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दूसरी पत्नी से बिछड़ने पर मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक, 6 घंटे तक चला हाई-वोल्टेज ड्रामा

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समस्तीपुर के मोरवा में प्रेम प्रसंग और दूसरी शादी को लेकर हंगामा, पत्नी को बुलाने की जिद में टावर पर चढ़ा युवक.

समस्तीपुर/आलम की खबर:समस्तीपुर जिले के मोरवा प्रखंड से बुधवार शाम एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। पारिवारिक और सामाजिक विवाद से नाराज एक शादीशुदा युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया और घंटों तक नीचे उतरने से इनकार करता रहा। उसकी जिद सिर्फ इतनी थी कि उसकी दूसरी पत्नी को मौके पर बुलाया जाए, वरना वह जान दे देगा। इस घटना के बाद कुमैया चौक पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और देखते ही देखते वहां लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। मामला इतना संवेदनशील हो गया कि पुलिस, अग्निशमन विभाग, एम्बुलेंस से लेकर स्थानीय विधायक तक को मौके पर पहुंचना पड़ा।

यह हाई-वोल्टेज ड्रामा हलई थाना क्षेत्र के ररियाही पंचायत अंतर्गत कुमैया चौक पर हुआ, जहां युवक टावर की ऊंचाई पर चढ़कर लगातार अपनी मांग दोहराता रहा। नीचे खड़े लोग उसे समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन वह अपनी जिद से टस से मस नहीं हुआ। करीब छह घंटे तक चला यह नाटकीय घटनाक्रम पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना रहा। देर रात तक प्रशासन, पुलिस और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की समझाइश के बाद ही युवक नीचे उतरने को तैयार हुआ।

पहली शादी 15 साल पहले, संतान नहीं होने से बढ़ी दूरी

जानकारी के अनुसार, युवक की पहचान वासुदेव कुमार के रूप में हुई है। उसकी पहली शादी करीब 15 वर्ष पहले हुई थी, लेकिन दांपत्य जीवन में संतान नहीं होने के कारण घरेलू तनाव बना रहता था। परिवारिक जीवन की इस खालीपन के बीच वह रोजी-रोटी के लिए हैदराबाद में मजदूरी करने चला गया था। वहीं, कुछ समय पहले उसकी मुलाकात पटोरी थाना क्षेत्र के धमौन गांव की एक युवती से हुई। बातचीत का सिलसिला धीरे-धीरे नजदीकियों में बदला और दोनों के बीच प्रेम संबंध विकसित हो गया।

बताया जा रहा है कि यह रिश्ता समय के साथ इतना गहरा हो गया कि करीब एक महीने पहले दोनों ने हैदराबाद में ही शादी कर ली। हालांकि, इस रिश्ते की जानकारी जैसे ही परिवार और गांव तक पहुंची, मामला विवादों में घिर गया। युवक के परिजनों ने इस पूरे प्रकरण को लेकर कानूनी पहल की, जिसके बाद पुलिस ने दोनों को हैदराबाद से बरामद कर बिहार लाया। यहीं से यह निजी रिश्ता सार्वजनिक तनाव और सामाजिक दबाव का विषय बन गया।

गांव लौटते ही बढ़ा विवाद, अलग किए जाने से फूटा गुस्सा

सूत्रों के अनुसार, गांव लौटने के बाद युवक को स्थानीय स्तर पर भी विरोध और नाराजगी का सामना करना पड़ा। कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट किए जाने की भी चर्चा है। इसके बाद मंगलवार को पुलिस ने दोनों को उनके-अपने परिजनों के हवाले कर दिया। लेकिन परिवार और समाज के दबाव के कारण युवक और उसकी दूसरी पत्नी को अलग-अलग कर दिया गया। यही बात युवक को अंदर तक झकझोर गई।

बताया जाता है कि इसी अलगाव से आक्रोशित होकर वासुदेव कुमार ने बुधवार शाम अचानक यह कदम उठा लिया। वह गांव से निकलकर कुमैया चौक पहुंचा और वहां लगे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। टावर पर चढ़ने के बाद उसने साफ तौर पर ऐलान कर दिया कि जब तक उसकी दूसरी पत्नी को मौके पर नहीं लाया जाएगा, तब तक वह नीचे नहीं उतरेगा। उसने यहां तक चेतावनी दी कि अगर उसकी बात नहीं मानी गई तो वह टावर से कूदकर अपनी जान दे देगा।

प्रशासन में मचा हड़कंप, विधायक भी पहुंचे मौके पर

जैसे ही टावर पर युवक के चढ़ने की सूचना फैली, प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। हलई थाना की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। इसके साथ ही एहतियातन अग्निशमन विभाग और एम्बुलेंस को भी बुलाया गया। आसपास के गांवों और बाजार से बड़ी संख्या में लोग कुमैया चौक पर जमा होने लगे। हर कोई इस पूरे घटनाक्रम को देख रहा था, वहीं कई लोग अपने मोबाइल फोन से वीडियो भी बनाने लगे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय विधायक रणविजय साहू भी घटनास्थल पर पहुंचे। विधायक और पुलिस अधिकारियों ने युवक से लगातार संवाद बनाए रखा। नीचे से उसे भरोसा दिलाया जाता रहा कि उसकी बात सुनी जाएगी और जल्दबाजी में कोई कठोर कदम न उठाए। पुलिस और प्रशासन का पूरा प्रयास था कि बिना किसी अनहोनी के युवक को सुरक्षित नीचे उतारा जाए।

करीब 6 घंटे तक चला हाई-वोल्टेज ड्रामा

शाम से शुरू हुआ यह नाटकीय घटनाक्रम देर रात तक चलता रहा। बीच-बीच में युवक नीचे झांककर अपनी बात दोहराता और फिर टावर पर बैठ जाता। कभी वह भावुक हो जाता, तो कभी आक्रोश में अपनी पत्नी को बुलाने की मांग करता। नीचे मौजूद प्रशासनिक टीम और स्थानीय लोग लगातार उसे समझाते रहे कि इस तरह जान जोखिम में डालना किसी समस्या का समाधान नहीं है।

करीब छह घंटे की लंबी मशक्कत के बाद आखिरकार युवक का गुस्सा कुछ शांत हुआ। विधायक रणविजय साहू, पुलिस अधिकारियों और स्थानीय लोगों के आश्वासन के बाद वह धीरे-धीरे नीचे उतरने को तैयार हुआ। जैसे ही वह सुरक्षित नीचे आया, वहां मौजूद प्रशासनिक टीम ने राहत की सांस ली। इसके बाद पुलिस ने एहतियातन उसे अपने कब्जे में ले लिया, ताकि उसकी मानसिक स्थिति और पूरे मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सके।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। टावर पर चढ़े युवक की तस्वीरें और नीचे जमा भीड़ के दृश्य लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। कई लोग इस घटना को प्रेम प्रसंग और सामाजिक दबाव का नतीजा बता रहे हैं, तो कई इसे मानसिक तनाव और पारिवारिक विघटन से जोड़कर देख रहे हैं।

गांव और आसपास के इलाकों में यह मामला अब भी चर्चा के केंद्र में है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते संवाद और समझदारी से स्थिति संभाली जाती, तो मामला इस हद तक नहीं पहुंचता। यह घटना सिर्फ एक पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि ग्रामीण समाज में रिश्तों, सामाजिक दबाव और भावनात्मक असंतुलन की जटिल तस्वीर भी पेश करती है।

पुलिस की आगे की कार्रवाई पर टिकी नजर

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। प्रशासन यह समझने की कोशिश कर रहा है कि युवक ने यह कदम किस मानसिक स्थिति में उठाया और आगे ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए क्या उपाय किए जाएं। यह भी देखा जा रहा है कि युवक और उसकी दूसरी पत्नी से जुड़े विवाद का समाधान किस तरह कानूनी और सामाजिक दायरे में निकाला जा सकता है।

समस्तीपुर के मोरवा की यह घटना एक बार फिर यह बताती है कि निजी रिश्तों के विवाद जब सामाजिक दबाव और भावनात्मक टूटन से टकराते हैं, तो हालात कितने खतरनाक मोड़ ले सकते हैं। फिलहाल युवक सुरक्षित है, लेकिन यह पूरा मामला इलाके के लिए लंबे समय तक चर्चा और चिंता का विषय बना रहेगा।

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