पटना:बिहार विधानसभा चुनाव के बीच महागठबंधन ने आज अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है, जिसे नाम दिया गया है — ‘तेजस्वी प्रण’। इस घोषणापत्र में सबसे ज्यादा जोर शिक्षा सुधार पर दिया गया है। तेजस्वी यादव ने कहा कि “हम बिहार की शिक्षा को फिर से गौरव दिलाने का प्रण लेकर मैदान में हैं।”
निजी स्कूलों और कोचिंग पर लगाम
महागठबंधन ने घोषणा की है कि बिहार में निजी स्कूलों और कोचिंग संस्थानों की फीस और संचालन के नियमन के लिए नया कानून बनाया जाएगा। इसके साथ ही शिक्षा व्यवस्था में चल रही संविदा प्रणाली समाप्त करने का वादा किया गया है।
हर प्रखंड में डिग्री कॉलेज, हर अनुमंडल में महिला कॉलेज
घोषणापत्र में कहा गया है कि प्रत्येक प्रखंड में डिग्री कॉलेज और प्रत्येक अनुमंडल में महिला कॉलेज की स्थापना की जाएगी।पटना में “सावित्रीबाई फुले–फातिमा शेख महिला विश्वविद्यालय” खोले जाने की घोषणा भी की गई है।दलित, पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग की छात्राओं के लिए हर जिले में आवासीय विद्यालय और छात्रावास बनाए जाएंगे। वहीं, नवोदय विद्यालय की तर्ज पर हर अनुमंडल में कर्पूरी ठाकुर आवासीय विद्यालय स्थापित किए जाएंगे।
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड अब 8 लाख तक, गरीब छात्रों को 25 लाख तक लोन
महागठबंधन ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की सीमा ₹4 लाख से बढ़ाकर ₹8 लाख करने और एससी, एसटी, ओबीसी, ईबीसी, ईडब्ल्यूएस छात्रों के लिए इसे ₹10 लाख तक बढ़ाने का वादा किया है।विदेश में उच्च शिक्षा के लिए गरीब छात्रों को ₹25 लाख तक का शिक्षा ऋण दिया जाएगा।
मदरसा शिक्षा में आधुनिक सुधार
मदरसों के लिए भी घोषणापत्र में गुणवत्ता सुधार का ब्लूप्रिंट पेश किया गया है।इसमें कहा गया है कि मदरसों में आधुनिक विषयों की पढ़ाई को प्रोत्साहन मिलेगा, शिक्षकों की नियमित नियुक्ति होगी और लाइब्रेरी व डिजिटल सुविधा का विस्तार किया जाएगा।
सभी छात्रों को टैबलेट, पेपर लीक पर सख्ती
कक्षा 8वीं से 12वीं तक के सभी गरीब छात्रों को निःशुल्क टैबलेट देने का वादा किया गया है।परीक्षा में अनियमितताओं और पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून लाने की बात कही गई है।
पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय दर्जा दिलाने की पहल
महागठबंधन ने कहा है कि पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाया जाएगा।साथ ही, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए राज्य से बाहर जाने वाले छात्रों को यात्रा व्यय सहायता दी जाएगी।
हर पंचायत में अंबेडकर पुस्तकालय
दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए विशेष विद्यालय खोलने की घोषणा के साथ ही हर पंचायत स्तर पर “अंबेडकर पुस्तकालय और रीडिंग रूम” की स्थापना की जाएगी।संत रविदास, कबीर और डॉ. भीमराव अंबेडकर की शिक्षाओं को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने की भी बात कही गई है।
‘तेजस्वी प्रण’ में शिक्षा सिर्फ एक मुद्दा नहीं, बल्कि बिहार की नई दिशा और दशा का रोडमैप बताया गया है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि मतदाता इस शिक्षा क्रांति के वादे पर कितना भरोसा जताते हैं।