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समस्तीपुर में युवक को मारी गोली: शराब कारोबारियों को सूचना देने के शक में हमला, इलाके में दहशत

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समस्तीपुर के विभूतिपुर में राहुल कुमार उर्फ पनियां को अपराधियों ने गोली मारकर घायल कर दिया। शराब कारोबारियों को पुलिस सूचना देने के शक में हमले की बात सामने आई है। पुलिस आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

समस्तीपुर/आलम की खबर:समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर थाना क्षेत्र में सोमवार रात हुई गोलीबारी की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। अपराधियों ने एक युवक को बीच सड़क पर गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद इलाके में भय और तनाव का माहौल है। घायल युवक की पहचान राहुल कुमार उर्फ पनियां के रूप में हुई है, जिसका इलाज अस्पताल में चल रहा है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि शराब कारोबारियों को पुलिस तक सूचना पहुंचाने के शक में इस वारदात को अंजाम दिया गया।

घटना विभूतिपुर थाना क्षेत्र के देसरी बांध स्थित बजरंगबली मंदिर के पास की बताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार रात के समय अचानक गोलियों की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद आसपास के लोग दहशत में आ गए। मौके पर पहुंचे लोगों ने देखा कि एक युवक सड़क किनारे घायल अवस्था में पड़ा हुआ है। उसके पैर में गोली लगी थी और वह दर्द से तड़प रहा था। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।

बताया जा रहा है कि राहुल कुमार अपने दोस्त सोनू कुमार के साथ हरिचक इलाके के एक ढाबे पर खाना खाने गया था। दोनों देर रात बाइक से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए अपराधियों ने उन्हें घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दो बाइक पर सवार चार हथियारबंद बदमाशों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुए हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। एक गोली राहुल के पैर में लगी, जिससे वह सड़क पर गिर पड़ा, जबकि हमलावर मौके से फरार हो गए।

घटना के बाद घायल राहुल ने पुलिस को दिए बयान में गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि इलाके में सक्रिय शराब कारोबारियों को यह शक था कि वह पुलिस को गुप्त सूचना देता है, जिसके कारण शराब की खेप पकड़ी जाती है। इसी रंजिश में उसे निशाना बनाया गया। राहुल ने यह भी दावा किया कि उसे पहले भी कई बार जान से मारने की धमकी मिल चुकी थी।

घायल युवक ने पुलिस को कुछ नाम भी बताए हैं। उसने आरोप लगाया कि पतैलिया निवासी गौरव कुमार उर्फ बुटन, गंगौली निवासी रौशन कुमार और बरौनी निवासी एक युवक समेत अन्य लोगों ने इस वारदात को अंजाम दिया है। राहुल का कहना है कि कुछ दिन पहले भी आरोपित उसके घर पहुंचे थे और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी।

घटना की जानकारी मिलते ही विभूतिपुर थाना पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस ने घायल युवक के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। थानाध्यक्ष सुनील कुमार झा ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

हालांकि इस मामले में एक और पहलू भी सामने आया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार घायल राहुल कुमार उर्फ पनियां पर भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। बताया जा रहा है कि उस पर आर्म्स एक्ट समेत आधा दर्जन से अधिक केस पहले से दर्ज हैं और वह जेल भी जा चुका है। ऐसे में पुलिस इस घटना को आपसी रंजिश, गैंग विवाद और शराब कारोबार से जुड़े एंगल से भी जांच रही है।

इधर, गोलीबारी की घटना के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में अपराध और शराब कारोबार का नेटवर्क लगातार बढ़ता जा रहा है। रात के समय सड़क पर निकलना भी असुरक्षित महसूस होने लगा है। ग्रामीणों ने पुलिस गश्त बढ़ाने और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

इस घटना ने एक बार फिर बिहार में सक्रिय अवैध शराब कारोबार और उससे जुड़े अपराध जगत की सच्चाई को सामने ला दिया है। आए दिन शराब कारोबारियों और अपराधियों के बीच वर्चस्व की लड़ाई, पुलिस मुखबिरी के शक और आपसी गैंगवार जैसी घटनाएं कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बनती जा रही हैं।

फिलहाल घायल युवक का इलाज जारी है और डॉक्टरों की निगरानी में उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही मामले में शामिल अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

संपादकीय: शराब माफिया और बढ़ता अपराध, आखिर कब थमेगा खौफ?

समस्तीपुर के विभूतिपुर में युवक को गोली मारने की घटना केवल एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि समाज और प्रशासन दोनों के लिए गंभीर चेतावनी है। यदि किसी व्यक्ति को केवल इस शक में निशाना बनाया जा रहा है कि वह शराब कारोबारियों की सूचना पुलिस तक पहुंचाता है, तो यह साफ संकेत है कि अवैध कारोबार से जुड़े अपराधियों का मनोबल लगातार बढ़ रहा है।

बिहार में शराबबंदी लागू होने के बावजूद अवैध शराब का नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं हो सका है। कई इलाकों में शराब माफिया अब संगठित रूप में काम कर रहे हैं और उनके खिलाफ आवाज उठाने वाले लोग खुद असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। यह स्थिति कानून-व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा है।

इस मामले का दूसरा चिंताजनक पहलू यह भी है कि अपराधियों ने खुलेआम सड़क पर फायरिंग की। इससे साफ है कि उन्हें पुलिस या कानून का डर नहीं रह गया है। अगर अपराधी इसी तरह बेखौफ होकर वारदात करते रहे, तो आम लोगों का सुरक्षा व्यवस्था से भरोसा उठना तय है।

सिर्फ गिरफ्तारी और छापेमारी ही समाधान नहीं है। जरूरत इस बात की है कि प्रशासन शराब और अपराध के गठजोड़ को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार और प्रभावी अभियान चलाए। साथ ही, स्थानीय स्तर पर पुलिस की सक्रियता और खुफिया तंत्र को भी मजबूत करना होगा।

समाज को भी यह समझना होगा कि अपराध और अवैध कारोबार के खिलाफ चुप्पी आखिरकार पूरे इलाके को असुरक्षित बना देती है। जब तक कानून का डर अपराधियों के मन में वापस नहीं लौटेगा, तब तक ऐसी घटनाएं रुकने वाली नहीं हैं।

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