:
Breaking News

NEET UG 2026 रद्द होने पर बिहार में सियासी बवाल तेज, तेजस्वी यादव ने सरकार पर उठाए गंभीर सवाल

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक विवाद के बाद बिहार में सियासत गरमा गई है। तेजस्वी यादव ने सरकार पर 23 लाख छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगाया है।

पटना/आलम की खबर:देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 को पेपर लीक विवाद के बाद रद्द किए जाने से पूरे देश में हड़कंप मच गया है और इसका सीधा असर अब बिहार की राजनीति पर भी देखने को मिल रहा है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने गंभीर अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों के सामने आने के बाद परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया है, जबकि मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई है। इस फैसले के बाद छात्रों में भारी आक्रोश और असमंजस का माहौल है, वहीं राजनीतिक दलों के बीच भी आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। इसी क्रम में नेता प्रतिपक्ष और बिहार के प्रमुख विपक्षी नेता Tejashwi Yadav ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे लाखों छात्रों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ बताया है।

तेजस्वी यादव ने कहा कि देशभर के करीब 23 लाख छात्रों की मेहनत और उम्मीदों पर एक बार फिर पानी फेर दिया गया है और यह स्थिति प्रशासनिक विफलता को दर्शाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब परीक्षा जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया को भी सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से आयोजित नहीं किया जा सकता, तो फिर व्यवस्था की जवाबदेही किसकी है। उन्होंने यह भी कहा कि बार-बार पेपर लीक की घटनाएं यह साबित करती हैं कि कहीं न कहीं सिस्टम के भीतर गंभीर खामियां मौजूद हैं, जिन पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।

इस पूरे मामले की जांच अब Central Bureau of Investigation को सौंप दी गई है, लेकिन विपक्ष का कहना है कि सिर्फ जांच से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली में संरचनात्मक सुधार की आवश्यकता है। तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि यदि दोबारा परीक्षा आयोजित की जाती है तो इससे छात्रों और उनके अभिभावकों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ेगा, क्योंकि देशभर में लाखों विद्यार्थी अलग-अलग परीक्षा केंद्रों तक पहुंचेंगे, जिससे यात्रा खर्च, समय और मानसिक दबाव बढ़ जाएगा।

उन्होंने आगे यह भी सवाल उठाया कि क्या सरकार ने इस पूरे नुकसान का कोई आकलन किया है या नहीं, और क्या सिर्फ औपचारिक जांच के सहारे इस गंभीर मुद्दे को खत्म किया जा सकता है। उनका कहना है कि यह केवल एक परीक्षा का मामला नहीं है, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक क्षमता पर बड़ा सवाल है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

NEET UG 2026 रद्द होने के बाद बिहार में राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्म हो गया है और विपक्ष लगातार सरकार को घेरने में लगा हुआ है। छात्रों के बीच भी गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है, क्योंकि महीनों की मेहनत और तैयारी अब अनिश्चितता के दौर में पहुंच गई है। कई छात्रों का कहना है कि यह फैसला उनके भविष्य को प्रभावित करेगा और वे मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *