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राज्यसभा शपथ के साथ नीतीश का नया रिकॉर्ड, लालू यादव के क्लब में एंट्री
- Reporter 12
- 10 Apr, 2026
नीतीश कुमार राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेकर एक खास रिकॉर्ड बना रहे हैं। वे लालू यादव के क्लब में शामिल होंगे, लेकिन रामविलास पासवान का अनोखा कीर्तिमान अब भी बरकरार रहेगा।
पटना/आलम की खबर:बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar आज राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं और इसके साथ ही उनके राजनीतिक करियर में एक अहम उपलब्धि जुड़ने जा रही है। यह शपथ केवल एक संवैधानिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि उनके लंबे संसदीय जीवन के एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखी जा रही है। इस कदम के साथ ही वे एक ऐसे विशेष क्लब में शामिल हो जाएंगे, जहां पहले से Lalu Prasad Yadav जैसे दिग्गज नेता मौजूद हैं। हालांकि, इस उपलब्धि के बावजूद वे Ram Vilas Paswan के अनोखे रिकॉर्ड को पीछे नहीं छोड़ पाएंगे।
नीतीश कुमार गुरुवार को ही दिल्ली पहुंच चुके थे और शुक्रवार को वे औपचारिक रूप से राज्यसभा सदस्य की शपथ लेंगे। उनके इस कदम को बिहार की राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है। लंबे समय से सक्रिय राजनीति में रहे नीतीश कुमार के लिए यह एक ऐसा मुकाम है, जिसकी इच्छा उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत से ही जाहिर की थी।
चारों सदनों का सदस्य बनने का गौरव
राज्यसभा की शपथ लेते ही नीतीश कुमार उन चुनिंदा नेताओं की सूची में शामिल हो जाएंगे, जिन्होंने बिहार विधानमंडल और संसद के चारों सदनों की सदस्यता हासिल की है। इसमें विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा शामिल हैं। यह उपलब्धि भारतीय राजनीति में बेहद खास मानी जाती है, क्योंकि बहुत कम नेता अपने करियर में इस मुकाम तक पहुंच पाते हैं।
इस मामले में Lalu Prasad Yadav पहले से ही एक स्थापित नाम हैं। वे न केवल चारों सदनों के सदस्य रह चुके हैं, बल्कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड भी बनाए हैं। 1977 में वे देश के सबसे युवा सांसदों में शामिल हुए थे और बाद में केंद्रीय मंत्री और बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में भी अपनी पहचान बनाई। अब नीतीश कुमार भी इस विशेष उपलब्धि के साथ उसी श्रेणी में खड़े नजर आएंगे।
बिहार की राजनीति में एक और नाम, Sushil Kumar Modi, भी चारों सदनों का सदस्य रह चुका है, जो इस उपलब्धि की विशिष्टता को और रेखांकित करता है।
अधूरी रह जाएगी पासवान का रिकॉर्ड तोड़ने की कोशिश
हालांकि नीतीश कुमार एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम करने जा रहे हैं, लेकिन वे Ram Vilas Paswan के उस अनोखे कीर्तिमान से अभी भी पीछे रहेंगे, जो भारतीय राजनीति में बेहद खास माना जाता है। रामविलास पासवान ने अपने करियर में छह अलग-अलग प्रधानमंत्रियों के साथ केंद्रीय मंत्री के रूप में काम किया था, जो अपने आप में एक दुर्लभ उपलब्धि है।
राजनीतिक गलियारों में उन्हें “मौसम वैज्ञानिक” भी कहा जाता था, क्योंकि वे समय के अनुसार राजनीतिक परिस्थितियों को भांपने में माहिर माने जाते थे। उन्होंने V. P. Singh, H. D. Deve Gowda, I. K. Gujral, Atal Bihari Vajpayee, Manmohan Singh और Narendra Modi—इन छह प्रधानमंत्रियों की सरकारों में मंत्री के तौर पर काम किया। यह रिकॉर्ड आज भी अटूट बना हुआ है।
तीन प्रधानमंत्रियों के साथ काम करने की संभावना
नीतीश कुमार का राजनीतिक अनुभव भी कम नहीं है। वे पहले ही दो प्रधानमंत्रियों—V. P. Singh और Atal Bihari Vajpayee—की सरकारों में केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। अब राज्यसभा में उनकी नई भूमिका को देखते हुए यह कयास लगाए जा रहे हैं कि यदि उन्हें केंद्र में कोई बड़ी जिम्मेदारी मिलती है, तो वे तीसरे प्रधानमंत्री Narendra Modi के साथ भी काम करने वाले नेताओं की सूची में शामिल हो सकते हैं।
राजनीतिक सफर का नया अध्याय
नीतीश कुमार का यह कदम उनके राजनीतिक सफर में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है। राज्य की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहने के बाद अब उनका राष्ट्रीय राजनीति में बढ़ता दखल कई नए समीकरणों को जन्म दे सकता है।
निष्कर्ष
राज्यसभा की शपथ के साथ नीतीश कुमार एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर रहे हैं और खुद को भारतीय राजनीति के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल कर रहे हैं, जिन्होंने चारों सदनों की सदस्यता पाई है। हालांकि रामविलास पासवान का रिकॉर्ड अभी भी उनसे आगे है, लेकिन नीतीश के लिए यह उपलब्धि उनके लंबे और प्रभावशाली राजनीतिक करियर का एक अहम पड़ाव साबित होगी। आने वाले समय में उनकी नई भूमिका और जिम्मेदारियां यह तय करेंगी कि वे राष्ट्रीय राजनीति में कितना बड़ा प्रभाव छोड़ पाते हैं।
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