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बेतिया में दर्दनाक हादसा: ट्रैक्टर-ट्रॉली ने दो को कुचला, एक की मौत, सड़क जाम कर हंगामा

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बेतिया के मैनाटांड़ मार्ग पर तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने दो लोगों को कुचल दिया। एक की मौके पर मौत, दूसरा गंभीर रूप से घायल। घटना के बाद लोगों ने सड़क जाम कर विरोध किया।

बेतिया/आलम की खबर:पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया-मैनाटांड़ मार्ग पर रविवार की सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। बकुलहर चौक के समीप तेज रफ्तार से आ रही सीमेंट लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने सड़क किनारे मौजूद दो लोगों को कुचल दिया, जिसमें एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। इस दर्दनाक घटना के बाद जहां एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, वहीं स्थानीय लोगों में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला।

अचानक हुआ हादसा, संभलने का नहीं मिला मौका

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा उस वक्त हुआ जब पिपरा गांव निवासी 25 वर्षीय भगरासन साह सड़क किनारे मछली बेच रहे थे। उसी दौरान बकुलहर के रहने वाले मनोज महतो वहां खरीदारी कर रहे थे। तभी बेतिया की ओर से मैनाटांड़ की दिशा में जा रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली तेज रफ्तार में पहुंची और चालक का नियंत्रण बिगड़ गया।

देखते ही देखते वाहन ने दोनों को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि भगरासन साह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मनोज महतो गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे।

मौके पर मची चीख-पुकार, तुरंत शुरू हुआ बचाव कार्य

हादसे के बाद वहां मौजूद लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया। घायल मनोज महतो को स्थानीय लोगों की मदद से उठाकर प्राथमिक इलाज के लिए भेजा गया। इसी बीच किसी ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद गोपालपुर थाना की टीम घटनास्थल पर पहुंची।

पुलिस ने गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को तुरंत बेहतर इलाज के लिए बेतिया भेजा, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई बताई जा रही है। डॉक्टरों की टीम उसका इलाज कर रही है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

परिजनों और ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

घटना के बाद मृतक के परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो उठे। गुस्साए लोगों ने शव को सड़क पर रखकर बांस-बल्ला लगाकर मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। इस दौरान लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

लोगों का कहना था कि इस सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों की वजह से अक्सर हादसे होते रहते हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। इस वजह से आए दिन निर्दोष लोग अपनी जान गंवा रहे हैं।

पुलिस और प्रशासन को करनी पड़ी मशक्कत

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया। चनपटिया और कुमारबाग थाना की पुलिस के साथ क्विक एक्शन टीम भी मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन शुरुआत में लोग मानने को तैयार नहीं थे।

करीब दो घंटे तक सड़क जाम रहा, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। बाद में अधिकारियों द्वारा उचित कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद लोगों ने जाम हटाया और स्थिति सामान्य हुई।

पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

जाम हटने के बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच बेतिया भेज दिया। साथ ही, हादसे में शामिल ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया गया है। चालक को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है।

गोपालपुर थाना प्रभारी ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि हादसे के समय वाहन की गति कितनी थी और चालक की लापरवाही किस हद तक जिम्मेदार है।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

इस हादसे में जान गंवाने वाले भगरासन साह अपने परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे। उनकी मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में मातम पसरा हुआ है और पत्नी व छोटे बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए और घायल व्यक्ति के इलाज की पूरी व्यवस्था की जाए।

सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही और तेज रफ्तार के कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं।

लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस इलाके में स्पीड कंट्रोल के लिए ठोस उपाय किए जाएं, जैसे स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेत और नियमित पुलिस गश्त। साथ ही, ट्रैक्टर-ट्रॉली जैसे भारी वाहनों की निगरानी भी बढ़ाई जाए।

प्रशासन के लिए चेतावनी

यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासन के लिए चेतावनी भी है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी घटनाएं आगे भी होती रहेंगी। स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

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