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बिहार में 9 से अधिक सिम रखने वालों के सिम बंद, साइबर ठगी रोकने बड़ा कदम
- Repoter 11
- 28 Mar, 2026
दूरसंचार विभाग ने 5 लाख से अधिक सिम बंद किए, 24 लाख लोग TAFCOP और संचार साथी पोर्टल से सिम जांच में जुड़े।
दूरसंचार विभाग ने 5 लाख से अधिक सिम बंद किए, 24 लाख लोग TAFCOP और संचार साथी पोर्टल से सिम जांच में जुड़े।
पटना: बिहार में दूरसंचार विभाग ने उन लोगों के सिम बंद करने की कार्रवाई शुरू कर दी है, जिनके नाम पर 9 से ज्यादा सिम कार्ड हैं। राज्य में लगभग 10 लाख लोग ऐसे हैं। इनमें से पांच लाख 47 हजार सिम पहले ही बंद कर दिए गए हैं, जबकि तीन लाख सिम बंद करने की प्रक्रिया में हैं।
यह कदम साइबर ठगी और फर्जी लेनदेन को रोकने के लिए उठाया गया है। दिसंबर 2024 में यह नियम बनाया गया था कि एक व्यक्ति के नाम पर 9 से अधिक सिम कार्ड नहीं हो सकते।
यह भी पढ़ें: संचार साथी पोर्टल पर सिम जांच कैसे करें
कितने लोगों ने सिम की जांच की
बिहार में अब तक 24 लाख 9 हजार 926 लोगों ने अपने सिम की जांच करने के लिए संचार साथी एप और पोर्टल पर आवेदन किया है। इसमें 11 लाख 89 हजार 345 लोगों के नाम से जारी सिम का उपयोग अन्य लोग कर रहे थे। ऐसे लोगों ने संबंधित कंपनी को जानकारी देकर अपने सिम बंद करा लिया।
अपर महाप्रबंधक अनिल कुमार ने बताया कि रोजाना 500 से 600 लोग सिम बंद करने का अनुरोध कर रहे हैं। इनमें उन लोगों के अलावा भी आवेदन हैं जिनके पास 5 से 9 सिम हैं।
यह भी पढ़ें: TAFCOP सेवा के जरिए अपने सिम की जांच
एक ही नाम पर हजारों सिम क्यों
कुछ लोग फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर हजारों सिम लेते हैं। इन सिम का उपयोग ज्यादातर साइबर ठगी में किया जाता है। दूरसंचार विभाग ने ऐसे 12,543 लोगों को चिह्नित किया है। इनमें अधिकांश सिम नालंदा, गया, मधुबनी, सीतामढ़ी, सीवान और सहरसा जिलों के लोगों के नाम पर पाए गए।
साइबर ठग इन सिम का इस्तेमाल बैंक ट्रांजेक्शन, डिजिटल वॉलेट, OTP चुराने और फर्जी मैसेज भेजने के लिए करते हैं। अपराध के बाद सिम तोड़ दिए जाते हैं, जिससे पुलिस के लिए लोकेशन ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है।
यह भी पढ़ें: साइबर ठगी में सिम का उपयोग
अपने नाम पर कितने सिम हैं, कैसे जानें
sancharsaathi.gov.in पर जाएं।
'Citizen Centric Services' में 'Know Your Mobile Connections (TAFCOP)' चुनें।
10 अंकों का मोबाइल नंबर और कैप्चा डालें।
OTP वैलिडेट करें।
स्क्रीन पर आपके नाम पर रजिस्टर्ड सभी नंबर दिखाई देंगे।
यदि कोई नंबर आपका नहीं है, तो उसे 'Not My Number' या 'Not Required' विकल्प से रिपोर्ट करें। रिपोर्ट सबमिट करने के बाद Ticket ID मिलेगी, जिससे स्टेटस ट्रैक किया जा सकेगा।
यह भी पढ़ें: TAFCOP पोर्टल से सिम रिपोर्ट
सिम लेने के नियम
एक व्यक्ति अपनी एक आईडी (जैसे आधार कार्ड) पर अधिकतम 9 सिम ले सकता है।
जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर में अधिकतम 6 सिम।
सिम एक्टिवेशन के समय लाइव फोटो और डिजिटल वेरिफिकेशन अनिवार्य।
न्यूनतम आयु 18 वर्ष।
विदेशी पर्यटकों के लिए पासपोर्ट और वीजा अनिवार्य।
फर्जी दस्तावेज पर सिम लेने पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई।
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साइबर ठगी में सिम कैसे इस्तेमाल होता है
ठग अक्सर दूसरों के नाम पर सिम लेकर बैंक OTP, डिजिटल वॉलेट और फर्जी संदेश भेजते हैं।
सिम बंद कराने के बाद भी उन्हें नया सिम हासिल कर ठगी जारी रहती है। इसीलिए सरकार ने सख्त नियम बनाकर 9 से अधिक सिम पर रोक लगाई।
निष्कर्ष
बिहार में 9 से अधिक सिम रखने वालों के खिलाफ सख्ती साइबर अपराध रोकने की दिशा में बड़ा कदम है। TAFCOP और संचार साथी पोर्टल के माध्यम से हर नागरिक अपने नाम पर रजिस्टर्ड सिम जांच सकते हैं।
इस पहल से न केवल साइबर ठगी पर रोक लगेगी, बल्कि दूरसंचार विभाग का डेटाबेस भी साफ़ और सुरक्षित रहेगा।
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