:
Breaking News

पश्चिम चम्पारण में हड़ताल भड़काने के आरोप में दो राजस्व कर्मी निलंबित, प्रशासन की सख्त कार्रवाई

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

पश्चिम चम्पारण में राजस्व कर्मचारियों को हड़ताल के लिए उकसाने के आरोप में दो कर्मियों को निलंबित किया गया है। प्रशासन ने इसे अनुशासनहीनता बताते हुए सख्त कार्रवाई की है।

पश्चिम चम्पारण/आलम की खबर:बिहार के पश्चिम चम्पारण जिले में प्रशासन ने अनुशासन और सरकारी कार्यों की निरंतरता बनाए रखने को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए दो राजस्व कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इन पर आरोप है कि इन्होंने जिले में कार्यरत अन्य राजस्व कर्मचारियों को सामूहिक हड़ताल के लिए प्रेरित किया, जिसके कारण कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्य बाधित हो गए। जिलाधिकारी तरनजोत सिंह द्वारा की गई इस कार्रवाई को प्रशासनिक सख्ती का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है, जिससे यह संदेश दिया गया है कि सरकारी कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।प्राप्त जानकारी के अनुसार मझौलिया अंचल के राजस्व कर्मचारी ललन कुमार भारती और गौनाहा अंचल के राहुल रंजन पर यह आरोप लगा है कि उन्होंने जिले के अन्य कर्मियों को सामूहिक अवकाश लेने और हड़ताल में शामिल होने के लिए प्रेरित किया, जिसके परिणामस्वरूप 11 फरवरी 2026 से जिलेभर में राजस्व कर्मियों की हड़ताल शुरू हो गई और इसका सीधा असर आम जनता से जुड़े दैनिक कार्यों पर पड़ा। प्रशासन का मानना है कि यह कदम न केवल सेवा नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे आम लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा, इसलिए मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की गई।

जरूरी सेवाएं हुईं प्रभावित, आम जनता परेशान

राजस्व कर्मियों की हड़ताल का असर जिले में व्यापक रूप से देखा गया, जहां जमाबंदी सुधार, आधार सीडिंग, सरकारी भूमि का सत्यापन और लोक सेवाओं के अधिकार अधिनियम (RTPS) से जुड़े कार्य पूरी तरह ठप हो गए, जिससे आम लोगों को अपने जरूरी काम के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़े और उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। इसके अलावा जनगणना-2027 जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा, जिससे प्रशासन की चिंता और बढ़ गई थी, क्योंकि यह कार्य समयबद्ध और अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

आदेशों की अवहेलना और नियमों का उल्लंघन

प्रशासन द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि संबंधित दोनों कर्मियों ने न केवल अपने कर्तव्यों की अनदेखी की, बल्कि वरीय अधिकारियों के निर्देशों का भी पालन नहीं किया। आरोप है कि उन्होंने मुख्य सचिव स्तर से जारी निर्देशों की अवहेलना की और साप्ताहिक बैठकों में सहयोग नहीं किया, जो कि सेवा नियमों के खिलाफ है।

इस प्रकार का आचरण बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के तहत अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है, जिसके आधार पर विभागीय कार्रवाई आवश्यक मानी गई। प्रशासन का कहना है कि सरकारी कर्मचारी से अपेक्षा की जाती है कि वह नियमों का पालन करते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करे, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हुआ।

नियमानुसार निलंबन, मुख्यालय तय

उपरोक्त आरोपों को गंभीर मानते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन के दौरान ललन कुमार भारती का मुख्यालय भूमि सुधार उप समाहर्त्ता कार्यालय, नरकटियागंज तथा राहुल रंजन का मुख्यालय भूमि सुधार उप समाहर्त्ता कार्यालय, बगहा निर्धारित किया गया है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगे की जांच प्रक्रिया जारी रहेगी और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त कार्रवाई भी की जा सकती है।

प्रशासन का सख्त संदेश

इस कार्रवाई को प्रशासन की ओर से स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि सरकारी कार्यों में बाधा डालने या कर्मचारियों को उकसाने जैसी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि यदि समय रहते सख्ती नहीं दिखाई गई, तो इससे प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और आम जनता को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

व्यवस्था बहाल करने की कोशिश

घटना के बाद प्रशासन ने राजस्व कार्यों को फिर से पटरी पर लाने के प्रयास तेज कर दिए हैं, ताकि आम लोगों को हो रही परेशानियों को जल्द से जल्द दूर किया जा सके। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि लंबित कार्यों का शीघ्र निपटारा किया जाए और जनता को सेवाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं।

यह भी पढ़ें:

गया में अवैध बालू खनन पर बड़ी कार्रवाई

सीवान में CSP संचालक से 9.47 लाख की लूट

मुजफ्फरपुर में साइबर ठगी का बड़ा मामला

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *