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Mother’s Day 2026: DIG आमिर जावेद बोले- “कुरान में मां का सबसे ज्यादा हक, मेरे लिए हर दिन मदर्स डे”

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PATNA/आलम की खबर: मदर्स डे के अवसर पर जब पूरी दुनिया मां के सम्मान, त्याग और प्रेम को याद कर रही है, तब बिहार पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी DIG आमिर जावेद का एक भावुक संदेश लोगों के दिलों को छू रहा है। उन्होंने मां के महत्व को लेकर ऐसी बात कही, जिसने सोशल मीडिया से लेकर आम लोगों के बीच खास चर्चा पैदा कर दी। DIG आमिर जावेद ने कहा कि “अल्लाह ने कुरान में सबसे ज्यादा हक मां को दिया है और मेरे लिए तो हर दिन मदर्स डे है।”
उनका यह बयान केवल एक औपचारिक शुभकामना नहीं, बल्कि मां के प्रति सम्मान, संस्कार और भावनाओं से जुड़ा गहरा संदेश माना जा रहा है। मदर्स डे के मौके पर उनके इस विचार को लोग काफी सराह रहे हैं। कई लोगों ने इसे मां के सम्मान को लेकर बेहद प्रेरणादायक और दिल को छू लेने वाला संदेश बताया।
DIG आमिर जावेद ने कहा कि मां केवल जन्म देने वाली नहीं होती, बल्कि वह इंसान की पहली शिक्षक, पहली मार्गदर्शक और सबसे बड़ी ताकत होती है। उन्होंने कहा कि दुनिया में चाहे कितने भी रिश्ते क्यों न हों, मां का स्थान सबसे अलग और सबसे ऊंचा होता है। एक मां अपने बच्चों के लिए जो त्याग करती है, उसका कोई मुकाबला नहीं हो सकता।
उन्होंने कुरान का जिक्र करते हुए कहा कि इस्लाम में मां को बेहद सम्मानजनक स्थान दिया गया है। मां की सेवा और इज्जत को सबसे बड़ा फर्ज माना गया है। उन्होंने कहा कि इंसान चाहे कितना भी बड़ा क्यों न बन जाए, मां की दुआ और मां का साथ उसके जीवन की सबसे बड़ी ताकत बना रहता है।
DIG आमिर जावेद ने अपने निजी अनुभव साझा करते हुए कहा कि जीवन के हर कठिन दौर में मां की बातें उन्हें हिम्मत देती रही हैं। उन्होंने कहा कि जब भी जिंदगी में दबाव, चुनौती या कठिन परिस्थिति आई, तब मां की सीख और दुआ ने उन्हें संभाला। उनके अनुसार, मां केवल परिवार नहीं संभालती बल्कि बच्चों के भीतर अच्छे इंसान बनने की नींव भी तैयार करती है।
उन्होंने कहा कि आज के दौर में लोग अक्सर अपने काम और व्यस्त जिंदगी में इतने उलझ जाते हैं कि मां-बाप के साथ समय बिताना कम हो जाता है। लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि मां की खुशी और दुआ से बड़ी कोई दौलत नहीं होती। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने माता-पिता, खासकर मां का सम्मान करें और उन्हें समय दें।
DIG आमिर जावेद का यह संदेश ऐसे समय आया है जब सोशल मीडिया पर मदर्स डे को लेकर लाखों पोस्ट और तस्वीरें साझा की जा रही हैं। लेकिन उनका बयान इस वजह से अलग माना जा रहा है क्योंकि इसमें केवल औपचारिकता नहीं बल्कि भावनात्मक गहराई और संस्कार की झलक दिखाई देती है। उन्होंने साफ कहा कि मां के लिए सम्मान किसी एक दिन तक सीमित नहीं होना चाहिए। यदि इंसान सच में मां की अहमियत समझता है, तो उसके लिए साल का हर दिन मदर्स डे होना चाहिए।
समाज के कई लोगों ने भी DIG आमिर जावेद के इस विचार की तारीफ की। लोगों का कहना है कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ऐसे संदेश समाज को परिवार और रिश्तों की अहमियत याद दिलाते हैं। खासकर युवाओं के लिए यह संदेश बेहद जरूरी है, क्योंकि आधुनिक जीवनशैली में कई बार परिवार से भावनात्मक दूरी बढ़ती जा रही है।
विशेषज्ञों का भी मानना है कि मां केवल भावनात्मक सहारा नहीं होती, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में सबसे बड़ी भूमिका निभाती है। बचपन में मिले संस्कार, अनुशासन और जीवन के मूल मूल्य अधिकतर मां से ही सीखने को मिलते हैं। यही वजह है कि हर सफल इंसान अपनी सफलता के पीछे मां के योगदान को सबसे बड़ा मानता है।
DIG आमिर जावेद ने कहा कि मां की डांट में भी प्यार छिपा होता है। कई बार बचपन में मां की सख्ती बुरी लगती है, लेकिन वही बातें आगे चलकर जिंदगी की सबसे बड़ी सीख बन जाती हैं। उन्होंने कहा कि मां हमेशा अपने बच्चों को अच्छा इंसान बनते देखना चाहती है और उसकी हर दुआ बच्चों के भविष्य से जुड़ी होती है।
मदर्स डे पर उनका यह बयान केवल एक संदेश नहीं बल्कि समाज के लिए एक सीख की तरह देखा जा रहा है। यह संदेश बताता है कि सफलता, पद और जिम्मेदारियों के बीच भी इंसान को अपनी जड़ों और रिश्तों को नहीं भूलना चाहिए। मां वह रिश्ता है, जो हर परिस्थिति में बिना किसी स्वार्थ के साथ खड़ा रहता है।
आज जब समाज तेजी से बदल रहा है और रिश्तों में दूरियां बढ़ती दिखाई दे रही हैं, तब ऐसे संदेश लोगों को परिवार की अहमियत का एहसास कराते हैं। DIG आमिर जावेद की बातों ने एक बार फिर यह साबित किया कि मां केवल एक शब्द नहीं, बल्कि इंसान की पूरी दुनिया होती है।

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