पटना:बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच महागठबंधन ने अपने घोषणापत्र ‘तेजस्वी प्रण’ में उस मुद्दे पर बड़ा दांव खेला है, जिसे बीजेपी बार-बार उसके खिलाफ इस्तेमाल करती रही है “जंगलराज” का आरोप।अब इसी टैग से छुटकारा पाने के लिए महागठबंधन ने कानून-व्यवस्था सुधार के 19 ठोस ऐलान किए हैं।
अपराध पर सख्ती और त्वरित न्याय की गारंटी
महागठबंधन ने वादा किया है कि महिला उत्पीड़न, अपहरण, हत्या, डकैती, साइबर अपराध और सांप्रदायिक हिंसा जैसे मामलों में समयबद्ध न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।इसके लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट और विशेष न्यायिक व्यवस्था की स्थापना की जाएगी, ताकि दलित, महिला और कमजोर वर्गों से जुड़े मामलों में तुरंत सुनवाई हो सके।
पहली कैबिनेट में 1.24 लाख पुलिस भर्ती का फैसला
घोषणापत्र में कहा गया है कि सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में बिहार पुलिस की 50% से अधिक रिक्तियां (करीब 1.24 लाख पद) भरने का निर्णय लिया जाएगा।
महागठबंधन का कहना है कि “कानून का राज पुलिस बल की मजबूती से ही कायम हो सकता है।”
पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही
पुलिस एस्टैब्लिशमेंट बोर्ड को सशक्त बनाकर ट्रांसफर–पोस्टिंग में पारदर्शिता लाने की बात कही गई है।
साथ ही, SP और SHO के लिए निश्चित कार्यकाल तय किया जाएगा ताकि राजनीतिक हस्तक्षेप पर रोक लगे और जवाबदेही तय हो सके।
खुफिया तंत्र होगा दो-स्तरीय
राज्य और जिला स्तर पर दो-स्तरीय इंटेलिजेंस सिस्टम बनाया जाएगा, जो जातीय हिंसा, माफिया नेटवर्क, शराब और रेत तस्करी जैसी गतिविधियों पर निगरानी रखेगा।
हर जिले में स्पेशल ब्रांच के नियंत्रण में आधुनिक खुफिया तंत्र काम करेगा।
पुलिस गश्त दोगुनी, अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई
छह महीने के भीतर पूरे राज्य में पुलिस गश्ती वाहनों की संख्या दोगुनी की जाएगी।अपराध नियंत्रण में लापरवाही या एफआईआर दर्ज करने में देरी करने वाले पुलिसकर्मियों पर कठोर कार्रवाई का प्रावधान रहेगा।
भ्रष्टाचार पर नकेल और थानों की निगरानी
घोषणापत्र में कहा गया है कि थानों, अंचलों और सरकारी दफ्तरों में फैले भ्रष्टाचार पर ज़ीरो टॉलरेंस नीति लागू होगी।साथ ही, सभी थानों की 24×7 सीसीटीवी निगरानी होगी और उन्हें NCRB डेटा सिस्टम से जोड़ा जाएगा।
शहरी पुलिसिंग के लिए कमिश्नरेट सिस्टम
पटना सहित बड़े शहरों में कमिश्नरेट सिस्टम लागू किया जाएगा ताकि शहरी अपराधों पर त्वरित नियंत्रण संभव हो सके।ग्राम स्तर पर ग्राम न्यायालयों की संख्या बढ़ाकर छोटे विवादों का स्थानीय निपटारा किया जाएगा।
अवैध हथियार और माफिया पर अभियान
सरकार बनने के तीन महीने के भीतर अवैध हथियार निर्माण इकाइयों पर statewide अभियान चलाया जाएगा।महागठबंधन ने दावा किया है कि छह महीनों में दोषियों को सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक जांच प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
सामुदायिक पुलिसिंग और जनसहयोग
थानों में सामुदायिक सेवा रजिस्टर खोले जाएंगे, जहां स्थानीय स्तर पर छोटे विवादों का समाधान और जनता–पुलिस के बीच भरोसे का रिश्ता मजबूत किया जाएगा।
महागठबंधन का दावा:
“अब बिहार में न जंगलराज रहेगा, न भयराज ,रहेगा कानून का राज।”
तेजस्वी यादव ने कहा, “बीजेपी ने सिर्फ आरोपों की राजनीति की, हमने समाधान की रूपरेखा दी है।”