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भ्रष्टाचार के आरोप में किशनगंज SDPO गौतम कुमार हटाए गए, EOU छापे के बाद पुलिस मुख्यालय तलब

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किशनगंज के SDPO गौतम Kumar को भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। EOU की छापेमारी में कथित तौर पर करोड़ों की संपत्ति सामने आने के बाद बिहार पुलिस मुख्यालय ने उन्हें योगदान के लिए बुलाया है।

पटना/किशनगंज: बिहार पुलिस महकमे में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। किशनगंज में तैनात एसडीपीओ गौतम कुमार को तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटा दिया गया है। बिहार पुलिस मुख्यालय ने आदेश जारी कर उन्हें पुलिस मुख्यालय में योगदान करने को कहा है। फिलहाल, किशनगंज सदर-2 के SDPO को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की हालिया छापेमारी के बाद गौतम कुमार की संपत्तियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस महकमे में इस कार्रवाई को बेहद अहम माना जा रहा है।

31 मार्च की छापेमारी के बाद बढ़ी हलचल

जानकारी के मुताबिक, 31 मार्च को EOU ने गौतम कुमार से जुड़े छह ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। जांच के दौरान उनके नाम के अलावा पत्नी, सास और एक महिला मित्र के नाम पर भी संपत्तियों के दस्तावेज और निवेश से जुड़े कई बिंदु सामने आने की बात कही जा रही है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, प्रारंभिक स्तर पर जो जानकारी सामने आई है, उसने पूरे मामले को काफी गंभीर बना दिया है। इसी के बाद पुलिस मुख्यालय ने उन्हें पद से हटाने का फैसला लिया।

कथित 80 करोड़ की संपत्ति पर जांच

सूत्रों के अनुसार, जांच के दायरे में आई संपत्तियों का अनुमानित मूल्य करीब 80 करोड़ रुपये तक बताया जा रहा है। हालांकि इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही संभव मानी जा रही है, लेकिन शुरुआती खुलासों ने पुलिस विभाग में हलचल तेज कर दी है।

EOU अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित रूप से अर्जित की गई संपत्तियों का स्रोत क्या है, किस अवधि में निवेश हुआ, और किन-किन माध्यमों से वित्तीय लेनदेन किए गए।

लंबे समय तक सीमांचल में रही तैनाती

बताया जाता है कि गौतम कुमार वर्ष 1994 में दरोगा पद पर बहाल हुए थे और बाद में पदोन्नति पाकर डीएसपी बने। उनकी तैनाती लंबे समय तक अररिया, किशनगंज और पूर्णिया जैसे सीमांचल जिलों में रही। ऐसे में जांच एजेंसियां अब उनके सेवा काल से जुड़े विभिन्न पहलुओं और संपत्ति विस्तार के पैटर्न को भी खंगाल रही हैं।

पुलिस विभाग में मचा हड़कंप

EOU की इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग के भीतर भी हलचल तेज हो गई है। विभागीय सूत्रों का मानना है कि यदि जांच में आरोप मजबूत पाए गए, तो आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

फिलहाल बिहार पुलिस मुख्यालय ने साफ संकेत दे दिया है कि भ्रष्टाचार के आरोपों को हल्के में नहीं लिया जाएगा और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

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