:
Breaking News

औरंगाबाद में बच्चों से भरी पिकअप वैन पलटी, ओवरलोड वाहन हादसे में 10 से ज्यादा छात्र घायल

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

औरंगाबाद के नवीनगर में स्कूल जा रहे बच्चों से भरी पिकअप वैन पलट गई। हादसे में 10 से ज्यादा बच्चे घायल हुए हैं। वाहन ओवरलोड था और चालक पर मोबाइल पर बात करते हुए गाड़ी चलाने का आरोप लगा है।

औरंगाबाद / आलम की खबर:बिहार के औरंगाबाद जिले से शनिवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया, जहां स्कूली बच्चों को लेकर जा रही एक पिकअप वैन अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। इस हादसे में 10 से अधिक बच्चे घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में जुट गए। राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में किसी बच्चे की जान नहीं गई, लेकिन कई बच्चे चोट लगने से सहमे हुए दिखाई दिए।

यह हादसा नवीनगर प्रखंड के रामनगर इलाके में हुआ। स्थानीय लोगों के अनुसार स्कूल जा रहे बच्चों को प्रतिदिन जिस वाहन से लाया-ले जाया जाता था, उसी पिकअप वैन में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाया गया था। हादसे के बाद स्कूल प्रबंधन और वाहन चालक की लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।सुबह स्कूल जाते समय हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार कॉलेज मोड़ स्थित एक निजी स्कूल के बच्चों को गांवों से लाने के लिए रोजाना पिकअप वाहन का इस्तेमाल किया जाता था। शनिवार सुबह भी वाहन बच्चों को लेकर स्कूल की ओर जा रहा था।

बताया जा रहा है कि वाहन में लगभग 20 बच्चे सवार थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिकअप वाहन की क्षमता से कहीं अधिक बच्चों को बैठाया गया था। इसी दौरान रास्ते में चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और तेज रफ्तार वाहन सड़क किनारे पलट गया।

हादसा इतना अचानक हुआ कि वाहन में बैठे बच्चे घबरा गए और चीख-पुकार मच गई। कई बच्चे वाहन के अंदर फंस गए थे।

ग्रामीणों ने बचाई बच्चों की जान

वाहन पलटने की आवाज और बच्चों की चीख सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने काफी मेहनत के बाद बच्चों को वाहन से बाहर निकाला।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ बच्चे रो रहे थे जबकि कई बच्चों को हाथ, पैर और सिर में चोटें आई थीं। लोगों ने बिना समय गंवाए घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल और निजी क्लीनिक पहुंचाया।

कुछ बच्चों की हालत गंभीर होने की आशंका पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफरल अस्पताल भेजा गया।

चालक पर मोबाइल पर बात करने का आरोप

घटना के बाद कई स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि हादसे के समय चालक मोबाइल फोन पर बात कर रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि चालक का ध्यान सड़क से भटक गया था और वाहन तेज रफ्तार में था।

लोगों का कहना है कि यदि चालक सावधानी से वाहन चला रहा होता तो शायद यह हादसा टल सकता था। इस आरोप के बाद पुलिस भी चालक की भूमिका की जांच कर रही है।स्कूल प्रबंधन पर उठे सवाल

इस घटना के बाद स्कूल प्रबंधन की कार्यशैली को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस पिकअप वाहन का इस्तेमाल बच्चों को ढोने में किया जा रहा था, वह स्कूल वाहन के रूप में पंजीकृत नहीं था।

लोगों ने यह भी कहा कि लंबे समय से नियमों की अनदेखी कर बच्चों को असुरक्षित वाहनों में बैठाकर लाया-ले जाया जा रहा था। कई अभिभावकों ने दावा किया कि पहले भी इस व्यवस्था को लेकर चिंता जताई गई थी, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने गंभीरता नहीं दिखाई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से समझौता किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

पुलिस जांच में जुटी

घटना की सूचना मिलने के बाद नवीनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस अधिकारियों ने वाहन की स्थिति, चालक और स्कूल प्रबंधन से जुड़ी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।

अधिकारियों के अनुसार स्थानीय लोगों द्वारा आवेदन दिया गया है, जिसमें चालक की लापरवाही और ओवरलोडिंग का आरोप लगाया गया है। जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

स्कूल वाहनों की सुरक्षा फिर चर्चा में

इस हादसे ने एक बार फिर बिहार में स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई जिलों में स्कूलों द्वारा नियमों के विरुद्ध छोटे वाहनों में बड़ी संख्या में बच्चों को बैठाकर परिवहन कराने की शिकायतें सामने आती रही हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूल वाहन के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होने से बच्चों की जान जोखिम में पड़ जाती है। वाहन की फिटनेस, चालक का प्रशिक्षण और सीट क्षमता जैसे नियमों की अनदेखी गंभीर खतरा बन सकती है।

अभिभावकों में डर और गुस्सा

घटना के बाद बच्चों के अभिभावकों में डर और नाराजगी दोनों दिखाई दिए। कई माता-पिता अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंचे और बच्चों की हालत देखकर भावुक हो गए।

अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों को केवल पढ़ाई ही नहीं बल्कि बच्चों की सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। लोगों ने प्रशासन से जिले में चल रहे सभी स्कूल वाहनों की जांच कराने की मांग की है।प्रशासन पर सख्ती की मांग

स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि बिना पंजीकरण वाले और ओवरलोड स्कूल वाहनों पर तत्काल कार्रवाई की जाए।

लोगों का कहना है कि जब तक नियमों का सख्ती से पालन नहीं कराया जाएगा, तब तक ऐसे हादसे दोहराए जाते रहेंगे। कई लोगों ने स्कूल परिवहन व्यवस्था की नियमित जांच की भी मांग उठाई है।

निष्कर्ष

औरंगाबाद के नवीनगर में हुआ यह हादसा एक बड़ी चेतावनी की तरह सामने आया है। बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी लापरवाही किस तरह गंभीर हादसे का कारण बन सकती है, यह घटना उसका उदाहरण बन गई। हालांकि इस दुर्घटना में सभी बच्चों की जान बच गई, लेकिन इसने स्कूल वाहन व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। अब लोगों की नजर प्रशासनिक कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *