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मोतिहारी के चकिया में पूजा के दौरान दर्दनाक हादसा, बूढ़ी गंडक नदी में जलबोझी करते 5 लोग बहे, 2 युवकों की मौत से मातम

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मोतिहारी के चकिया में पूजा के दौरान जलबोझी करने गए पांच लोग बूढ़ी गंडक नदी के तेज बहाव में बह गए। दो युवकों की मौत हो गई जबकि तीन लोगों को बचा लिया गया।

मोतिहारी/आलम की खबर:Motihari जिले के चकिया थाना क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब धार्मिक पूजा के दौरान जलबोझी करने गए लोग नदी के तेज बहाव की चपेट में आ गए। यह दर्दनाक घटना बूढ़ी गंडक नदी के किनारे उस वक्त हुई जब श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए जल भरने पहुंचे थे। अचानक हुए इस हादसे में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि तीन लोगों को स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोग अभी भी इस दर्दनाक घटना से सदमे में हैं।

पूजा के दौरान अचानक बदला हालात, पांच लोग बह गए नदी में

जानकारी के अनुसार, चकिया क्षेत्र के घासी पकड़ गांव से कुछ लोग धार्मिक पूजा के लिए बूढ़ी गंडक नदी पहुंचे थे। पूजा के दौरान जलबोझी करने के लिए पांच लोग नदी में उतरे। लेकिन जैसे ही वे गहरे पानी की ओर बढ़े, अचानक तेज बहाव ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।

नदी का बहाव इतना तेज था कि लोग संभल भी नहीं पाए और देखते ही देखते सभी पांच लोग बहने लगे। मौके पर मौजूद अन्य लोगों में हड़कंप मच गया और शोरगुल शुरू हो गया।

ग्रामीणों ने दिखाई तत्परता, तीन लोगों की बचाई जान

हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीण तुरंत हरकत में आए। बिना समय गंवाए कुछ लोग नदी में कूदे और बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिनकी हालत गंभीर बताई गई लेकिन उनकी जान बच गई।

ग्रामीणों की तत्परता से एक बड़ा हादसा और गंभीर रूप लेने से बच गया। लेकिन दो युवक तेज बहाव में बहकर लापता हो गए थे।

दो युवकों की दर्दनाक मौत, पहचान हुई स्पष्ट

कुछ देर बाद जब स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों ने खोजबीन शुरू की तो दोनों युवकों के शव नदी से बरामद किए गए। दोनों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी।

मृतकों की पहचान घासी पकड़ गांव निवासी ध्रुव शाह के पुत्र सोनू कुमार और उपेंद्र शाह के पुत्र गुड्डू कुमार के रूप में हुई है। दोनों की अचानक मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और घरों में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।

फिसलन और तेज बहाव बना हादसे की वजह

स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना के समय नदी का जलस्तर सामान्य से अधिक था और बहाव काफी तेज था। पूजा के दौरान पैर फिसलने से कुछ लोग असंतुलित हो गए और गहरे पानी में चले गए।

जैसे ही एक-दूसरे को बचाने की कोशिश की गई, सभी लोग एक साथ बहाव की चपेट में आ गए। यह पूरा हादसा कुछ ही पलों में हो गया, जिससे किसी को संभलने का मौका नहीं मिला।

प्रशासन और स्थानीय स्तर पर राहत कार्य

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा। बचाव कार्य तेज किया गया और गोताखोरों की मदद से खोज अभियान चलाया गया।

पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।

गांव में पसरा मातम, परिजन सदमे में

घटना के बाद घासी पकड़ गांव में मातमी माहौल है। मृतकों के घरों में चीख-पुकार मची हुई है। ग्रामीण बड़ी संख्या में पीड़ित परिवारों के घर पहुंचकर सांत्वना दे रहे हैं।

लोगों का कहना है कि यह हादसा बेहद दर्दनाक है और किसी ने भी नहीं सोचा था कि पूजा के दौरान ऐसा बड़ा हादसा हो जाएगा।

नदी किनारे सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

इस घटना के बाद एक बार फिर नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बूढ़ी गंडक नदी के किनारे पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं होते, जिससे ऐसे हादसे बार-बार हो जाते हैं।

लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पूजा-पर्व के दौरान नदी किनारे विशेष निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था की जाए।

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