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पत्नी पर आरोपों पर भड़के हिमंता, कांग्रेस पर पाकिस्तान कनेक्शन का वार

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असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने पत्नी पर लगाए गए आरोपों को लेकर कांग्रेस पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कांग्रेस पर पाकिस्तानी सोशल मीडिया नेटवर्क से सामग्री लेने का आरोप लगाया और पवन खेड़ा के खिलाफ दर्ज शिकायत को लेकर बड़ा बयान दिया।

गुवाहाटी/आलम की खबर: असम की सियासत में सोमवार को उस वक्त नया भूचाल आ गया, जब मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने अपनी पत्नी को लेकर लगाए गए आरोपों पर कांग्रेस के खिलाफ बेहद आक्रामक रुख अपनाया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने न सिर्फ कांग्रेस पर झूठे और मनगढ़ंत आरोप गढ़ने का आरोप लगाया, बल्कि यह भी कहा कि इस पूरे विवाद के पीछे पाकिस्तान से जुड़े सोशल मीडिया नेटवर्क की भूमिका हो सकती है। मुख्यमंत्री का दावा है कि उनकी पत्नी के खिलाफ जो सामग्री सार्वजनिक की गई, वह किसी राजनीतिक शोध या आधिकारिक दस्तावेजी जांच का नतीजा नहीं, बल्कि बाहरी स्रोतों से जुटाई गई संदिग्ध और भ्रामक सूचनाओं पर आधारित है।

हिमंता बिस्वा सरमा ने साफ कहा कि उनकी पत्नी के खिलाफ जो आरोप लगाए गए हैं, वे केवल राजनीतिक हमला नहीं, बल्कि असम की चुनावी फिजा को प्रभावित करने की एक सुनियोजित कोशिश हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई दल या नेता फर्जी दस्तावेजों या कथित रूप से मनगढ़ंत सामग्री के सहारे चुनावी माहौल बिगाड़ने की कोशिश करता है, तो यह सिर्फ राजनीतिक मर्यादा का उल्लंघन नहीं, बल्कि गंभीर आपराधिक मामला भी बनता है। मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि ऐसे मामलों में लागू होने वाली धाराएं बेहद सख्त हो सकती हैं और अगर जांच में आरोप सही पाए गए, तो यह मामला उम्रकैद तक की सजा वाले प्रावधानों के दायरे में जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस पूरे मामले को लेकर उनकी पत्नी ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के खिलाफ पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज करा दी है। उन्होंने कहा कि अब यह मामला केवल राजनीतिक बयानबाजी का नहीं रहा, बल्कि कानून के दायरे में प्रवेश कर चुका है। हिमंता ने भरोसा जताया कि पुलिस शिकायत के आधार पर सभी पहलुओं की जांच करेगी और जो भी धाराएं उपयुक्त होंगी, उनके तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि चुनाव से ठीक पहले इस तरह के आरोपों का सामने आना अपने आप में कई सवाल खड़े करता है और इसकी निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हिमंता बिस्वा सरमा का सबसे बड़ा और सबसे तीखा आरोप “पाकिस्तान कनेक्शन” को लेकर रहा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ओर से जिस तरह की सामग्री प्रेस कॉन्फ्रेंस में पेश की गई, उसकी पड़ताल करने पर कई ऐसे संकेत मिले हैं, जो इसे सामान्य राजनीतिक अभियान से कहीं आगे का मामला बनाते हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, उनकी टीम की आंतरिक रिसर्च में यह बात सामने आई कि जो नैरेटिव और दस्तावेज सार्वजनिक किए गए, वे एक पाकिस्तानी सोशल मीडिया समूह से प्रेरित या उपलब्ध कराए गए प्रतीत होते हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ दिनों में पाकिस्तान के कुछ डिजिटल मंचों और चैनलों पर असम चुनाव को लेकर असामान्य सक्रियता देखी गई है, जो पहले कभी इस स्तर पर नहीं दिखी।

हिमंता ने कहा कि यह संयोग नहीं हो सकता कि असम चुनाव को लेकर अचानक बाहरी डिजिटल मंचों पर बहस तेज हो जाए और फिर लगभग उसी समय राज्य की राजनीति में उन्हीं बिंदुओं को आधार बनाकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाए। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि इस तरह की गतिविधियां राज्य के लोकतांत्रिक माहौल को प्रभावित करने की कोशिश हो सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई भारतीय राजनीतिक दल या उसके नेता बाहरी स्रोतों से आई सामग्री को बिना सत्यापन के चुनावी हथियार की तरह इस्तेमाल करते हैं, तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा और लोकतांत्रिक संस्थाओं—दोनों के लिए चिंता का विषय है।

इसी दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता गौरव गोगोई पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण में जो सामग्री इस्तेमाल हुई, उसमें कई ऐसे दस्तावेज और विजुअल शामिल थे, जिनकी उत्पत्ति संदिग्ध है। हिमंता का आरोप है कि गौरव गोगोई को इस मामले में ऐसे डिजिटल नेटवर्क से मदद मिली, जिनकी भूमिका की गंभीर जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि आज के डिजिटल दौर में कुछ सौ डॉलर खर्च करके किसी कंपनी या दस्तावेजी ढांचे का बाहरी आवरण तैयार कर लेना मुश्किल नहीं रह गया है, इसलिए केवल किसी कागज या स्क्रीनशॉट के आधार पर बड़े आरोप लगाना बेहद खतरनाक प्रवृत्ति है।

मुख्यमंत्री का कहना था कि इस तरह की रणनीति केवल किसी एक व्यक्ति या परिवार की छवि खराब करने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यह पूरे चुनावी विमर्श को भटका सकती है। उन्होंने कहा कि अगर असम की राजनीति में झूठे दस्तावेज, डिजिटल दुष्प्रचार और विदेशी नेटवर्क से प्रभावित सामग्री का इस्तेमाल होने लगे, तो यह लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक संकेत होगा। इसी वजह से उन्होंने कानून लागू करने वाली एजेंसियों से अपेक्षा जताई कि वे इस पूरे मामले की तकनीकी, डिजिटल और कानूनी जांच करें और यह पता लगाएं कि आरोपों की असली जड़ क्या है।

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असम की राजनीति में यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब चुनावी हलचल धीरे-धीरे तेज होती जा रही है और दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी आक्रामक होता दिख रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री का यह बयान केवल व्यक्तिगत या पारिवारिक बचाव नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक जवाब भी माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि पुलिस जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में जाती है, और क्या कांग्रेस इन आरोपों का औपचारिक जवाब देती है या नहीं। फिलहाल, हिमंता बिस्वा सरमा के इस पलटवार ने असम की राजनीति में एक नया और बेहद संवेदनशील मोड़ ला दिया है।

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