मोहम्मद आलम
पटना, 18 अक्टूबर 2025 — बिहार विधानसभा चुनाव में आज का दिन सियासी सरगर्मी से भरपूर रहा। नामांकन के आखिरी दौर में नेताओं और दलों की चालें देखकर यह साफ हो गया है कि इस बार मुकाबला सिर्फ सीटों का नहीं, साख और गठबंधन की एकता का भी है।
आलमनगर में अजब मामला — एक प्रत्याशी, दो सिंबल!
आलमनगर विधानसभा सीट से एक उम्मीदवार ने सभी को चौंका दिया। नवीन कुमार नाम के प्रत्याशी ने एक नहीं बल्कि दो अलग-अलग पार्टियों के सिंबल पर नामांकन दाखिल कर दिया, एक वीआईपी पार्टी से और दूसरा आरजेडी से। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अपलोडेड स्क्रीनशॉट ने पूरे राजनीतिक गलियारे में हलचल मचा दी है। अब सबकी निगाहें इस पर हैं कि आयोग इस दोहरे नामांकन पर क्या रुख अपनाता है।
कुटुम्बा सीट पर महागठबंधन की 'फ्रेंडली फाइट'
कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम की परंपरागत सीट कुटुम्बा पर अब आरजेडी की भी नजर है। चर्चा है कि राजद यहां से सुरेश पासवान को टिकट दे सकती है। अगर ऐसा होता है तो यह महागठबंधन की बारहवीं सीट बन जाएगी जहां “फ्रेंडली फाइट” होगी। 2020 में यही सीट कांग्रेस के खाते में गई थी, लेकिन इस बार समीकरण बदल सकते हैं। नामांकन की आखिरी तारीख 20 अक्टूबर और वोटिंग 11 नवंबर को होगी।
शाह-चिराग मुलाकात से NDA को मजबूती का संदेश
दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह और लोजपा (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान की मुलाकात खत्म हुई। करीब 15 मिनट चली इस बैठक के बाद चिराग ने कहा, “NDA एकजुट है, और इस बार की जीत ऐतिहासिक होगी।” उन्होंने बताया कि साझा प्रचार अभियान की रूपरेखा पर चर्चा हुई है। मुलाकात के बाद चिराग ने गोविंदगंज में अपने उम्मीदवार राजू तिवारी के नामांकन में शामिल होकर जनसभा भी की।
भाकपा-माले ने जारी की उम्मीदवारों की लिस्ट
महागठबंधन के घटक दल भाकपा (माले) ने दो चरणों के लिए अपने 20 उम्मीदवारों की सूची जारी की। पार्टी ने अनुसूचित जाति और सामान्य वर्ग दोनों को प्रतिनिधित्व देने का दावा किया है। अब महागठबंधन के अंदर सीटों के बंटवारे पर सियासी तापमान और बढ़ने की संभावना है।
अलीनगर में नित्यानंद राय के बयान से मचा बवाल
अलीनगर में बीजेपी प्रत्याशी मैथिली ठाकुर के नामांकन के दौरान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा अलीनगर को सीता नगर बनाना है।”
इस बयान के बाद विपक्ष ने चुनाव आयोग से शिकायत की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं बीजेपी नेताओं का कहना है कि राय का आशय धार्मिक नहीं, संस्कृतिक और प्रतीकात्मक था।
चिराग पासवान का पलटवार — “जंगलराज की याद दिला रहे हैं ये लोग”
चिराग पासवान ने कहा कि आरजेडी-कांग्रेस का शासन जंगलराज का दूसरा नाम था। “90 के दशक में बिहार के लोग अपराध और पलायन से त्रस्त थे, पीएम मोदी के नेतृत्व में राज्य में अब निवेश और विकास की बयार है।”
निष्कर्ष:
नामांकन की सरगर्मी, बयानों की गरमी और गठबंधन की नर्मी—बिहार चुनाव 2025 अब हर रोज़ एक नया मोड़ ले रहा है। दोहरे नामांकन से लेकर "सीता नगर" विवाद तक, सियासी अखाड़े में अब हर कदम पर नया तमाशा है।