मोहम्मद आलम
पटना:दिवाली की रोशनी के बीच बिहार की सियासत में राजकुमार सिंह ने बारूद की बात रख दी है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता राजकुमार सिंह ने एक बार फिर सत्ता गठबंधन ,केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर सीधा हमला बोला है।
उन्होंने कहा,अगर जनता अपराधियों और भ्रष्ट नेताओं को वोट देगी, तो बिहार कभी आगे नहीं बढ़ पाएगा। ऐसे प्रत्याशियों से बेहतर है NOTA को वोट दें।दिवाली की,शुभकामनाओं के साथ ही राजकुमार सिंह ने एक तीखा संदेश दिया,इस बार वोट दीजिए सोच-समझकर। अपने बच्चों के भविष्य के लिए, अपने बिहार के सम्मान के लिए। अगर सामने सभी प्रत्याशी अपराधी या भ्रष्ट हैं, तो NOTA दबाना ही सच्चा लोकतंत्र है।”
उनका यह बयान साफ तौर पर एनडीए समेत तमाम दलों के उम्मीदवार चयन पर सवाल उठाने वाला था।
“जिन्हें कभी अनुशासन में लाया, वही अब टिकट पर मैदान में”
राजकुमार सिंह ने नाम लेकर कई प्रत्याशियों पर गंभीर आरोपों की चर्चा की।उन्होंने कहा —
“मोकामा से एनडीए प्रत्याशी अनंत सिंह पर हत्या, नरसंहार और अपहरण जैसे केस हैं। जब मैं प्रशासन में था, तब इन्हें अनुशासन में लाना पड़ा था।इसी तरह उन्होंने नवादा से राजबल्लभ यादव का नाम लेते हुए कहा,उन पर बलात्कार और POCSO के गंभीर आरोप हैं। आज उनकी पत्नी विभा देवी चुनाव लड़ रही हैं। यह बिहार के लिए शर्मनाक स्थिति है।
पत्नी के नाम पर अपराधियों की राजनीति”
मोकामा से सूरजभान सिंह की पत्नी के चुनाव मैदान में आने पर राजकुमार सिंह ने कहा,जब खुद पर आपराधिक आरोप हों, तो परिवार की आड़ में राजनीति करना लोकतंत्र का अपमान है।उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा,कई राज्यों में आरोपित, खुद चुनाव नहीं लड़ सकते इसलिए पत्नी को मोहरा बनाया जा रहा है।
सम्राट चौधरी पर हत्या का आरोप, शाहबुद्दीन के बेटे तक टिकट”
राजकुमार सिंह ने किसी को नहीं बख्शा।उन्होंने कहा,तारापुर के एनडीए प्रत्याशी सम्राट चौधरी पर हत्या और उम्र प्रमाण पत्र में फर्जीवाड़े के आरोप हैं।रघुनाथपुर से शाहबुद्दीन के पुत्र ओसामा को टिकट देकर क्या संदेश दिया जा रहा है?”
उन्होंने जगदीशपुर से भगवान सिंह कुशवाहा पर नरसंहार से जुड़े आरोपों और संदेश से राधा चरण साह को “बालू माफिया” करार देते हुए कहा कि “इनके जेल जाने का इतिहास जनता नहीं भूली है।”
“भ्रष्टाचार और अपराध बिहार की जड़ें खोद रहे हैं”
राजकुमार सिंह ने कहा कि बिहार का सबसे बड़ा दुश्मन गरीबी नहीं, बल्कि राजनीति में घुसा अपराध और भ्रष्टाचार है।उनके शब्दों में
“जब अपराधी विधायक बनते हैं, तो थाने, स्कूल और अस्पताल सब उनके गिरोह की छाया में आ जाते हैं। इससे बड़ा दुर्भाग्य कोई नहीं।”
“जनता ही बदल सकती है राजनीति”
उन्होंने मतदाताओं से भावनात्मक अपील की,अब वक्त आ गया है कि बिहार की जनता अपने विवेक का इस्तेमाल करे। जो लोग अपराध और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देते हैं, उन्हें वोट देकर मतदाता अपने बच्चों के भविष्य पर ताला लगाते हैं। बिहार को बदलना है तो डर और लालच दोनों से ऊपर उठना होगा।”
निचोड़:
राजकुमार सिंह का यह बयान किसी एक दल पर नहीं, बल्कि पूरी राजनीतिक व्यवस्था पर सवालिया निशान है।दिवाली के दिन दिया जलाने से पहले उन्होंने बिहार की जनता के सामने एक चेतावनी की मशाल रख दी है,जो अपराधी है, उसे वोट मत दो ,चाहे वह किसी भी पार्टी का क्यों न हो।