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बिहार में कैबिनेट विस्तार के बाद बड़ा प्रशासनिक बदलाव: 16 IPS अधिकारियों का तबादला, EOU से लेकर मगध क्षेत्र तक नई तैनाती

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बिहार सरकार ने सम्राट चौधरी कैबिनेट विस्तार के बाद पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल करते हुए 16 IPS अधिकारियों का तबादला किया है। मगध, EOU, ट्रैफिक और साइबर क्राइम समेत कई इकाइयों में नई जिम्मेदारी दी गई है।

पटना/आलम की खबर:बिहार में नई राजनीतिक स्थिति और सम्राट चौधरी कैबिनेट के विस्तार के तुरंत बाद राज्य प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था में बड़े पैमाने पर बदलाव की शुरुआत हो गई है। इसी कड़ी में गृह विभाग ने रविवार को एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी करते हुए भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के कुल 16 वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला कर दिया है। यह फेरबदल केवल सामान्य प्रशासनिक बदलाव नहीं बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था, सुरक्षा ढांचे और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली को नए सिरे से मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। सरकार ने एक साथ कई अहम इकाइयों जैसे EOU, ट्रैफिक, बी-सैप, साइबर क्राइम, रेलवे सुरक्षा, प्रशिक्षण और मगध क्षेत्र जैसे महत्वपूर्ण जोन में नए अधिकारियों की तैनाती कर दी है, जिससे पुलिस महकमे में व्यापक हलचल देखी जा रही है।

इस बड़े प्रशासनिक बदलाव में सबसे अहम निर्णयों में से एक यह रहा कि एडीजी ट्रैफिक के पद पर तैनात रहे सुधांशु कुमार को अब एडीजी विधि-व्यवस्था की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंप दी गई है। हालांकि उनके पास ट्रैफिक विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा, लेकिन अब राज्य की कानून-व्यवस्था को नियंत्रित करने में उनकी भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। माना जा रहा है कि सरकार ने यह फैसला बढ़ते अपराध और शहरी ट्रैफिक व्यवस्था दोनों को संतुलित करने के उद्देश्य से लिया है।

इसी तरह एडीजी डॉ. परेश सक्सेना को पुलिस प्रशासन में बड़ा पदोन्नति स्वरूप बदलाव देते हुए डीजी असैनिक सुरक्षा आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि एडीजी डॉ. निर्मल कुमार आजाद को डीजी प्रशिक्षण नियुक्त किया गया है। यह बदलाव पुलिस बल की ट्रेनिंग व्यवस्था और सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि प्रशिक्षण विभाग किसी भी पुलिस व्यवस्था की रीढ़ होता है और यहां सुधार का सीधा असर पूरे बल की कार्यक्षमता पर पड़ता है।

मगध क्षेत्र (गया) में भी बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है, जहां आईजी क्षत्रनील सिंह को वहां से हटाकर गृह विभाग में विशेष सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। उनकी जगह चर्चित आईपीएस अधिकारी विकास वैभव को मगध क्षेत्र का नया आईजी नियुक्त किया गया है। मगध क्षेत्र राज्य के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण पुलिस जोन में से एक माना जाता है, जहां नक्सल प्रभावित इलाके, शहरी अपराध और ग्रामीण सुरक्षा जैसी कई चुनौतियां एक साथ रहती हैं। ऐसे में विकास वैभव की नियुक्ति को राज्य सरकार की एक रणनीतिक तैनाती माना जा रहा है, जिससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।

आर्थिक अपराध इकाई (EOU) में भी बड़ा बदलाव किया गया है। डॉ. अमित कुमार जैन को अब EOU का नया एडीजी बनाया गया है, जबकि पहले इस पद पर कार्यरत नैयर हसनैन खान को बी-सैप (Bihar Special Armed Police) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। EOU राज्य में आर्थिक अपराध, भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं की जांच करने वाली सबसे महत्वपूर्ण इकाई मानी जाती है, इसलिए इस पद पर बदलाव को काफी अहम माना जा रहा है। वहीं बी-सैप की जिम्मेदारी मिलने के बाद नैयर हसनैन खान को राज्य की विशेष सशस्त्र पुलिस व्यवस्था को और मजबूत करने की चुनौती दी गई है।

इसके अलावा पुलिस मुख्यालय और तकनीकी इकाइयों में भी व्यापक फेरबदल हुआ है। डॉ. कमल किशोर सिंह को रेलवे सुरक्षा के एडीजी के रूप में नियुक्त किया गया है, जबकि अजिताभ कुमार को राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो (SCRB) और आधुनिकीकरण की जिम्मेदारी दी गई है। यह विभाग पुलिस डेटा, रिकॉर्ड और तकनीकी सुधार से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसे आधुनिक पुलिस व्यवस्था का आधार माना जाता है।

इसी क्रम में संजय सिंह को एडीजी बजट, अपील एवं कल्याण के साथ-साथ एडीजी सुरक्षा की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है, जिससे उनके ऊपर वित्तीय और प्रशासनिक दोनों प्रकार के दायित्व बढ़ गए हैं। वहीं चर्चित आईपीएस अधिकारी अमित लोढ़ा को तकनीकी सेवाएं एवं संचार विभाग का एडीजी नियुक्त किया गया है, जो पुलिस संचार व्यवस्था और तकनीकी नेटवर्क को संभालता है। साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए अमृत राज को साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई का एडीजी बनाया गया है, जो वर्तमान समय की सबसे महत्वपूर्ण नियुक्तियों में से एक मानी जा रही है।

गृह विभाग में भी महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है, जहां विशेष सचिव केएस अनुपम को अपराध अनुसंधान विभाग (CID) में कमजोर वर्ग का एडीजी बनाया गया है। इसके अलावा आईजी स्तर पर भी कई बदलाव किए गए हैं, जिनमें पी. कन्नन को आईजी प्रोविजनिंग, रंजीत कुमार मिश्रा को आईजी CID और संजय कुमार को आईजी विशेष शाखा की जिम्मेदारी दी गई है। यह सभी बदलाव पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को और अधिक गतिशील बनाने के उद्देश्य से किए गए हैं।

इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल के साथ बिहार पुलिस सेवा के एक अधिकारी का भी तबादला किया गया है, जिसमें बेतिया सदर के एसडीपीओ-1 विवेक दीप को विशेष सुरक्षा दल में डीएसपी के रूप में भेजा गया है। यह दिखाता है कि सरकार केवल वरिष्ठ अधिकारियों ही नहीं बल्कि निचले स्तर पर भी प्रशासनिक संतुलन बनाने की दिशा में सक्रिय है।

कुल मिलाकर यह पूरा फेरबदल बिहार पुलिस व्यवस्था में एक बड़े पुनर्गठन के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना, अपराध नियंत्रण को मजबूत करना और तकनीकी रूप से पुलिस व्यवस्था को आधुनिक बनाना है। आने वाले समय में इन बदलावों का असर राज्य की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर साफ तौर पर देखने को मिलेगा।

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