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नालंदा के पावापुरी में सोशल मीडिया प्रेमजाल से अपहरण और फिरौती का खुलासा, मुख्य आरोपी युवती गिरफ्तार

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नालंदा के पावापुरी में सोशल मीडिया के जरिए युवकों को प्रेमजाल में फंसाकर अपहरण और फिरौती वसूलने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है। पुलिस ने मुख्य आरोपी युवती को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है।

नालंदा/आलम की खबर:बिहार के नालंदा जिले से एक बेहद चौंकाने वाला और खतरनाक अपराध का मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया की दुनिया और युवा वर्ग दोनों के लिए चेतावनी का संकेत दिया है। पावापुरी क्षेत्र में एक ऐसे गिरोह का खुलासा हुआ है, जो सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को प्रेमजाल में फंसाकर उनका अपहरण करता था और बाद में परिजनों से मोटी फिरौती की मांग करता था।

इस पूरे मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी युवती को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके अन्य साथियों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह सुनियोजित तरीके से काम करता था और युवाओं को निशाना बनाकर उन्हें जाल में फंसाता था।

जानकारी के अनुसार, यह युवती सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए पहले युवकों से संपर्क करती थी। शुरुआत में दोस्ती और बातचीत का सिलसिला चलता था, जो धीरे-धीरे भावनात्मक संबंधों में बदल जाता था। इसके बाद युवती उन्हें प्रेमजाल में फंसा लेती थी और उनका भरोसा जीत लेती थी।

जब युवक पूरी तरह से उसके जाल में फंस जाता था, तब उसे किसी बहाने से बुलाया जाता था। जैसे ही युवक निर्धारित स्थान पर पहुंचता था, पहले से मौजूद उसके गिरोह के सदस्य उसे अगवा कर लेते थे।

ताजा मामला शेखपुरा जिले के शेखोपुरसराय थाना क्षेत्र के पांची गांव निवासी सागर रविदास के पुत्र विक्रम कुमार से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि विक्रम कुमार को इसी तरीके से फंसाया गया और बाद में उसका अपहरण कर लिया गया।

अपहरण के बाद आरोपी गिरोह ने युवक के परिजनों से छह लाख रुपये की फिरौती की मांग की। लगातार फोन कॉल आने पर परिजनों को संदेह हुआ और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पावापुरी ओपी पुलिस और जिला इंटेलिजेंस यूनिट (DIU) की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए महज कुछ ही घंटों के भीतर अपहृत युवक को सुरक्षित बरामद कर लिया।

इस पूरे मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी युवती संध्या कुमारी को भी गिरफ्तार कर लिया है, जो पावापुरी ओपी क्षेत्र के चोरसुआ गांव की रहने वाली है। गिरफ्तारी के बाद उससे गहन पूछताछ की जा रही है।

पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, युवती ने स्वीकार किया है कि उसने सोशल मीडिया के जरिए युवक से दोस्ती की और फिर उसे प्रेमजाल में फंसाकर अपने साथियों की मदद से अपहरण की योजना को अंजाम दिया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित गिरोह हो सकता है, जो लंबे समय से इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। अब इस गिरोह के बाकी सदस्यों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी भी संभव है।

इस मामले को लेकर सुनील कुमार सिंह ने बताया कि बुधवार की रात पावापुरी ओपी को अपहरण और फिरौती की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने बिना समय गंवाए कार्रवाई शुरू कर दी।

पुलिस और डीआईयू टीम की तत्परता के कारण ही अपहृत युवक को सुरक्षित बचा लिया गया और बड़ी वारदात को टाल दिया गया। अधिकारियों ने इस कार्रवाई को बड़ी सफलता बताया है।

फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं और यह नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सोशल मीडिया पर बढ़ती दोस्ती और भरोसा किस तरह अपराध का माध्यम बन सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन संबंधों में सावधानी बेहद जरूरी है।

स्थानीय लोगों ने इस घटना के बाद राहत की सांस ली है और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। वहीं, प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति से सोशल मीडिया पर बातचीत करते समय सतर्क रहें।

फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश होने की उम्मीद है।

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