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बिहार पुलिस में 15,821 पदों पर बंपर बहाली, पूर्व सैनिकों और CAPF जवानों के लिए बड़ा मौका

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बिहार पुलिस में विशेष सहायक पुलिस (SAP) के 15,821 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। पूर्व सैनिकों और CAPF के रिटायर्ड जवानों को मौका मिलेगा। जानिए रैली की तारीख, योग्यता, वेतन और चयन प्रक्रिया की पूरी जानकारी।

पटना/आलम की खबर:बिहार में रोजगार की तलाश कर रहे पूर्व सैनिकों और केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों से सेवानिवृत्त जवानों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य सरकार ने विशेष सहायक पुलिस यानी SAP में बड़े पैमाने पर बहाली की तैयारी शुरू कर दी है। बिहार पुलिस मुख्यालय की ओर से 15,821 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया गया है। यह भर्ती संविदा के आधार पर होगी और इसमें पहली बार केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के रिटायर्ड जवानों को भी शामिल होने का अवसर दिया गया है। इस फैसले के बाद पूर्व सैनिकों के बीच उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।बिहार पुलिस मुख्यालय ने इस भर्ती प्रक्रिया के संचालन के लिए दानापुर कैंट स्थित सेना रोजगार कल्याण संगठन को नोडल एजेंसी बनाया है। भर्ती रैलियों का आयोजन 1 जून से 6 जून तक अलग-अलग प्रमंडलों के अनुसार किया जाएगा। सभी रैलियां सुबह 6:30 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित होंगी। इस दौरान अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच, मेडिकल परीक्षण और अन्य प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।

इस भर्ती अभियान को बिहार सरकार की बड़ी पहल माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य पुलिस व्यवस्था में अनुभवी और प्रशिक्षित जवानों को शामिल कर कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाना है। चूंकि पूर्व सैनिक और अर्द्धसैनिक बलों के जवान पहले से अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था में प्रशिक्षित होते हैं, इसलिए उन्हें प्राथमिकता दी जा रही है।

भर्ती कार्यक्रम को प्रमंडलवार बांटा गया है ताकि अलग-अलग जिलों से आने वाले अभ्यर्थियों को सुविधा मिल सके। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 जून को पूर्णिया, भागलपुर और दरभंगा प्रमंडल के उम्मीदवार शामिल होंगे। 2 जून को कोसी, मुंगेर और सारण प्रमंडल के अभ्यर्थियों की प्रक्रिया होगी। 3 जून को तिरहुत प्रमंडल, 4 जून को मगध प्रमंडल और 5 जून को पटना एवं नालंदा जिले के उम्मीदवारों को बुलाया गया है। वहीं 6 जून को भोजपुर, बक्सर, रोहतास और भभुआ क्षेत्र के अभ्यर्थी रैली में भाग लेंगे।

इस बार की भर्ती प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव यह किया गया है कि उम्मीदवारों की शारीरिक परीक्षा नहीं ली जाएगी। हालांकि मेडिकल जांच अनिवार्य रखी गई है। अधिकारियों का कहना है कि चूंकि आवेदन करने वाले अभ्यर्थी पहले से सेना या अर्द्धसैनिक बलों में सेवाएं दे चुके हैं, इसलिए उनकी कार्यक्षमता और प्रशिक्षण को ध्यान में रखते हुए चयन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है।

भर्ती में शामिल होने के लिए उम्मीदवार का बिहार का स्थायी निवासी होना जरूरी होगा। इसके लिए संबंधित अंचलाधिकारी द्वारा जारी आवासीय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य रहेगा। राज्य सरकार की आरक्षण नीति का पूरी तरह पालन किया जाएगा और सभी वर्गों के लिए निर्धारित सीटें सुरक्षित रहेंगी।

इस भर्ती प्रक्रिया में तकनीकी अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। आधुनिक हथियारों के संचालन का ज्ञान रखने वाले अभ्यर्थियों को वरीयता मिलेगी। इसके अलावा बम डिटेक्शन और डिस्पोजल, आपदा प्रबंधन, वाहन संचालन, तैराकी, गोताखोरी और मोटरबोट संचालन का अनुभव रखने वाले उम्मीदवार चयन प्रक्रिया में अधिक मजबूत माने जाएंगे।

अगर पदों की बात करें तो कुल 15,821 रिक्तियों में 148 पद जेसीओ के लिए निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा 15,135 पद SAP जवानों के लिए और 538 पद रसोईया के लिए तय किए गए हैं। अलग-अलग पदों के लिए वेतनमान भी निर्धारित किया गया है। जेसीओ को 35 हजार रुपये प्रतिमाह, SAP जवानों को 30 हजार रुपये प्रतिमाह और रसोईया को 25 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा।

इसके अतिरिक्त चयनित अभ्यर्थियों को बिहार पुलिस के जवानों के समान वर्दी, यात्रा भत्ता और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। नियुक्ति प्रारंभ में एक वर्ष के अनुबंध पर होगी, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है। इससे पूर्व सैनिकों और रिटायर्ड जवानों को स्थिर रोजगार का अवसर मिलेगा।

चयनित SAP जवानों की तैनाती केवल पुलिस विभाग तक सीमित नहीं रहेगी। उन्हें परिवहन विभाग, उत्पाद विभाग और खनन विभाग में भी जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं। सरकार का मानना है कि अनुभवी जवान इन विभागों में बेहतर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कर सकते हैं। हालांकि नियुक्ति के बाद किसी भी जवान की पोस्टिंग उसके गृह जिले में नहीं की जाएगी। सभी जवान संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक के नियंत्रण में कार्य करेंगे।

भर्ती में आरक्षण व्यवस्था का भी पूरा ध्यान रखा गया है। कुल पदों में बड़ी संख्या अनारक्षित वर्ग के लिए निर्धारित की गई है, जबकि अत्यंत पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग, महिलाओं, अनुसूचित जनजाति और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए भी अलग-अलग सीटें आरक्षित की गई हैं। इससे विभिन्न सामाजिक वर्गों के उम्मीदवारों को समान अवसर मिलने की उम्मीद है।

भर्ती प्रक्रिया को लेकर बिहार पुलिस मुख्यालय ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं ताकि उम्मीदवारों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। अभ्यर्थी एसटीएफ कार्यालय और दानापुर कैंट स्थित क्षेत्रीय कार्यालय से संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अधिकारियों ने उम्मीदवारों से अपील की है कि वे निर्धारित समय पर सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ भर्ती स्थल पर पहुंचें।

राज्य में लंबे समय बाद इतनी बड़ी संख्या में SAP बहाली होने जा रही है। इसे बिहार पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। खास बात यह है कि इस भर्ती से हजारों पूर्व सैनिकों और रिटायर्ड अर्द्धसैनिक जवानों को रोजगार का नया अवसर मिलेगा। इससे एक तरफ अनुभवी सुरक्षा कर्मियों का उपयोग होगा, वहीं दूसरी तरफ राज्य की कानून-व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

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