:
Breaking News

Bihar IAS Transfer 2026: बिहार में बड़े पैमाने पर IAS अधिकारियों का तबादला, कई विभागों में बदली जिम्मेदारियां

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

बिहार सरकार ने सचिव स्तर समेत कई IAS अधिकारियों का तबादला किया है। कई विभागों में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं, जबकि कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है। जानिए पूरी सूची और प्रशासनिक फेरबदल का असर।

पटना/आलम की खबर:बिहार सरकार ने राज्य प्रशासन को अधिक सक्रिय, जवाबदेह और परिणाम आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए व्यापक प्रशासनिक फेरबदल किया है। सचिव स्तर से लेकर जिला प्रशासन तक कई भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों का तबादला और पुनर्पदस्थापन किया गया है। इस बड़े बदलाव के तहत विभिन्न विभागों में नई जिम्मेदारियां तय की गई हैं, जबकि कई अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर प्रशासनिक संरचना को अधिक व्यवस्थित बनाने की कोशिश की गई है। राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के बाद प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आगामी विकास योजनाओं, विभागीय मॉनिटरिंग और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को तेजी से लागू करने के उद्देश्य से यह बदलाव किया गया है।

सरकार द्वारा जारी आदेश में 1995 बैच से लेकर 2021 बैच तक के कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। इस फेरबदल में अनुभवी अधिकारियों के साथ-साथ युवा अधिकारियों को भी महत्वपूर्ण पदों पर मौका दिया गया है। सबसे अधिक चर्चा पटना के नए उप विकास आयुक्त (DDC) के रूप में शुभम कुमार की नियुक्ति को लेकर हो रही है। प्रशासनिक स्तर पर इसे राजधानी के विकास कार्यों और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

राज्य सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के. सेंथिल कुमार को नई जिम्मेदारी देते हुए श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग का अपर मुख्य सचिव नियुक्त किया है। इसके साथ ही उन्हें पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। सरकार का मानना है कि श्रम, रोजगार और सामाजिक कल्याण से जुड़े विभागों में समन्वय स्थापित करने के लिए अनुभवी प्रशासनिक नेतृत्व की आवश्यकता थी। दूसरी ओर एच.आर. श्रीनिवास को इस अतिरिक्त जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है, जिससे विभागीय कार्यों के पुनर्विन्यास का संकेत मिलता है।

प्रशासनिक फेरबदल में प्रमंडलीय स्तर पर भी बड़े बदलाव किए गए हैं। प्रेम सिंह मीणा को मुंगेर प्रमंडल के आयुक्त पद के साथ भागलपुर प्रमंडल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। माना जा रहा है कि दोनों प्रमंडलों में चल रही विकास परियोजनाओं और प्रशासनिक गतिविधियों की निगरानी को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। वहीं राजेश कुमार को कोसी प्रमंडल से हटाकर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है। राज्य में पेयजल, नल-जल योजना और ग्रामीण जलापूर्ति परियोजनाओं को लेकर सरकार गंभीर है, ऐसे में इस विभाग में अनुभवी अधिकारी की तैनाती को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यह भी पढ़ें: Alam Ki Khabar

पथ निर्माण विभाग में भी अहम बदलाव देखने को मिला है। पंकज कुमार पाल को विभाग का सचिव बनाया गया है। बिहार में सड़क और पुल निर्माण परियोजनाओं पर सरकार विशेष जोर दे रही है। ऐसे में विभागीय नेतृत्व में बदलाव को आगामी आधारभूत संरचना परियोजनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं अभय कुमार सिंह को खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से हटाकर सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का सचिव बनाया गया है। उन्हें BELTRON के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी जारी रखा गया है। डिजिटल गवर्नेंस, ऑनलाइन सेवाओं और तकनीकी परियोजनाओं को गति देने के लिए यह बदलाव अहम माना जा रहा है।

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की जिम्मेदारी अब दीपक आनंद को सौंपी गई है। इससे पहले वे श्रम संसाधन विभाग में कार्यरत थे। सार्वजनिक वितरण प्रणाली, राशन आपूर्ति और उपभोक्ता शिकायत निवारण को मजबूत करने की दिशा में सरकार इस विभाग को अधिक सक्रिय बनाना चाहती है। इसी क्रम में शिक्षा विभाग में भी बड़ा बदलाव हुआ है। विनोद सिंह गुंजियाल को शिक्षा विभाग का पूर्ण प्रभार दिया गया है, जबकि खेल विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी उनके पास रहेगी। शिक्षा व्यवस्था में सुधार, विद्यालयी ढांचे के विकास और खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार नए प्रशासनिक नेतृत्व पर भरोसा जता रही है।

इस बदलाव के कारण डॉ. बी. राजेंद्र को शिक्षा और खेल विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। इसके अलावा खनन विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग और अन्य कई प्रशासनिक इकाइयों में भी जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण किया गया है। सरकार का उद्देश्य विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और निर्णय प्रक्रिया को तेज करना बताया जा रहा है।

जिला प्रशासन स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण बदलाव सामने आए हैं। हिमांशु कुमार राय को दरभंगा के साथ कोसी प्रमंडल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वहीं हिमांशु शर्मा को जीविका से विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग का प्रभारी सचिव बनाया गया है। प्रशासनिक हलकों में इसे तकनीकी और नवाचार आधारित योजनाओं को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। इसके अतिरिक्त पूर्णिया, पटना, भोजपुर और नालंदा समेत कई जिलों में जिला पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त और अन्य अधिकारियों के तबादले किए गए हैं।

सरकारी सूत्रों के अनुसार यह प्रशासनिक पुनर्गठन केवल पदस्थापन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे आगामी विकास योजनाओं और शासन व्यवस्था को अधिक परिणामोन्मुख बनाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। सरकार चाहती है कि विभिन्न विभागों में कार्य निष्पादन की गति बढ़े, योजनाओं की निगरानी मजबूत हो और आम लोगों तक सरकारी सेवाओं की पहुंच अधिक प्रभावी तरीके से सुनिश्चित की जा सके। कई विभागों में लंबे समय से लंबित परियोजनाओं को तेजी से पूरा कराने के उद्देश्य से भी अनुभवी अधिकारियों की तैनाती की गई है।

राजनीतिक और प्रशासनिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फेरबदल आने वाले समय में बिहार सरकार की विकास प्राथमिकताओं को नई दिशा दे सकता है। विशेष रूप से शिक्षा, सड़क निर्माण, तकनीकी विकास, पेयजल और श्रम संसाधन जैसे विभागों में नए नेतृत्व से कार्यप्रणाली में बदलाव देखने को मिल सकता है। सरकार ने सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नए पदभार ग्रहण करने का निर्देश दिया है, जिससे स्पष्ट है कि प्रशासनिक मशीनरी को बिना देरी नए ढांचे के अनुरूप सक्रिय करने की तैयारी पूरी कर ली गई है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *