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समस्तीपुर पुलिस का ‘ऑपरेशन मुस्कान’ सफल, 28 लाख के 112 मोबाइल बरामद कर मालिकों को लौटाए

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समस्तीपुर में गुम और चोरी हुए 112 मोबाइल बरामद, पुलिस ने 28 लाख की संपत्ति लौटाकर जीता भरोसा.

समस्तीपुर/आलम की खबर:समस्तीपुर पुलिस ने एक बार फिर तकनीकी दक्षता और त्वरित कार्रवाई का उदाहरण पेश करते हुए गुम, चोरी और झपटामारी के मामलों में बड़ी सफलता हासिल की है। बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत जिले में व्यापक स्तर पर की गई कार्रवाई में पुलिस ने करीब 28 लाख रुपये मूल्य के 112 मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को सौंप दिए। इस कार्रवाई के बाद जहां मोबाइल खो चुके लोगों के चेहरों पर राहत दिखी, वहीं पुलिस की तकनीकी टीम और रिकवरी यूनिट की कार्यशैली की भी सराहना हो रही है।

पुलिस अधीक्षक, समस्तीपुर के निर्देशन में चल रहे इस अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों के गुम, चोरी और झपटामारी में गायब हुए मोबाइल फोन को तकनीकी और आसूचना आधारित ट्रैकिंग के जरिए वापस दिलाना है। इसी क्रम में जिले के अलग-अलग अनुमंडलों में गठित विशेष मोबाइल रिकवरी टीमों ने समन्वित अभियान चलाकर यह सफलता हासिल की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई में आधुनिक तकनीक, लोकेशन ट्रैकिंग, नेटवर्क डाटा और सूचनाओं के विश्लेषण का प्रभावी उपयोग किया गया।

समस्तीपुर जिले में इस अभियान की निगरानी पुलिस उपाधीक्षक (साइबर) दुर्गेश दीपक और डीआईयू सह जिला स्तरीय नोडल पदाधिकारी धन्नजय कुमार के नेतृत्व में की जा रही है। इनके मार्गदर्शन में युवा और प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों की अनुमंडलवार 6 मोबाइल रिकवरी टीमें बनाई गई हैं, जो अलग-अलग इलाकों में मोबाइल ट्रेसिंग और बरामदगी का काम कर रही हैं। यही वजह है कि अभियान अब महज औपचारिक कार्रवाई न रहकर एक परिणाम देने वाला पुलिस मॉडल बनता दिख रहा है।

इस ताजा कार्रवाई में सदर-1 मोबाइल रिकवरी टीम ने 18 मोबाइल, सदर-2 टीम ने 8 मोबाइल, दलसिंहसराय टीम ने 24 मोबाइल, रोसड़ा टीम ने 25 मोबाइल, पटोरी टीम ने 10 मोबाइल, जबकि साइबर थाना मोबाइल रिकवरी टीम ने सबसे अधिक 27 मोबाइल फोन बरामद किए। इन सभी मोबाइल फोन को तकनीकी सत्यापन और पहचान के बाद उनके वास्तविक स्वामियों को सुपुर्द कर दिया गया।

पुलिस का कहना है कि ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत अब तक समस्तीपुर जिले में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की जा चुकी है। ताजा 112 मोबाइल की बरामदगी के बाद जिले में अब तक कुल 1729 मोबाइल फोन उनके असली मालिकों तक पहुंचाए जा चुके हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 4 करोड़ 1 लाख रुपये बताई जा रही है। यह आंकड़ा न सिर्फ जिले में पुलिस की सक्रियता को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि तकनीकी जांच के जरिये छोटी दिखने वाली घटनाओं में भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।

इस अभियान की खास बात यह रही कि इसमें सिर्फ साइबर थाना ही नहीं, बल्कि अलग-अलग अनुमंडलों की टीमें भी बराबर सक्रिय रहीं। खासकर साइबर थाना समस्तीपुर की टीम ने सर्वाधिक मोबाइल बरामद कर अपनी उपयोगिता साबित की। वहीं दलसिंहसराय मोबाइल रिकवरी टीम ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए उल्लेखनीय संख्या में मोबाइल बरामद किए। पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से इन टीमों के कार्य को सराहनीय और प्रशंसनीय बताया गया है।

पुलिस विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस अभियान में बेहतर प्रदर्शन करने वाले तकनीकी शाखा और मोबाइल रिकवरी टीम के सदस्यों को पुरस्कृत किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि ऐसी उपलब्धियां न सिर्फ पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाती हैं, बल्कि आम लोगों के बीच पुलिस के प्रति विश्वास भी मजबूत करती हैं। विशेष रूप से ऐसे समय में, जब मोबाइल फोन आज लोगों के लिए सिर्फ संपर्क का माध्यम नहीं, बल्कि बैंकिंग, दस्तावेज, पहचान और रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है।

मोबाइल गुम या चोरी होने की स्थिति में आमतौर पर लोग उसे हमेशा के लिए खोया हुआ मान लेते हैं, लेकिन समस्तीपुर पुलिस की इस कार्रवाई ने यह भरोसा फिर से मजबूत किया है कि समय पर सूचना और तकनीकी मदद से खोई हुई संपत्ति वापस मिल सकती है। यही वजह है कि ‘ऑपरेशन मुस्कान’ अब केवल एक पुलिस अभियान नहीं, बल्कि नागरिकों के लिए राहत और भरोसे का जरिया बनता जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उनका मोबाइल फोन चोरी, गुम या झपटामारी का शिकार हुआ है, तो वे संबंधित थाना या साइबर थाना में तुरंत सूचना दर्ज कराएं। समय पर दी गई सूचना मोबाइल की लोकेशन ट्रैकिंग और रिकवरी में काफी मददगार साबित होती है। पुलिस का यह भी कहना है कि तकनीक का सही उपयोग और जनता का सहयोग मिल जाए, तो ऐसे मामलों में सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है।

समस्तीपुर पुलिस की यह कार्रवाई निश्चित रूप से जिले के लिए एक सकारात्मक उदाहरण है। जहां एक ओर अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है, वहीं दूसरी ओर आम नागरिकों की गुम हुई संपत्ति को खोजकर वापस दिलाना पुलिस की संवेदनशील और जवाबदेह छवि को भी सामने लाता है। ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत मिली यह सफलता आने वाले दिनों में और बड़े स्तर पर जनविश्वास को मजबूत कर सकती है।

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