद भी कोई काम शुरू नहीं हुआ। जब पीड़ित ने प्रोजेक्ट की प्रगति के बारे में पूछताछ की, तो आरोपियों ने लगातार बहाने बनाना शुरू कर दिया।

छोटी फिल्म के नाम पर अतिरिक्त ठगी

इस दौरान जावेद शराफत ने एक छोटी फिल्म बनाने के नाम पर 2.25 लाख रुपये और लिए। बताया गया कि यह फिल्म गानों के प्रमोशन में मददगार होगी, लेकिन न तो फिल्म बनी और न ही कोई प्रोडक्शन कार्य शुरू हुआ।

मिक्सिंग-मास्टरिंग के नाम पर ठगी

अधिकारियों के अनुसार आरोपियों ने मिक्सिंग और मास्टरिंग के नाम पर भी 80 हजार रुपये वसूले, जबकि वास्तविक लागत कम बताई जा रही थी। लगातार टालमटोल और काम न होने से पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। जब पीड़ित ने पैसे वापस मांगने शुरू किए, तो आरोपियों ने संपर्क करना बंद कर दिया।

पुलिस कार्रवाई

गांधी मैदान थाना प्रभारी अखिलेश कुमार ने बताया, “आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया गया है और जल्द ही ट्रांजिट रिमांड पर पटना लाया जाएगा। पूछताछ के बाद पूरे गिरोह और ठगी के नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है। फिलहाल पुलिस अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।”

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आरोपियों का नेटवर्क

पुलिस के अनुसार, जावेद शराफत के अलावा प्रकाश भारद्वाज और राकेश वर्मा भी ठगी के प्रमुख आरोपियों में शामिल हैं। आरोप है कि यह गिरोह म्यूजिक प्रोडक्शन के बहाने लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाने का काम करता था। पुलिस अभी अन्य ठिकानों पर छापेमारी कर उन्हें पकड़ने की कोशिश कर रही है।

विशेषज्ञों की राय

साइबर और वित्तीय अपराध विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामले अक्सर बड़े निवेश और रचनात्मक उद्योग के बहाने होते हैं। लोग अपने पेशेवर अनुभव और भरोसे के आधार पर निवेश करते हैं और ठगी का शिकार बन जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में साक्ष्य और बैंक ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड सबसे महत्वपूर्ण साबित होते हैं।

डॉ. संजय वर्मा, वित्तीय अपराध विश्लेषक कहते हैं, “इस तरह के मामलों में ठग निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए पेशेवर दिखते हैं। म्यूजिक प्रोडक्शन, फिल्म और रिकार्डिंग के नाम पर ठगी करना आम है। पुलिस को जांच के दौरान डिजिटल और बैंकिंग सबूतों का पूरा विश्लेषण करना चाहिए।”

पब्लिक के लिए चेतावनी

गांधी मैदान थाना और साइबर क्राइम विभाग ने जनता से अपील की है कि कोई भी बड़ा निवेश करने से पहले संबंधित व्यक्ति या कंपनी की पूरी जांच करें। किसी भी तरह के वादों पर तुरंत भरोसा न करें।

“हम जनता से अनुरोध करते हैं कि अगर कोई व्यक्ति या संस्था म्यूजिक प्रोडक्शन या फिल्म निर्माण के नाम पर निवेश के लिए संपर्क करती है, तो तुरंत पुलिस या साइबर सेल को जानकारी दें। इससे अन्य लोग ठगी के शिकार होने से बचेंगे।”

— अखिलेश कुमार, गांधी मैदान थाना प्रभारी

ट्रांजिट रिमांड और आगे की कार्रवाई

मुख्य आरोपी जावेद शराफत अली खान को ट्रांजिट रिमांड पर पटना लाया जाएगा। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद आरोपियों का पूरा नेटवर्क और ठगी की योजना का खुलासा हो जाएगा। इसके साथ ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी रहेगी।

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निष्कर्ष

पटना पुलिस की इस कार्रवाई से स्पष्ट होता है कि बड़े आर्थिक अपराधों के खिलाफ जांच और गिरफ्तारी में तेजी लाई जा रही है। म्यूजिक प्रोडक्शन के बहाने की गई ठगी में अब तक कई लाख रुपये का नुकसान हुआ है, लेकिन पुलिस के सक्रिय प्रयास से आरोपी अब न्याय के कटघरे में लाए जाएंगे। विशेषज्ञ और पुलिस दोनों का मानना है कि जागरूकता और सतर्कता के साथ ही निवेशकों को अपने पैसे की सुरक्षा करनी चाहिए।

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