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बिहार में मौसम का कहर, गया में रेड अलर्ट; कई जिलों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की चेतावनी

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बिहार में मौसम ने अचानक करवट ली है। गया में रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि कई जिलों में बारिश, तेज आंधी, वज्रपात और ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है। किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

पटना/आलम की खबर: बिहार में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है और राज्य के कई जिलों में सोमवार को खराब मौसम की चेतावनी जारी की गई है। पटना स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने साफ संकेत दिए हैं कि आने वाले घंटों में कई हिस्सों में तेज आंधी, गरज-चमक, वज्रपात, बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी देखने को मिल सकती है। सबसे गंभीर स्थिति गया जिले को लेकर बताई गई है, जहां मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार गया में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और इसके साथ तेज बारिश, बिजली गिरने और ओले पड़ने की भी आशंका बनी हुई है। मौसम विभाग की इस चेतावनी के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है और लोगों से अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर नहीं जाने की अपील की गई है।

राज्य के दक्षिण और मध्य बिहार के कई जिलों में मौसम का असर ज्यादा देखने को मिलने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक औरंगाबाद, बांका, गया, जहानाबाद, जमुई, लखीसराय, नालंदा, नवादा और शेखपुरा जैसे जिलों में मेघ गर्जन के साथ बारिश और वज्रपात की संभावना है। इन जिलों में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज लोगों के लिए राहत और परेशानी दोनों लेकर आया है। एक ओर जहां भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को तापमान में गिरावट के रूप में थोड़ी राहत मिल सकती है, वहीं दूसरी ओर तेज हवा, बिजली और ओलावृष्टि किसानों के लिए चिंता का बड़ा कारण बन गई है। खासकर जिन इलाकों में गेहूं की फसल कटाई के दौर में है, वहां मौसम का यह बदलाव खेती-किसानी पर सीधा असर डाल सकता है।

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शेखपुरा जिले में तो रविवार रात से ही मौसम का असर दिखने लगा था। वहां तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई, जिसने कई इलाकों में सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया। ग्रामीण क्षेत्रों से ऐसी खबरें भी सामने आ रही हैं कि तेज आंधी के कारण खेतों में खड़ी और कटाई के इंतजार में पड़ी गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। किसानों की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि इस समय फसल पककर तैयार है और मौसम की एक छोटी मार भी पूरे सीजन की मेहनत पर पानी फेर सकती है। कई जगहों पर खेतों में पानी भरने और फसल झुकने की भी सूचना मिली है, जिससे कृषि नुकसान की आशंका और बढ़ गई है।

मौसम विभाग ने बक्सर, भोजपुर, अरवल, कैमूर, रोहतास और औरंगाबाद के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में आंधी-तूफान, वज्रपात, तेज बारिश और ओलावृष्टि का खतरा बना हुआ है। ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि मौसम की स्थिति सामान्य से अधिक खतरनाक हो सकती है और लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। इसके अलावा बिहार के अन्य कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जो इस बात का संकेत है कि मौसम अचानक खराब हो सकता है और सावधानी जरूरी है। मौसम विभाग ने किसानों, राहगीरों, छोटे दुकानदारों और खुले में काम करने वाले लोगों को विशेष रूप से सचेत रहने को कहा है।

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मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी सिस्टम के सक्रिय होने की वजह से देखने को मिल रहा है। इसका असर बिहार के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग रूप में दिखाई दे रहा है। कहीं तेज हवा चल रही है, कहीं मेघ गर्जन के साथ बारिश हो रही है, तो कहीं ओले गिरने की आशंका बनी हुई है। इस तरह की मौसमी गतिविधियां खासकर अप्रैल के शुरुआती दिनों में किसानों के लिए ज्यादा चुनौतीपूर्ण मानी जाती हैं, क्योंकि यह समय रबी फसलों की कटाई और भंडारण का होता है। ऐसे में अचानक हुई बारिश और ओलावृष्टि से खेतों में तैयार फसल खराब हो सकती है और किसानों की आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ सकता है।

मौसम खराब होने के कारण राज्य के कई हिस्सों में तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। विभाग के अनुसार वाल्मीकिनगर, मोतिहारी, फारबिसगंज, छपरा और रोहतास के डेहरी में अधिकतम तापमान में 0.1 से 1.7 डिग्री सेल्सियस तक की कमी देखी गई है। हालांकि, तापमान में गिरावट के बावजूद कुछ इलाकों में गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है। रोहतास पूरे राज्य में सबसे गर्म जिलों में शामिल रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यानी जहां एक तरफ बारिश और तेज हवा का असर है, वहीं दूसरी तरफ गर्मी की तपिश भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।

मौसम विभाग ने लोगों से साफ तौर पर कहा है कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने, खुले मैदान में रुकने या बिजली के खंभों और तारों के पास जाने से बचें। किसानों को सलाह दी गई है कि यदि वे खेतों में काम कर रहे हों और अचानक मौसम खराब हो जाए, तो तुरंत किसी सुरक्षित पक्के स्थान की ओर चले जाएं। बिजली कड़कने के दौरान मोबाइल फोन का अत्यधिक इस्तेमाल, खुले स्थानों पर खड़े रहना या धातु की वस्तुओं के संपर्क में रहना भी खतरनाक हो सकता है। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि मौसम से जुड़ी आधिकारिक सूचनाओं पर नजर बनाए रखें और अफवाहों से बचें।

बिहार में मौसम का यह बदला रूप आने वाले एक-दो दिनों तक और असर दिखा सकता है। ऐसे में राज्य के कई जिलों में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर गया, औरंगाबाद, रोहतास, नालंदा, जमुई, नवादा और आसपास के जिलों में रहने वाले लोगों के लिए यह समय सावधानी बरतने का है। मौसम भले ही गर्मी से राहत दे रहा हो, लेकिन इसके साथ जुड़ी आंधी, वज्रपात और ओलावृष्टि जैसी घटनाएं खतरे का संकेत भी दे रही हैं। फिलहाल, पूरे बिहार की नजर अब आसमान और मौसम विभाग की अगली अपडेट पर टिकी हुई है।

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