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वैशाली महनार डकैती कांड का बड़ा खुलासा, नेपाल-बिहार गैंग के 3 अपराधी गिरफ्तार, कुख्यात जयराम पासवान पहली बार पुलिस की गिरफ्त में

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वैशाली पुलिस ने महनार में हुए स्वर्ण व्यवसायी के घर डकैती कांड का खुलासा करते हुए नेपाल और बिहार गैंग से जुड़े तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है। कुख्यात जयराम पासवान पहली बार पुलिस की गिरफ्त में आया है।

वैशाली/आलम की खबर:बिहार के वैशाली जिले में चर्चित महनार डकैती कांड का पुलिस ने बड़ा खुलासा कर दिया है। 21 अप्रैल की देर रात स्वर्ण व्यवसायी के घर हुई इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी। अब पुलिस ने इस मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए नेपाल और बिहार से जुड़े अंतरराष्ट्रीय अपराधी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।

वैशाली पुलिस ने इस कार्रवाई में तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो नेपाली नागरिक भी शामिल हैं। सबसे बड़ी सफलता पुलिस को तब मिली जब कुख्यात डकैत जयराम पासवान को गिरफ्तार किया गया। बताया जा रहा है कि यह पहली बार है जब जयराम पासवान पुलिस की गिरफ्त में आया है, जबकि वह लंबे समय से नेपाल और बिहार पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था।

पुलिस जांच में सामने आया है कि जयराम पासवान पर बिहार और नेपाल में डकैती, आर्म्स एक्ट और बमबाजी जैसे गंभीर मामलों में दर्जनों केस दर्ज हैं। उसकी आपराधिक गतिविधियां लगभग तीन दशकों से जारी थीं, लेकिन वह लगातार पुलिस से बचता रहा था। कई बार अपराध के बाद वह विदेश भाग जाता था और कुछ समय बाद फिर लौटकर घटनाओं को अंजाम देता था।

इस पूरे डकैती कांड का खुलासा करते हुए वैशाली एसपी ने बताया कि यह घटना किसी एक गैंग द्वारा नहीं बल्कि नेपाल और बिहार के संयुक्त अपराधी नेटवर्क द्वारा अंजाम दी गई थी। इतना ही नहीं, जांच में यह भी सामने आया कि इस वारदात में कुछ ऐसे अपराधी भी शामिल थे जो हाल के वर्षों में अस्थिर हालात का फायदा उठाकर सक्रिय हुए थे।

पुलिस के अनुसार इस डकैती की योजना बिहार के बेतिया में एक शादी समारोह के दौरान बनाई गई थी। इसी कार्यक्रम में बिहार और नेपाल के कई अपराधी एक साथ इकट्ठा हुए थे। यहीं पर पूरी योजना तैयार की गई और महनार में स्वर्ण व्यवसायी के घर को निशाना बनाने का फैसला लिया गया।

योजना के तहत अपराधियों ने रात के समय घर पर धावा बोला और भारी मात्रा में नकदी व जेवरात लूटकर फरार हो गए। घटना के बाद से ही पुलिस लगातार जांच में जुटी हुई थी और विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था।

जांच के दौरान सबसे पहले शिवहर निवासी राजीव सिंह को गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने आगे बढ़ते हुए नेपाल के नागरिक जयराम पासवान और भोला साह को भी गिरफ्तार कर लिया। इन सभी आरोपियों के पास से चोरी की दो मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं।

हालांकि, पुलिस को अभी तक लूटा गया पूरा सामान बरामद नहीं हो सका है। इस बीच जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह का मुख्य सरगना इदरीश नट अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

वैशाली एसपी विक्रम सिहाग ने बताया कि यह गिरोह काफी संगठित तरीके से काम करता था और नेपाल से लेकर बिहार के कई जिलों तक इसका नेटवर्क फैला हुआ था। गिरोह में शामिल अपराधी वारदात के बाद पहचान बदलकर फरार हो जाते थे, जिससे उन्हें पकड़ना बेहद मुश्किल हो जाता था।

एसपी ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों पर पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। जयराम पासवान पर 24, भोला साह पर 11 और राजीव सिंह पर 2 गंभीर आपराधिक केस दर्ज हैं। इनमें डकैती, हथियार अधिनियम और विस्फोटक सामग्री से जुड़े मामले शामिल हैं।

पुलिस ने इस सफलता को बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह कार्रवाई SIT टीम की मेहनत और तकनीकी जांच का परिणाम है। एसपी ने इस पूरे ऑपरेशन में शामिल अधिकारियों और जवानों को सम्मानित करने की भी घोषणा की है।

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया है कि बिहार-नेपाल सीमा क्षेत्र में संगठित अपराधी गिरोह सक्रिय हैं, जिन पर सख्त निगरानी और लगातार कार्रवाई की जरूरत है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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