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बिहार मौसम अलर्ट: 16 जिलों में ऑरेंज और 12 में येलो अलर्ट, तेज आंधी-बारिश और वज्रपात की चेतावनी

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Bihar में मौसम ने अचानक करवट ली है। India Meteorological Department ने 16 जिलों में ऑरेंज और 12 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। अगले कुछ दिनों तक तेज आंधी, बारिश और वज्रपात का खतरा बना रहेगा।

पटना/आलम की खबर:Patna सहित पूरे Bihar में मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ले ली है और भीषण गर्मी व उमस से परेशान लोगों को अब तेज आंधी, बादलों की गड़गड़ाहट और बारिश का सामना करना पड़ रहा है। मौसम में यह बदलाव किसी मानव गतिविधि या किसी बाहरी हस्तक्षेप का परिणाम नहीं है, बल्कि पूरी तरह प्राकृतिक वायुमंडलीय परिस्थितियों और मौसमीय सिस्टम की सक्रियता के कारण हो रहा है, जिसे मौसम वैज्ञानिक लगातार मॉनिटर कर रहे हैं।

India Meteorological Department के अनुसार बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी युक्त हवाएं उत्तर भारत की ओर बढ़ रही हैं और इसके साथ ही एक निम्न दबाव क्षेत्र सक्रिय हो गया है। जब यह नमी वाली हवाएं गर्म सतह और गर्म वायुमंडल से टकराती हैं तो वातावरण में अस्थिरता पैदा होती है, जिसके कारण तेज आंधी, गरज-चमक, वज्रपात और अचानक बारिश की परिस्थितियां बनती हैं। यही कारण है कि बिहार के विभिन्न जिलों में मौसम तेजी से बदल रहा है और कहीं तेज बारिश तो कहीं केवल बादलों की आवाजाही देखने को मिल रही है।

राज्य में मौसम की इसी गंभीरता को देखते हुए मौसम विभाग ने 16 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि 12 जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, बक्सर, भोजपुर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल, जमुई, मुंगेर, खगड़िया, बांका और भागलपुर शामिल हैं, जहां तेज आंधी के साथ 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और वज्रपात के साथ मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में स्थिति अचानक बिगड़ सकती है, इसलिए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

वहीं पटना समेत 12 अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। कभी धूप, कभी बादल और बीच-बीच में हल्की बारिश की स्थिति बन सकती है, लेकिन इन क्षेत्रों में भी वज्रपात का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, इसलिए लोगों को खुले स्थानों में न रहने और मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी गई है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान स्थिति पूरी तरह बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और वायुमंडलीय दबाव में बदलाव का परिणाम है। इस समय वातावरण में लगभग 35 प्रतिशत तक नमी दर्ज की जा रही है और वायुदाब करीब 1003 मिलीबार के आसपास बना हुआ है, जो कि अस्थिर मौसम की स्थिति को दर्शाता है। जब तापमान अधिक होता है और ऊपर से नमी वाली हवाएं आती हैं तो बादल तेजी से बनते हैं और टूटते हैं, जिससे बिजली चमकने, तेज हवाएं चलने और अचानक बारिश होने की घटनाएं होती हैं।

राज्य के कई हिस्सों में तापमान अभी भी ऊंचा बना हुआ है, जिससे उमस और बेचैनी बढ़ गई है। शुक्रवार को कई जिलों में तापमान में वृद्धि दर्ज की गई, जिससे लोगों को दिन और रात दोनों समय गर्मी और चिपचिपाहट का सामना करना पड़ा। Patna में अधिकतम तापमान 37.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि भभुआ में 41.3 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पहुंच गया जो राज्य में सबसे अधिक रहा। गया जी में 37.6 डिग्री, भागलपुर में 35.6 डिग्री और मुजफ्फरपुर में 34 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। तापमान में मामूली बदलाव के बावजूद उमस ने लोगों की परेशानी को बढ़ा दिया है।

इधर कुछ जिलों में मौसम ने सक्रियता दिखानी शुरू कर दी है। रोहतास जिले के बिक्रमगंज क्षेत्र में 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं दर्ज की गईं, वहीं गया जी के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश भी देखने को मिली। बांका जिले के बांके बाजार क्षेत्र में लगभग 5 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जो यह संकेत देती है कि मौसम प्रणाली धीरे-धीरे पूरे राज्य में सक्रिय हो रही है और आने वाले दिनों में इसका प्रभाव और बढ़ सकता है।

मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 5 से 6 दिनों तक बिहार के अलग-अलग हिस्सों में मौसम पूरी तरह स्थिर नहीं रहेगा और लगातार बदलाव देखने को मिलेगा। कहीं तेज बारिश होगी, कहीं हल्की फुहारें पड़ेंगी और कहीं उमस भरी गर्मी बनी रहेगी। पुरवा हवाओं के सक्रिय रहने के कारण वातावरण में नमी बनी रहेगी, जिससे पूरी तरह गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है, हालांकि बीच-बीच में बारिश से कुछ राहत जरूर मिल सकती है।

मुजफ्फरपुर जिले के लिए विशेष चेतावनी जारी की गई है, जहां अगले 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। यहां 16 और 17 मई को 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है, जबकि 20 मई तक हल्की बारिश का सिलसिला रुक-रुक कर जारी रह सकता है।

कुल मिलाकर बिहार में मौसम एक बार फिर तेजी से बदल रहा है और जहां एक ओर यह बदलाव भीषण गर्मी से राहत दिला सकता है, वहीं दूसरी ओर वज्रपात और तेज हवाओं का खतरा भी बढ़ गया है। प्रशासन और मौसम विभाग दोनों ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें, पेड़ों या खुले मैदानों में शरण न लें और पूरी तरह सतर्क रहें ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।

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