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रोसड़ा नगर परिषद में मिलिभगत का खेल! पदाधिकारी की आँखों पर भ्रष्टाचार की पट्टी — गरीबों के हक का अनाज लूट रहा है डीलर”

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रोसड़ा:नगर परिषद में पदाधिकारियों और कुछ डीलरों की मिलीभगत ने गरीबों के पेट पर सीधा वार कर दिया है। केन्द्र और बिहार सरकार जहाँ गरीबों को मुफ़्त अनाज देने की योजना चला रही है, वहीं रोसड़ा में गरीबों को उनके हिस्से का पूरा अनाज तक नहीं मिल रहा।
जानकारी के अनुसार, कई डीलर खुलेआम एक यूनिट पर आधा किलो तक अनाज काट रहे हैं, और हैरानी की बात यह है कि इस लूट पर पदाधिकारी कुंभकरण की नींद सोए हुए हैं।कई बार समाचार प्रसारित होने और शिकायतें दर्ज होने के बावजूद कार्रवाई का नामोनिशान नहीं, जिससे साफ़ है कि मामला ऊँचाई तक पहुँच चुका है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो वे सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।सरकार की योजनाओं को बदनाम करने का यह खेल अब थमता नहीं तो भड़कता दिखाई दे रहा है। बताते चले कि यह लूट का खेल रोसड़ा नगर परिषद में ही सीमित नहीं है। बल्कि यह खेल रोसड़ा अनुमंडल के पूरे क्षेत्र का है।राशन डीलरों को हर यूनिट पर आधा किलो अनाज का चढ़ावा चढ़ाना एक अघोषित नियम बन चुका है। राशन डीलर की ऐसी कई वीडियो सामने आ चुकी हैं जिनमें वे राशन की कालाबाजारी की बात स्वीकार कर चुके हैं। जनता ने भी ऐसे लोगों की कई बार शिकायत की है। इन राशन डीलरों के खिलाफ तो कार्रवाई हो जाती है लेकिन कार्रवाई राशन डीलर से आगे किसी सरकारी कर्मचारी तक आज तक नहीं पहुंची है।
जिले में करीब लाखो राशन कार्ड धारक हैं। इनमें अंत्योदय कार्डधारक हजारो में हैं। अंत्योदय कार्ड धारकों को प्रति कार्ड 35 किलो अनाज दिया जाता है। बाकी कार्ड धारकों को परिवार के प्रति सदस्य के हिसाब से पांच किलो अनाज दिया जाता है। इसमें तीन किलो गेहूं व दो किलो चावल दिया जाता है। लेकिन गरीबों को यह अनाज अक्सर पूरा नहीं दिया जाता है। राशन डीलर हर कार्ड पर आधा किलो अनाज का चढ़ावा जनता से लेते हैं। खुद कई बार राशन डीलर भी इस बात को स्वीकार कर चुके हैं। उनकी ऐसी कई वीडियो भी वायरल हो चुकी हैं। वे कहते नजर आते हैं कि उन्हें ऊपर से ही कम अनाज मिलता है।

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