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बिहार में मौसम का कहर: आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से बिगड़ी स्थिति, ठंडी हवाओं ने दी राहत

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पटना। बिहार में बुधवार सुबह अचानक मौसम ने करवट बदल दी। राज्य के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। वहीं कई इलाकों में ठंडी हवाओं और बादलों ने गर्मी से राहत दी। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए अलर्ट जारी किया है और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, राज्य में इस बदलाव के पीछे पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय गर्मी का संयुक्त प्रभाव है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण नमी और ठंडी हवाएं आ रही हैं, जबकि दिन में तेज धूप ने जमीन को गर्म कर दिया है। इस कारण वातावरण अस्थिर हो गया है और तेज हवाओं, आंधी और बारिश जैसी परिस्थितियां बन रही हैं।
कई जिलों में नुकसान
खगड़िया जिले में देर रात आई तेज आंधी ने जमकर तबाही मचाई। कई घरों के छत और दीवारें क्षतिग्रस्त हुईं, वहीं पेड़ गिरने से नेशनल हाईवे जाम हो गया। सुपौल और सहरसा में भी तेज हवाओं के कारण पेड़ उखड़ गए। इस दौरान मकानों, दुकानों और फसलों को नुकसान पहुंचा।
सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर में स्थिति गंभीर रही। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के आवास पर दीवार और छप्पर गिर गया और सरकारी वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया। स्थानीय प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
इससे पहले मौसम विभाग ने चेतावनी जारी कर कहा था कि आंधी और ओलावृष्टि का असर सबसे ज्यादा पूर्वी और उत्तरी जिलों में देखने को मिलेगा। कैमूर, बक्सर और रोहतास जिलों में भी भारी बारिश और तूफानी हवाओं के लिए अलर्ट जारी किया गया।
बारिश और ओलावृष्टि का आंकलन
पिछले 24 घंटों में राज्य के विभिन्न जिलों में बारिश और ओलावृष्टि की घटनाएं दर्ज की गईं।
वैशाली के राजापाकर और रोह में 4.4 मिमी बारिश हुई।
नवादा के हिसुआ में 3.2 मिमी बारिश दर्ज हुई।
मधेपुरा में 24 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं।
पूर्वी चंपारण, शिवहर और सीतामढ़ी में ओलावृष्टि ने फसलों को नुकसान पहुँचाया। किसानों ने खेतों में पड़े हुए फल और सब्जियों को बचाने के लिए तड़पते हुए प्रयास किए, लेकिन अचानक आई मौसमीय आपदा ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया।
तापमान में उतार-चढ़ाव
राज्य में तापमान का उतार-चढ़ाव भी जारी है। डेहरी में अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि किशनगंज में न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण दिन और रात का तापमान अस्थिर हो रहा है। दिन में तेज धूप से तापमान बढ़ता है, जबकि रात को ठंडी हवाओं के कारण राहत मिलती है।
पटना समेत कई जिलों में सुबह से आसमान में बादल छाए रहे और हल्की धूप निकलने के बावजूद ठंडी हवाओं ने लोगों को गर्मी से राहत दी। किशनगंज में घना कोहरा देखा गया, जिससे दृश्यता प्रभावित हुई और वाहनों की रफ्तार पर असर पड़ा।
भविष्य का अलर्ट
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 4 अप्रैल से बिहार में मौसम फिर बिगड़ सकता है। 6 अप्रैल को पूरे राज्य में आंधी, बारिश और ठनका गिरने की संभावना जताई गई है। अगले 3–4 दिनों में अधिकतम तापमान में 1–3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि न्यूनतम तापमान में फिलहाल कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण नमी और ठंडी हवाओं का असर अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगा। लोगों को घरों की छतें और कमजोर ढांचों को सुरक्षित करने की सलाह दी गई है।
जनजीवन और प्रशासन की तैयारी
राज्य के जिला प्रशासन ने भी तुरंत कदम उठाए हैं। प्रभावित जिलों में पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें सक्रिय हो गई हैं। किसानों, दुकानदारों और आम नागरिकों को सतर्क रहने और जरूरी सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है।
इसके अलावा, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट पर हैं। स्कूलों और अस्पतालों में मौसम के कारण किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए आपातकालीन व्यवस्थाएं की गई हैं।
निष्कर्ष
बिहार में अचानक बदला मौसम राज्यवासियों के लिए चुनौती बन गया है। तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं ठंडी हवाओं ने गर्मी से राहत दी। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। प्रशासन ने भी राहत और बचाव के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं। अगले कुछ दिनों में मौसम की परिस्थितियों पर नजर रखना आवश्यक होगा, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से समय रहते निपटा जा सके।

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